पन्ना में दर्दनाक हादसा: निर्माणाधीन कुआं धंसने से 5 मजदूरों की मौत, गांव में पसरा मातम

खबर सार :-
पन्ना जिले का यह हादसा एक बार फिर निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गंभीर तस्वीर सामने लाता है। पांच मजदूरों की मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। जरूरत इस बात की है कि प्रशासन ऐसे कार्यों में सुरक्षा उपायों को अनिवार्य बनाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके और मजदूरों की जान सुरक्षित रह सके।
पन्ना में दर्दनाक हादसा: निर्माणाधीन कुआं धंसने से 5 मजदूरों की मौत, गांव में पसरा मातम
खबर विस्तार : -

Panna well collaps 5 workers killed: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मंगलवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बिहारपुरवा में निर्माणाधीन कुएं की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में पांच मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। प्रशासन, पुलिस और राहत दल ने मौके पर पहुंचकर तत्काल बचाव अभियान शुरू किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि कुएं के अंदर काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते मिट्टी का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर पड़ा और सभी मजदूर उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।

एक ही परिवार के थे सभी मजदूर

जानकारी के अनुसार मृतक मजदूर एक ही यादव परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। वे लंबे समय से कुएं खोदने का काम करते थे और गांव में ही निजी कुएं के निर्माण कार्य में लगे हुए थे। ग्रामीणों ने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से बेहद साधारण स्थिति में था और मजदूरी करके ही जीवन यापन करता था। घटना के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस हादसे से सदमे में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मजदूर रोज की तरह काम कर रहे थे, तभी अचानक मिट्टी धंस गई और कुछ ही सेकंड में सब कुछ खत्म हो गया।

प्रशासन ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गया। जेसीबी मशीनों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। शुरुआत में दो मजदूरों के शव बाहर निकाले गए, जबकि बाद में बाकी मजदूरों को भी मलबे से निकाल लिया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रशासन को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अधिकारियों ने बताया कि मिट्टी लगातार खिसक रही थी, जिससे बचाव कार्य में कठिनाई आ रही थी। इसके बावजूद टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुएं की खुदाई काफी गहराई तक पहुंच चुकी थी, लेकिन वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे इस तरह के हादसों की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए।

गांव में पसरा सन्नाटा, हर आंख नम

हादसे के बाद बिहारपुरवा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतकों के घरों में मातम का माहौल है और गांव के लोग परिवारों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। महिलाओं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक परिवार के कमाने वाले सदस्य थे। ऐसे में हादसे के बाद परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन की ओर से सहायता का आश्वासन दिया गया है, लेकिन फिलहाल पूरे गांव में दुख और शोक का माहौल बना हुआ है।

 

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