Saket Building हादसे पर Supreme Court सख्त: MCD की लापरवाही पर उठे सवाल, अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़े अभियान की मांग

खबर सार :-
साकेत बिल्डिंग हादसे ने राजधानी में अवैध निर्माण और भवन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट ने एमसीडी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है। यदि इस मामले में सख्त कार्रवाई होती है तो यह भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने और भवन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
Saket Building हादसे पर Supreme Court सख्त: MCD की लापरवाही पर उठे सवाल, अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़े अभियान की मांग
खबर विस्तार : -

Delhi Saket Building Collapse: राजधानी दिल्ली के साकेत इलाके में हुई दर्दनाक इमारत ढहने की घटना अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। इस मामले में अदालत में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि निगम की लगातार अनदेखी और लापरवाही के कारण अवैध निर्माण वर्षों तक जारी रहा, जिसका परिणाम एक भयावह हादसे के रूप में सामने आया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी ने अपनी रिपोर्ट में न केवल साकेत हादसे की जवाबदेही तय करने की मांग की है, बल्कि दिल्ली भर में अवैध निर्माणों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने और भवन सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने की भी अपील की है।

MCD की भूमिका पर सवाल, जवाबदेही तय करने की मांग

दाखिल रिपोर्ट में कहा गया है कि साकेत क्षेत्र में जिस इमारत के गिरने से छह लोगों की जान गई, वह लंबे समय से नियमों के उल्लंघन के साथ खड़ी थी। इसके बावजूद संबंधित विभागों ने समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। एमिकस क्यूरी ने अदालत से आग्रह किया है कि एमसीडी से यह पूछा जाए कि आखिर अवैध निर्माण इतने वर्षों तक बिना किसी बाधा के कैसे जारी रहा। रिपोर्ट में यह भी मांग की गई है कि घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।

दिल्ली की सभी इमारतों का संरचनात्मक Audit कराने का सुझाव

स्टेटस रिपोर्ट में केवल साकेत हादसे तक सीमित रहने के बजाय पूरे शहर की भवन सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की गई है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि दिल्ली की सभी बहुमंजिला और संवेदनशील इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट कराया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी में तेजी से बढ़ते निर्माण कार्यों के बीच कई भवन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में व्यापक ऑडिट से कमजोर और खतरनाक इमारतों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जा सकती है।

पीड़ित परिवारों को Compensation देने की मांग

एमिकस क्यूरी ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और घायलों के उपचार की पूरी जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की भी मांग की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हादसे के कारण जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उन्हें न्याय और आर्थिक सहायता दोनों मिलनी चाहिए। इसके अलावा अदालत में घटना से जुड़ी कार्रवाई और जांच की विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया है ताकि पूरे मामले की पारदर्शी निगरानी हो सके।

30 मई की शाम को हुआ था दर्दनाक हादसा

गौरतलब है कि 30 मई को साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट सैदुलाजाब इलाके में एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। हादसे के समय इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। दिल्ली फायर सर्विस को शाम करीब 7:44 बजे घटना की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही फायर टेंडर और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया और आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया ताकि बचाव अभियान में कोई बाधा न आए।

Canteen पर गिरी इमारत, छह लोगों की गई जान

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारत पास में स्थित एक कैंटीन पर आ गिरी, जहां उस समय कई लोग मौजूद थे। अचानक हुए हादसे में लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए मशीनों और मैनुअल दोनों तरीकों से राहत कार्य चलाया गया। इन सबके बावजूद हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। घायलों को तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।

पुलिस ने दर्ज की FIR, मकान मालिक गिरफ्तार

हादसे के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गैर-इरादतन हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की। जांच के दौरान 71 वर्षीय मकान मालिक करमबीर सेजवाल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब निर्माण संबंधी दस्तावेजों, स्वीकृतियों और भवन की संरचनात्मक स्थिति की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि निर्माण में किन नियमों की अनदेखी की गई थी और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।

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