मध्य प्रदेश में फिर करवट लेगा मौसम, कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट
खबर सार :-
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों से नदियों और नालों से दूर रहने की अपील की है।
खबर विस्तार : -
भोपाल: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में बिजली कड़कने और भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की नई चेतावनी जारी की है। IMD के अनुसार, सीहोर, देवास, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, सागर और टीकमगढ़ जिलों में बिजली कड़कने और मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है। इन इलाकों में बारिश की तीव्रता 5 से 15 मिमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है और बिजली गिरने की संभावना 30 से 60 प्रतिशत है।
इनके अलावा हरदा, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, ओरछा, छतरपुर, खजुराहो, पन्ना, सतना, चित्रकूट, मंडला, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, अमरकंटक, डिंडोरी, मैहर, बालाघाट, जबलपुर, उमरिया, बांधवगढ़, नरसिंहपुर, शाजापुर, राजगढ़, भोपाल और विदिशा सहित कई इलाकों में बिजली कड़कने और हल्की बारिश का अनुमान है। IMD ने भारी और बहुत भारी बारिश के संभावित असर बताए हैं, जिनमें निचले इलाकों में जलभराव, कम दृश्यता के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात में रुकावट, पुरानी और कमजोर इमारतों को खतरा, बिजली आपूर्ति में अस्थायी रुकावट और खड़ी फसलों, बागों और बागानों को मामूली नुकसान शामिल है। जान-माल के नुकसान की छिटपुट घटनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
उफनती नदियों और नालों से दूर रहने की अपील
मौसम विभाग ने निवासियों को सलाह दी है कि वे नदियों या नालों के पास स्थित निचले इलाकों और अस्थायी आश्रयों से दूर रहें। आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें और घर के अंदर या मजबूत इमारतों में चले जाएं। जरूरत पड़ने पर असुरक्षित इमारतों को खाली कर दें। मौसम केंद्र ने बिजली के वैकल्पिक इंतजाम और संभावित ट्रैफिक देरी के लिए आपातकालीन योजनाएं बनाने की भी सलाह दी है। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे उफनती नदियों और नालों से दूर रहें और ऐसे जल निकायों के पास जाने से बचें जहां जल स्तर अचानक बढ़ सकता है। मौसम केंद्र ने जनता को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें। अलर्ट वाले जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और पूर्वानुमान की अवधि के दौरान असुविधा को कम करने और जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें।
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अनूपपुर में कोतमा के कई वार्ड पानी-पानी
सोमवार को बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के सिस्टम और लौटते हुए मानसून की वजह से मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के ज्यादातर हिस्सों में जबरदस्त बारिश हुई। दोपहर से शाम तक अमरकंटक इलाके (जिसमें भालूमाडा, कोटमा और बिजुरी शामिल हैं) में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। कोटमा सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका रहा; दोपहर से शाम 5 बजे के बीच रुक-रुक कर हुई भारी बारिश से कई म्युनिसिपल वार्डों में जलभराव हो गया। भारी बारिश के कारण शहर में बिजली भी गुल हो गई।
सड़कों पर घुटनों तक भरा बारिश का पानी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोटमा इलेक्ट्रिकल सब-स्टेशन के चार्जर रूम में तकनीकी खराबी आ गई, जबकि कई जगहों पर इंसुलेटर फटने से शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिजली चली गई। वहीं, नालियां बंद होने और साफ न होने की वजह से वार्ड नंबर 5, 6 और 7 तालाब जैसे लगने लगे। पानी निकलने का कोई रास्ता न होने के कारण, पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर भर गया। पानी का स्तर घुटनों से ऊपर तक पहुंच गया, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। हालाँकि कोटमा के चीफ म्युनिसिपल ऑफिसर (CMO) ने जानकारी मिलने पर नालियां साफ़ करने के लिए कर्मचारी भेजे, लेकिन भारी जलभराव के कारण उन्हें काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
24 घंटों में अनूपपुर जिले में 11.9 मिमी बारिश
अधिकारियों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में अनूपपुर जिले में 11.9 मिमी बारिश दर्ज की गई; इसमें कोटमा में 4.0 मिमी, बिजुरी में 36.4 मिमी, जैथरी में 16.0 मिमी, वेंकट नगर में 22.7 मिमी और अमरकंटक में 16.02 मिमी बारिश शामिल है। 1 जून से अब तक जिले में 1,047.3 मिमी बारिश हुई है, जो पिछले साल इसी अवधि में दर्ज बारिश (1,010.9 मिमी) से 36.4 मिमी ज्यादा है। इस अवधि के लिए जिले में सामान्य औसत बारिश 1,092.8 मिमी है। कृषि विभाग ने इस बारिश को फसलों, जिसमें खड़ी खरीफ धान की फसल भी शामिल है, के लिए फायदेमंद बताया है।
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