पीलीभीत : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से स्वास्थ्य महकमे को शर्मसार कर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक एएनएम (ANM) की घोर लापरवाही के कारण एक आठ महीने के मासूम बच्चे की जान आफत में पड़ गई है। टीकाकरण के दौरान गलत इंजेक्शन (Wrong Injection) लगाने की वजह से बच्चे के पूरे शरीर में भयानक संक्रमण (Infection) फैल गया। इस दर्दनाक घटना के बाद पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। आखिरकार थक-हारकर परिजनों ने जिलाधिकारी (District Officer) से गुहार लगाई, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला पीलीभीत जनपद के तहसील अमरिया क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सुस्वार का है। सुस्वार गांव की रहने वाली एक पीड़ित मां ने अपनी गोद के आठ महीने के मासूम बच्चे के साथ तहसील अमरिया में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस (Sampoorna Samadhan Diwas) में पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई।
महिला ने जिलाधिकारी (District Officer) ज्ञानेंद्र सिंह को एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा। इस शिकायत में महिला ने गांव में तैनात एएनएम (ANM) शशि कश्यप पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि कुछ दिन पहले एएनएम शशि कश्यप ने गांव के ही सरकारी स्कूल में बने आंगनबाड़ी केंद्र में उसके आठ महीने के बच्चे को तीन टीके लगाए थे। आरोप है कि गलत इंजेक्शन (Wrong Injection) लगने के तुरंत बाद से ही बच्चे की त्वचा पर अजीब से निशान बनने लगे और धीरे-धीरे उसके शरीर में संक्रमण (Infection) फैलना शुरू हो गया।
देखते ही देखते मासूम बच्चे की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। संक्रमण (Infection) तेजी से बच्चे के शरीर को अपनी चपेट में ले रहा था और वह दर्द से तड़प रहा था। बच्चे की यह हालत देख घबराए परिजनों ने तुरंत इस पूरे मामले की जानकारी एएनएम (ANM) शशि कश्यप को देने की कोशिश की। लेकिन संवेदनशीलता दिखाने के बजाय एएनएम ने परिजनों से सीधे मुंह बात तक नहीं की। पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने मदद के लिए एएनएम को कई बार फोन भी मिलाया, लेकिन उन्होंने फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझा।
जब एएनएम की तरफ से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला और बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, तो बेबस मां अपने बच्चे को लेकर अमरिया के चिकित्सा अधिकारी (MOIC) डॉ. अनिकेत गंगवार के पास पहुंची। आरोप है कि वहां भी मामले को गंभीरता से लेने के बजाय बच्चे को मामूली दवाइयां दे दी गईं और समझा-बुझाकर घर वापस भेज दिया गया।
दवा मिलने के बाद भी जब मासूम का संक्रमण (Infection) कम नहीं हुआ, तो परेशान मां शनिवार को तहसील अमरिया में लगे संपूर्ण समाधान दिवस (Sampoorna Samadhan Diwas) में सीधे जिले के मुखिया के सामने जा पहुंची। जिलाधिकारी (District Officer) ज्ञानेंद्र सिंह ने जब आठ महीने के बच्चे की हालत देखी और मां की दर्दभरी दास्तान सुनी, तो उन्होंने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. आलोक शर्मा को इस मामले में दोषी एएनएम (ANM) शशि कश्यप के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया है।
इस पूरे मामले को लेकर जब अमरिया के चिकित्सा अधिकारी (MOIC) डॉ. अनिकेत गंगवार से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी (District Officer) के समक्ष यह शिकायत आई है। डीएम साहब के सख्त आदेश के बाद विभाग अलर्ट मोड पर है। मामले की निष्पक्ष और गहनता से जांच करने के लिए एक विशेष जांच टीम (Investigation Team) का गठन कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आते ही लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य कर्मी के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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