West Bengal: नगरपालिका भर्ती घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, पूर्व मंत्री सुजीत बोस गिरफ्तार
खबर सार :-
West Bengal: पश्चिम बंगाल में नगरपालिका भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ईडी ने पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक सुजीत बोस को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर नौकरी के बदले फ्लैट लेने व मनी लाॅन्ड्रिंग का आरोप है। इन मामलों की जांच चल रही है।
खबर विस्तार : -
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक सुजीत बोस को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोलकाता में एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने ED को 10 दिनों के लिए उनकी हिरासत सौंप दी। ED के अनुसार, जांच के दौरान सुजीत बोस को पूछताछ के लिए कई बार समन जारी किए गए थे। उन्होंने विभिन्न बहानों का हवाला देते हुए लगातार पेशी से बचने की कोशिश की।
ED का दावा है कि जांच से पता चला है कि सुजीत बोस ने नौकरियां दिलाने के बदले कई फ्लैट प्राप्त किए—ये ऐसी संपत्तियां हैं जो अपराध से अर्जित धन (proceeds of crime) की श्रेणी में आती हैं। इसके अलावा, आरोप हैं कि उन्होंने करोड़ों रुपये नकद स्वीकार किए और बाद में अपने विभिन्न व्यावसायिक उपक्रमों के माध्यम से इन निधियों की मनी लॉन्ड्रिंग की। यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज की गई FIR के आधार पर शुरू की गई थी। उक्त FIR कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा जारी एक निर्देश के अनुपालन में दर्ज की गई थी। अदालत को सौंपी गई एक रिपोर्ट में, ED ने दावा किया था कि पश्चिम बंगाल की विभिन्न नगरपालिकाओं में भर्ती प्रक्रियाओं में व्यापक अनियमितताएं हुई थीं।
शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच में खुलासा
इससे पहले शिक्षक भर्ती घोटाले की पड़ताल के दौरान ED ने व्यवसायी अयान सिल और अन्य लोगों के परिसरों पर छापे मारे थे। इन छापों के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए थे। बाद में जांच से पता चला कि यह घोटाला केवल शिक्षकों की भर्ती तक ही सीमित नहीं था; बल्कि, कई नगरपालिकाओं में विभिन्न अन्य पदों के लिए भी अवैध नियुक्तियां की गई थीं।
OMR शीट में हेरफेर
ED के अनुसार, विभिन्न नगर निगमों और नगरपालिकाओं में भर्ती प्रक्रियाओं का ठेका एक ही कंपनी को दिया गया था, जिसमें अयान सिल निदेशक के पद पर कार्यरत थे। एजेंसी का आरोप है कि जिस कंपनी को प्रश्न पत्र छापने, OMR शीट तैयार करने और मूल्यांकन प्रक्रिया को संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उसने अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति में मदद करने के लिए OMR शीट में हेरफेर किया।
3.45 करोड़ रुपये बरामद
इस मामले के संबंध में ED ने पहले भी कई लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की है, जिनमें सुजीत बोस और पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व मंत्री रथिन घोष शामिल हैं। इन छापों के दौरान, लगभग 3.45 करोड़ रुपये नकद, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे। ED ने इस मामले में अयान सिल के खिलाफ एक विशेष PMLA अदालत में पहले ही अभियोजन शिकायत दायर कर दी है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।
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