असम में रोजगार और विकास की नई उड़ान: सीएम हिमंता का ऐलान-“अगले पांच वर्षों में 2 लाख युवाओं को देंगे नौकरी”
खबर सार :-
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का दो लाख नौकरियों का ऐलान असम के युवाओं के लिए बड़ी उम्मीद माना जा रहा है। सरकार आर्थिक विकास, गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन को अपनी उपलब्धि बता रही है, जबकि विपक्ष इन दावों पर सवाल उठा रहा है। आने वाले वर्षों में यह देखना अहम होगा कि सरकार अपने रोजगार और विकास संबंधी वादों को किस हद तक धरातल पर उतार पाती है।
खबर विस्तार : -
Himanta Biswa Sarma Job Announcement: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को विधानसभा में अपनी सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख करते हुए राज्य के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और गरीबी उन्मूलन को लेकर बड़े दावे किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में असम ने विकास के कई नए आयाम स्थापित किए हैं और आने वाले पांच वर्षों में राज्य के दो लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
विधानसभा में चर्चा के दौरान सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने केवल विकास के वादे नहीं किए, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर दिखाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश, आधारभूत संरचना और सामाजिक कल्याण योजनाओं के कारण आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है, जिसका सीधा लाभ युवाओं और आम लोगों को मिल रहा है।
पांच वर्षों में जीडीपी में 8.71 लाख करोड़ रुपए की वृद्धि
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में असम की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 8.71 लाख करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज की गई है। उनके अनुसार, यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि राज्य तेजी से आर्थिक मजबूती की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले असम को विकास की दौड़ में पिछड़ा राज्य माना जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। उद्योग, व्यापार, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है। सरकार की नीतियों के कारण राज्य में निजी निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है। मुख्यमंत्री हिमंता सरमा ने कहा कि आर्थिक विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर लोगों के जीवन स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। गांवों और शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
गरीबी दर में आई बड़ी गिरावट
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह भी दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में असम में गरीबी दर में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने गरीब परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। सरमा के अनुसार, अगले कुछ वर्षों में गरीबी दर में दो से तीन प्रतिशत तक और कमी आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि समावेशी विकास है, ताकि समाज के हर वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीण विकास योजनाओं, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने लोगों की आय बढ़ाने और जीवन स्तर सुधारने में मदद की है।
युवाओं के लिए रोजगार पर बड़ा फोकस
रोजगार सृजन को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आने वाले पांच वर्षों में राज्य के दो लाख युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी भर्ती प्रक्रिया को तेज करेगी। सरमा ने विधानसभा में कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरियों के साथ निजी क्षेत्र में भी अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। कौशल विकास कार्यक्रमों और निवेश परियोजनाओं के जरिए रोजगार के नए रास्ते तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्टार्टअप, उद्यमिता और तकनीकी प्रशिक्षण पर भी जोर दे रही है। उनका मानना है कि रोजगार के अवसर बढ़ने से राज्य की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
कांग्रेस पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर तीखा हमला भी बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में असम के बजट में कभी कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई और विकास की गति बेहद धीमी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के समय सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिलता था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में कर्मचारियों को कई महीनों तक वेतन का इंतजार करना पड़ता था। हालांकि, कांग्रेस विधायकों ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए और कहा कि रोजगार तथा आर्थिक प्रगति के आंकड़ों की वास्तविकता अलग है। विपक्ष ने बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की।
भाजपा ने विकास मॉडल को बताया ऐतिहासिक
विपक्ष के आरोपों के बीच भाजपा ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुए विकास को ऐतिहासिक बताया। पार्टी नेताओं ने कहा कि असम में पिछले कुछ वर्षों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और निवेश के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। भाजपा का दावा है कि राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी प्रशासन और निवेश-अनुकूल माहौल के कारण असम पूर्वोत्तर भारत का तेजी से उभरता हुआ आर्थिक केंद्र बन रहा है।
‘यूसीसी से अल्पसंख्यक महिलाओं को मिलेगा न्याय और सुरक्षा’
असम विधानसभा में मंगलवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने प्रस्तावित यूसीसी विधेयक का मजबूती से बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं को न्याय, सुरक्षा और समान अधिकार सुनिश्चित करना है। विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देते हुए यह विधेयक लेकर आई है। उन्होंने कहा कि विवाह, विरासत और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों में महिलाओं को लंबे समय से असमानताओं का सामना करना पड़ा है, जिसे यूसीसी के जरिए दूर करने की कोशिश की जाएगी। सरमा ने विपक्षी दलों पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यूसीसी महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा, “हम केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए यहां नहीं हैं। हमारा उद्देश्य समाज में न्याय और समानता स्थापित करना है।”
सामाजिक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने सदन में पुरानी बहस का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि वह सामाजिक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित कानून सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। हालांकि, विपक्षी दलों ने यूसीसी का विरोध जारी रखते हुए इसे धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक परंपराओं में हस्तक्षेप बताया। विपक्ष का आरोप है कि यह कानून समाज में विभाजन पैदा कर सकता है।
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