TMC नेता जहांगीर खान नेपाल बाॅर्डर से गिरफ्तार, देश छोड़ने से पहले STF ने दबोचा
खबर सार :-
तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान को एसटीएफ ने नेपाल बाॅर्डर से गिरफ्तार कर लिया है। दावा किया जा रहा है कि जहांगीर खान देश छा़ेड़ने की फिराक में थे। एसटीफ उन्हें कोलकाता ला रही है।
खबर विस्तार : -
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान को राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोलकाता लाया जा रहा है।
सूत्रों का दावा है कि खान नेपाल सीमा के रास्ते देश से भागने की कोशिश कर रहे थे, तभी STF की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर उन्हें घेरकर पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि उन्हें पहले से ही भगोड़ा माना जा रहा था।
कोर्ट के सुरक्षा हटाने के बाद हुई गिरफ्तारी
मिली जानकारी के अनुसार, जहांगीर खान के खिलाफ 2019 में एक मामला दर्ज किया गया था। शुरुआत में उन्हें उस मामले में कोर्ट से अंतरिम सुरक्षा मिली थी। इसके अलावा, फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान (री-पोलिंग) से पहले उन्हें हाई कोर्ट से सुरक्षा मिली थी। हालांकि, 26 मई को हाई कोर्ट ने उनके पक्ष में जारी सभी सुरक्षा आदेश रद्द कर दिए, जिससे पुलिस के लिए उनकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से नदारद
विधानसभा चुनाव के दौरान 29 अप्रैल को वोटिंग के आखिरी चरण में फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र के कुछ मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) से छेड़छाड़ और अन्य अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए थे। इसके बाद दोबारा मतदान की मांग की गई और चुनाव आयोग ने नए सिरे से वोटिंग कराने का फैसला किया। 21 मई को दोबारा चुनाव से 48 घंटे पहले जहांगीर खान ने अपना नाम वापस ले लिया। चुनाव से 48 घंटे पहले नाम वापस लेने के कारण ईवीएम पर तृणमूल के चुनाव चिह्न के साथ जहांगीर खान का नाम मौजूद था। हालांकि वोटों की गिनती में तृणमूल को भारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। जहांगीर 7,783 वोटों के साथ चैथे स्थान पर रहे, जबकि 1.09 लाख वोटों के साथ भाजपा ने यह सीट जीत ली। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही जहांगीर खान लगभग नदारद रहे।
राजनीतिक बयानों की वजह से चर्चा में रहे
जहांगीर खान पहले भी अपने राजनीतिक बयानों की वजह से चर्चा में रहे हैं। वोटिंग से पहले सुरक्षा बलों और पुलिस ने उनके घर पर छापेमारी की थी। उस समय उनके बयानों और चुनावी माहौल ने राज्य की राजनीति में काफी विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि वह राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेंगे; उनके इस रुख ने इस मामले पर मीडिया का ध्यान और बढ़ा दिया था।
ये भी पढ़ेंः-TMC को एक और बड़ा झटका! अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव ने दिया इस्तीफा, अभिषेक बनर्जी बने वजह?
अन्य प्रमुख खबरें
-
MP में चीतों की संख्या 60 पहुंची, CM बोले- वन्यजीव हमारे वनों के आभूषण
2026-10-08
-
हिमाचल में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, 9 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट
2026-10-07
-
कुमाऊं में महिलाएं बना रहीं रेशम का धागा, स्वरोजगार के खुले नए रास्ते
2026-10-07
-
यूपी में 20 IPS अफसरों का तबादला, रवीना त्यागी बनी बाराबंकी की नई एसपी
2026-10-07
-
वृंदावन के गुरुकुल में सेप्टिक टैंक साफ कर रहे 4 छात्रों की मौत
2026-10-07
-
इलाइट-शिवपुरी मार्ग बनेगा मॉडल रोड, सौंदर्यीकरण को मिली मंजूरी
2026-10-07
-
मध्य प्रदेश में मौसम सिस्टम सक्रिय, आज 16 जिलों में बारिश की संभावना
2026-10-07
-
MP के दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आज दो चीते छोड़ेंगे सीएम मोहन यादव
2026-10-07
-
LUCKNOW नगर निगम देर से जागा, घर हो रहे अब तक खाली, kitchens तक पहुंचा पानी
2026-10-06
-
योगी सरकार की ग्लोबल कनेक्टिविटी और निवेश नीति को मिला नया आयाम
2026-10-06
-
Gujarat: भीषण सड़क हादसे में सात लोगों की मौत
2026-10-06
-
दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम
2026-10-06
-
झारखंड में दुर्गा पूजा के दौरान 6,000 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा
2026-10-06
-
पश्चिम बंगाल: रंगदारी वसूली को लेकर भाजपा के दो गुटों में झड़प
2026-10-06
-
CM यूथ कॉन्क्लेव-2026 में युवाओं से रूबरू होंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव
2026-10-06