अब ग्लोबल ब्रांड बनेगा सोनभद्र का गुलाब जामुन, CM ने किया ODOC योजना में शामिल

खबर सार :-
सोनभद्र के गुलाब जामुन का स्वाद अब देश व विदेश में पहचाना जाएगा। अपने खास सुगंध व स्वाद के लिए मशहूर गुलाब जामुन को सीएम ने ‘एक जिला-एक व्यंजन’ योजना में शामिल कर लिया है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से स्थानीय कारीगरों में उत्साह है।

अब ग्लोबल ब्रांड बनेगा सोनभद्र का गुलाब जामुन, CM ने किया ODOC योजना में शामिल
खबर विस्तार : -

सोनभद्र: पूरे देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाने वाला उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला अब अपने खास गुलाब जामुनों के लिए देश और विदेश दोनों जगह पहचाना जाएगा। राज्य की योगी सरकार ने सोनभद्र में बनने वाले इन स्वादिष्ट गुलाब जामुनों को अपनी "एक जिला, एक व्यंजन" (ODOC) योजना में शामिल कर लिया है। सरकार का यह फ़ैसला स्थानीय कारीगरों के लिए एक सुनहरे भविष्य के दरवाजे खोलने वाला साबित होगा।

जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त, विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि सरकार ने इस पहल को तेजी देने के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ (सेल) बनाने का फैसला किया है। यह प्रकोष्ठ न केवल गुलाब जामुन के व्यापार से जुड़े उद्यमियों के सामने आने वाली चुनौतियों को हल करेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि उन्हें अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए जरूरी वित्तीय सहायता और बैंक ऋण की सुविधाएं मिल सकें। सरकार का मकसद उन कारीगरों को आगे बढ़ाना है जो अभी छोटे पैमाने पर काम कर रहे हैं, ताकि वे पूरी तरह से सफल उद्यमी बन सकें।

कारीगरों को मिलेगा प्रशिक्षण

उपायुक्त ने बताया कि सरकार गुलाब जामुन बनाने वालों की पारंपरिक कारीगरी को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएगी। इन कार्यक्रमों में पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, साफ-सफाई के मानक और उत्पाद को लंबे समय तक सुरक्षित रखने (शेल्फ-लाइफ बढ़ाने) से जुड़ी तकनीकें सिखाई जाएंगी, जिससे सोनभद्र में बने गुलाब जामुन बिना खराब हुए देश और विदेश के बाजारों तक पहुंच सकेंगे। उपायुक्त ने बताया कि जिले में इस समय 200 से ज्यादा इकाइयां सक्रिय रूप से गुलाब जामुन बना रही हैं, जिनसे 300 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है। नतीजतन, ODOC योजना के तहत गुलाब जामुन के चयन से इस व्यापार से जुड़े सभी लोगों के लिए अवसरों के नए रास्ते खुलेंगे।

सुगंध व स्वाद के लिए मशहूर

इस जिले के सुकृत इलाके के गुलाब जामुन अपनी अनोखी महक और बेहद मुलायम बनावट के लिए मशहूर हैं। गुलाब जामुन बनाने वाले संतोष कुमार मोदनवाल ने बताया कि यह मिठाई मुख्य रूप से मैदा, खोया (गाढ़ा किया हुआ दूध) और चीनी से बनाई जाती है। अपनी खुशबूदार महक और मुलायम होने के कारण यह मिठाई बेहद लोकप्रिय है। इलायची, केसर, काजू, पिस्ता और बादाम का एक विशेष मिश्रण भी तैयार किया जाता है और उसे एकदम सही अनुपात में मिलाया जाता है, जिससे एक ऐसा स्वाद उभरकर आता है जो लोगों को पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर देता है।

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