त्रिपुरा में सरकारी कार्यालयों में अब दो दिन रहेगा सप्ताहिक अवकाश, ईंधन बचाने को सरकार ने लिया फैसला

खबर सार :-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाने की अपील का असर त्रिपुरा में भी दिख रहा है। सरकार ने हर शनिवार और रविवार को सरकारी कार्यालयों में अवकाश का आदेश दिया है।
त्रिपुरा में सरकारी कार्यालयों में अब दो दिन रहेगा सप्ताहिक अवकाश, ईंधन बचाने को सरकार ने लिया फैसला
खबर विस्तार : -

अगरतला: ईंधन बचाने और खर्च पर काबू पाने के उद्देश्य से त्रिपुरा सरकार ने सोमवार को कई कदम उठाने का ऐलान किया। इनमें एक निर्देश यह भी शामिल है कि अब से सभी सरकारी दफ्तर हर शनिवार और रविवार को बंद रहेंगे।

कैबिनेट मीटिंग के बाद, परिवहन, खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री सुशांत चौधरी ने बताया कि सभी सरकारी दफ्तर हर शनिवार और रविवार को बंद रहेंगे। इससे पहले, राज्य में सरकारी दफ्तर सिर्फ रविवार को और हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते थे।

कार्यालयों का समय बदला

मंत्री ने आगे बताया कि काम के दिनों में कार्यालय का समय अब ​​सुबह 9:30 बजे से शुरू होगा। पहले यह सुबह 10 बजे से शुरू होता था और शाम 6 बजे तक चलेगा। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि इन उपायों से सरकारी दफ्तरों में बिजली और ईंधन की खपत कम होगी, क्योंकि अब ऊर्जा बचाने के सख्त नियमों का पालन किया जाएगा।

रोस्टर प्रणाली तत्काल प्रभाव से खत्म

मंत्री चौधरी ने यह भी ऐलान किया कि 'ग्रुप C' और 'ग्रुप D' कर्मचारियों के लिए हाल ही में शुरू की गई रोस्टर प्रणाली को तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया गया है। नतीजतन, अब सभी सरकारी कर्मचारियों को काम के हर दिन नियमित रूप से दफ्तर आना होगा। इस महीने की शुरुआत में, ईंधन बचाने की अपनी मुहिम के तहत, त्रिपुरा सरकार ने एक आदेश जारी किया था जिसमें 'ग्रुप C' और 'ग्रुप D' के 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश दिया गया था। यह सरकारी आदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नागरिकों और संस्थाओं से ईंधन बचाने और इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने की हालिया अपील के बाद आया है।

लघु बचत निरीक्षक के 5 पदों पर होगी भर्ती

पर्यटन विभाग का भी प्रभार भी संभाल रहे मंत्री ने आगे बताया कि वित्त विभाग के तहत 'लघु बचत निरीक्षक' (Small Savings Inspectors) के 5 पदों पर भर्ती त्रिपुरा लोक सेवा आयोग (TPSC) के माध्यम से की जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि मध्य पूर्व में हाल की स्थिति और प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचाने की अपील को देखते हुए राज्य सरकार ने खर्च पर काबू पाने के लिए पहले ही कई कदम उठाने शुरू कर दिए थे।

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