सोने के कारोबारी हत्याकांड में बड़ा एक्शन: फरार पूर्व BDO प्रशांत बर्मन गिरफ्तार

खबर सार :-
स्वपन कामिलिया हत्याकांड में फरार चल रहे पूर्व बीडीओ प्रशांत बर्मन की गिरफ्तारी ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। न्यू टाउन में सड़क हादसे और नशे में हंगामे के बाद पुलिस उसे पकड़ने में सफल रही। अब जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर हत्या की साजिश, फरारी के दौरान मिले संरक्षण और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में अहम जानकारी जुटाने में लगी हैं।
सोने के कारोबारी हत्याकांड में बड़ा एक्शन: फरार पूर्व BDO प्रशांत बर्मन गिरफ्तार
खबर विस्तार : -

Swapna Kamilya Murder Case: पश्चिम बंगाल के चर्चित स्वपन कामिलिया अपहरण और हत्या मामले में आखिरकार बड़ा मोड़ आ गया है। उत्तरी दिनाजपुर जिले के रायगंज ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) प्रशांत बर्मन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बर्मन पिछले कई महीनों से फरार चल रहा था और उस पर कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित दत्ताबाद इलाके में सोने के व्यापारी स्वपन कामिलिया के अपहरण और हत्या का गंभीर आरोप है।

इस बहुचर्चित मामले में बताया जा रहा है कि आरोपी की गिरफ्तारी किसी गुप्त ऑपरेशन से नहीं, बल्कि एक सड़क हादसे और उसके बाद हुए हंगामे के चलते हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार देर रात कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके न्यू टाउन में प्रशांत बर्मन अपनी कार चला रहा था। इसी दौरान उसकी कार ने एक दोपहिया वाहन चालक को टक्कर मार दी। घटना के वक्त बर्मन कथित तौर पर पूरी तरह नशे में था।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था घटना का वीडियो

हादसे के बाद जब दोपहिया चालक ने किसी तरह खुद को संभालते हुए बर्मन की कार रोकी और उससे बाहर निकलकर बात करने को कहा, तब मामला और बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, माफी मांगने के बजाय बर्मन गुस्से में आ गया और उसने बाइक चालक को गालियां देना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में वहां स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपी ने उन्हें भी कथित तौर पर अपशब्द कहे। इस दौरान वहां मौजूद एक व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हालांकि, वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन वायरल क्लिप के बाद मामला और सुर्खियों में आ गया। स्थिति तनावपूर्ण होते देख स्थानीय इकोपार्क पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पहले प्रशांत बर्मन को हिरासत में लिया और फिर पूछताछ के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को जल्द ही निचली अदालत में पेश किया जाएगा।

स्वपन कामिलिया हत्याकांड में आया था प्रशांत का नाम

प्रशांत बर्मन का नाम पिछले साल सामने आए बहुचर्चित स्वपन कामिलिया हत्याकांड में आया था। स्वपन कामिलिया पेशे से सोने के व्यापारी थे और 29 अक्टूबर 2025 को उनका शव सॉल्ट लेक के दत्ताबाद इलाके में एक नहर के पास बरामद किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, उनकी पहले कथित तौर पर अपहरण किया गया और बाद में हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस जांच के दौरान प्रशांत बर्मन का नाम मुख्य आरोपियों में शामिल हुआ। आरोप है कि उसने इस साजिश में अहम भूमिका निभाई थी। मामला सामने आने के बाद से ही बर्मन फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

आरोपी को मिली थी अग्रिम जमानत

कानूनी प्रक्रिया के दौरान आरोपी ने पहले एक सब-डिविजनल कोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल कर ली थी। लेकिन बिधाननगर सिटी पुलिस ने इस फैसले को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत रद्द कर दी और प्रशांत बर्मन को 22 दिसंबर 2025 तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। हालांकि, अदालत के आदेश के बावजूद उसने सरेंडर नहीं किया। इसके बाद बिधाननगर कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

संरक्षण दाताओं का पता लगाने में जुटी पुलिस

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने उसे 23 जनवरी 2026 तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद वह लगातार फरार रहा और पुलिस की पकड़ से बाहर था। अब न्यू टाउन की घटना के बाद उसकी गिरफ्तारी ने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश करेगी कि फरारी के दौरान उसे किसका संरक्षण मिल रहा था और हत्या की साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे।

तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं का करीबी है प्रशांत

राजनीतिक गलियारों में भी इस गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशांत बर्मन को सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं का करीबी माना जाता रहा है। ऐसे में विपक्ष ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और खुलासे हो सकते हैं।

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