वाहनों से जुड़े सभी कार्यों के लिए परिवहन विभाग का नया हेल्पलाइन नंबर जारी, 24 घंटे मिलेगी सहायता

खबर सार :-

परिवहन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वाहन संबंधी किसी भी जानकारी, समस्या या शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 149 का उपयोग करें, ताकि बिना कार्यालय के चक्कर लगाए उन्हें समय पर आवश्यक सहायता मिल सके।
वाहनों से जुड़े सभी कार्यों के लिए परिवहन विभाग का नया हेल्पलाइन नंबर जारी, 24 घंटे मिलेगी सहायता

खबर विस्तार : -

झांसीः परिवहन विभाग ने वाहन संबंधी सभी सेवाओं और शिकायतों के लिए नया हेल्पलाइन नंबर 149 जारी कर दिया है। इस नंबर पर नागरिकों को 24 घंटे और सप्ताह के सभी दिनों में विभागीय सेवाओं की जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग का उद्देश्य लोगों को एक ही कॉल पर त्वरित, विश्वसनीय और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

सभी नागरिकों को दी जाएगी जानकारी

इस हेल्पलाइन के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी), वाहन फिटनेस, रोड टैक्स, प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी), बीएच सीरीज पंजीकरण, ईवी सब्सिडी, एटीएस, ई-चालान सहित परिवहन विभाग की सभी ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इससे पहले विभाग की ओर से टोल फ्री नंबर 1800-1800-151 संचालित किया जा रहा था, जो अभी भी सक्रिय है। हालांकि, विभाग ने लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए छोटा और आसानी से याद रहने वाला हेल्पलाइन नंबर 149 शुरू किया है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, नया नंबर शुरू होने के बावजूद अभी तक इसकी जानकारी आम लोगों तक व्यापक रूप से नहीं पहुंच सकी है। यही कारण है कि वर्तमान में इस हेल्पलाइन पर हर माह केवल पांच से सात शिकायतें ही दर्ज हो रही हैं। राहत की बात यह है कि प्राप्त होने वाली शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण भी किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि अधिकांश मामलों में शिकायत दर्ज होने के सात दिनों के भीतर समाधान उपलब्ध करा दिया जाता है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) डॉ. सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतें सीधे विभाग तक पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग की अधिकांश सेवाएं अब ऑनलाइन हो चुकी हैं, जिससे लोग घर बैठे ही अपने कई कार्य आसानी से कर रहे हैं। इसी वजह से शिकायतों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।

उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों में सबसे अधिक मामले लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े होते हैं। लर्निंग लाइसेंस की परीक्षा ऑनलाइन होती है। यदि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी का चेहरा कैमरे से हट जाता है या स्क्रीन पर परछाई पड़ जाती है, तो सॉफ्टवेयर इसे अनुचित गतिविधि मानकर अभ्यर्थी को स्वतः फेल कर देता है। ऐसे मामलों में अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया जाता है। अन्य सभी शिकायतों का भी तय समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाता है।

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