ममता बनर्जी के करीबी पूर्व डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा की सेवाएं खत्म, 12 अन्य अधिकारी भी ED की रडार पर
खबर सार :-
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी रहे पूर्व डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास की सेवाएं बंगाल सरकार ने खत्म कर दी हैं। उन्हें एक दिन पहले ईडी ने जमीन कब्जा व वसूली के मामले में गिरफ्तार किया था।
खबर विस्तार : -
कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक बड़ी कार्रवाई के बाद बंगाल सरकार ने कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। यह कार्रवाई शुक्रवार रात को की गई।
शांतनु सिन्हा बिस्वास पर 'पप्पू सोना' के नेतृत्व वाले एक आपराधिक गिरोह में शामिल होने का आरोप है, जिसका संबंध मनी लॉन्ड्रिंग, जबरन वसूली और जमीन पर कब्जा करने से है। ED ने इसी मामले के सिलसिले में उन्हें गिरफ्तार किया था। अब जांच का दायरा बढ़ गया है और इसमें कोलकाता पुलिस के 12 अन्य कर्मी भी शामिल हो गए हैं।
ममता सरकार में मिला सेवा विस्तार
सूत्रों के अनुसार, शांतनु सिन्हा बिस्वास पहले कोलकाता पुलिस के सुरक्षा नियंत्रण प्रभाग में तैनात थे और उन्होंने कालीघाट पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी (OC) के रूप में भी काम किया था। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बहुत करीबी सहयोगी माना जाता था। ED ने कोलकाता के CGO कॉम्प्लेक्स में 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ करने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया। राज्य सरकार द्वारा जारी एक आदेश में उनकी सेवाएं समाप्त किए जाने की पुष्टि की गई है। बिस्वास पहले ही 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके थे; हालांकि, राज्य सरकार द्वारा दी गई दो साल की सेवा विस्तार के कारण वे अब तक अपने पद पर बने हुए थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद, सरकार ने उनकी सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
‘सोना पप्पू’ गिरोह से संबंधों की जांच
ED का आरोप है कि शांतनु सिन्हा बिस्वास, अपराधी बिस्वजीत पोद्दार (उर्फ 'सोना पप्पू') और व्यवसायी जॉय कामदार के साथ मिलकर जबरन वसूली, धोखाधड़ी और जमीन पर कब्जा करने वाले एक गिरोह को चला रहे थे। बताया जाता है कि जांच एजेंसी ने WhatsApp चैट, वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए हैं, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि वे इस नेटवर्क में उनकी भूमिका की पुष्टि करते हैं।
12 अन्य अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
केंद्रीय एजेंसियों ने अब अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार, कोलकाता पुलिस के 12 अन्य अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका भी अब जांच के दायरे में आ गई है। उन पर इस गिरोह की गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन में कथित रूप से शामिल होने या उनके साथ मिलीभगत करने का संदेह है। इसके अलावा, अवैध रेत तस्करी, कोयला तस्करी और निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान भी शांतनु सिन्हा बिस्वास का नाम सामने आया है। फिलहाल, ED और अन्य केंद्रीय एजेंसियां इस मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं।
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