Twisha Sharma Death Case: गिरिबाला सिंह और समर्थ को घटनास्थल लेकर पहुंची सीबीआई, विशेषज्ञों की मौजूदगी में करेगी सीन रिक्रिएट
खबर सार :-
Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को उनके निजी बंगले यानी घटनास्थल पर लेकर पहुंची है। सीबीआई की टीम विशेषज्ञों की मौजूदगी में डमी की मदद से डेथ सीन को रिक्रिएट करने की तैयारी कर रही है।
खबर विस्तार : -
भोपाल: मध्य प्रदेश की जानी-मानी अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की CBI जांच अब एक बहुत ही तेज और वैज्ञानिक रूप से सटीक चरण में पहुंच गई है।
पांच दिन की संयुक्त रिमांड मिलने के बाद CBI की विशेष जांच टीम ने कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार सुबह रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को राज्य की राजधानी भोपाल में चार इमली स्थित अपने क्षेत्रीय कार्यालय से उनके निजी बंगले तक पहुंचाया। यह बंगला बागमुगालिया में स्थित है।
फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में जांच
अपराध स्थल पर पहुंचने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में घटना का "त्रि-आयामी पुनर्निर्माण" (three-dimensional recreation) करने की तैयारी में है। इसका मकसद मामले की विभिन्न कड़ियों को जोड़ना और मौत के असली कारण का पता लगाना है। इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ट्विशा के वजन जितना भारी एक पुतले को कमरे के अंदर फंदे से लटकाया जाएगा और फिर नीचे उतारा जाएगा। इस प्रक्रिया के जरिए जांच एजेंसी यह पता लगाना चाहती है कि क्या फंदे की ऊंचाई और कोण, साथ ही शव को नीचे उतारने के तरीके के बारे में आरोपी समर्थ द्वारा बताई गई बात अपराध स्थल पर देखी गई वास्तविक भौतिक स्थितियों से मेल खाती है या नहीं।
चश्मदीद व सुरक्षा गार्ड भी मौजूद
सूत्रों के अनुसार, घटना के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया के दौरान, CBI टीम ने उन सभी संभावित चश्मदीदों को बुलाया जो घटना वाले दिन बंगले के अंदर या उसके आसपास मौजूद थे। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड को भी मौके पर लाया गया है ताकि उसके बयानों की पुष्टि और मिलान किया जा सके। जब ये सारी कार्रवाई चल रही है, तब समर्थ सिंह के बड़े भाई भी बंगले के अंदर मौजूद हैं। CBI अधिकारी दोनों आरोपियों से पूछताछ करने की योजना बना रहे हैं।
डाॅक्टर से भी होगी पूछताछ
आरोपी समर्थ सिंह लगातार इस पूरी घटना को आत्महत्या का मामला साबित करने की कोशिश कर रहा है। उसका दावा है कि गर्भपात के बाद ट्विशा गहरे अवसाद (depression) में चली गई थी, जिसके चलते उसने कथित तौर पर यह जानलेवा कदम उठाया। हालांकि, CBI इस बात को आसानी से स्वीकार नहीं कर रही है। ट्विशा की प्रेग्नेंसी और मेडिकल हिस्ट्री की सच्चाई जानने के लिए CBI ने उस डॉक्टर को एक ऑफिशियल समन भेजा है, जिसने ट्विशा को अबॉर्शन करवाने की सलाह दी थी। जांच टीम डॉक्टर से यह पता लगाना चाहती है कि क्या ट्विशा ने अबॉर्शन के लिए अपनी मर्जी से सहमति दी थी, या फिर उसकी सास और पति ने उस पर कोई शारीरिक या मानसिक दबाव डाला था।
तीन दिनों तक भोपाल में छिपा रहा समर्थ
CBI के सूत्रों ने बताया कि टीम को समर्थ के फरार रहने के दौरान से जुड़ी कई बहुत ही अहम और चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर लोकेशन और बैंकिंग ट्रांजैक्शन के विश्लेषण से यह साफ हो गया है कि 15 मई को पुलिस में औपचारिक FIR दर्ज होने के तुरंत बाद समर्थ शहर छोड़कर नहीं भागा था। इसके बजाय, वह लगभग तीन दिनों तक भोपाल के अंदर ही छिपा रहा और इस दौरान वह बचने के लिए अलग-अलग कानूनी दांव-पेच आजमाता रहा। भोपाल से निकलने के बाद, समर्थ सीधे जबलपुर चला गया, जहां वह लगभग पांच दिनों तक छिपा रहा। CBI अब उन साथियों और करीबी लोगों के बैकग्राउंड की जांच कर रही है, जिन्होंने फरार रहने के इन आठ दिनों के दौरान समर्थ को पनाह दी थी।
दो बिंदुओं पर CBI की जांच
सूत्रों के मुताबिक, CBI की पूरी जांच अभी दो मुख्य बातों पर केंद्रित है: अगर यह आत्महत्या का मामला था, तो उसकी मौत से ठीक पहले ऐसी कौन सी खास घटनाएं हुईं, जिन्होंने त्विशा को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया? दूसरी ओर, अगर यह हत्या थी, तो शव के फंदे से लटकने और उसे अस्पताल ले जाने के बीच के समय में, क्राइम सीन पर मौजूद किन सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई? फिलहाल, पूर्व जज के बंगले के चारों ओर सुरक्षा का कड़ा घेरा बना दिया गया है, और आस-पास के इलाके में स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
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