जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में लम्पी वायरस के 300 से ज्यादा मामले, पशुपालन विभाग अलर्ट

खबर सार :-

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में लम्पी वायरस तेजी से फैल रहा है। इसे लेकर पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पशुपालन विभाग का कहना है कि बीमारी नियंत्रण में है। घबराने की जरूरत नहीं है।
जम्मू-कश्मीर के डोडा में फैल रहा लम्पी वायरस, पशुपालकों में बढ़ी चिंता

खबर विस्तार : -

डोडा: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में मवेशियों के बीच लम्पी स्किन डिजीज (LSD) के तेजी से फैलने से पशुपालकों में चिंता बढ़ गई है। पिछले तीन महीनों में जिले में 300 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए, जिला पशुपालन विभाग ने प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर टीकाकरण, जागरूकता और इलाज के अभियान शुरू किए हैं।

मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. इरफान अली वानी ने स्थिति की पुष्टि करते हुए कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि बीमारी पूरी तरह से नियंत्रण में है। पशुपालन विभाग की टीमें इस शुक्रवार बागोरे इलाके में घर-घर जाकर मवेशियों की जांच और टीकाकरण कर रही हैं। एक स्थानीय किसान ने कहा, "जब यह बीमारी यहां आई तो हम बहुत चिंतित थे। यह हमारी आजीविका का एकमात्र जरिया है और गांव में सभी के लिए मुख्य सहारा है। हमने तुरंत पशुपालन विभाग से संपर्क किया; उनकी टीम तुरंत पहुंची और हमारे मवेशियों का टीकाकरण किया। डॉक्टर ने हमें पशुओं के बाड़ों में साफ-सफाई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है।"

गांवों का दौरा कर रहे हैं डॉक्टर

उन्होंने आगे कहा, "शुरू में, हम सभी डरे हुए थे कि हमारी गायें मर सकती हैं। हालांकि, अब नियमित रूप से टीकाकरण किया जा रहा है और डॉक्टर व्यक्तिगत रूप से गांवों का दौरा कर रहे हैं। आज, पूरी टीम बागोरे आई है और मवेशियों के टीकाकरण के लिए हर घर जा रही है।" एक अन्य पशुपालक ने कहा, "बीमारी तेजी से फैल रही है, लेकिन अब टीकाकरण अभियान चल रहा है और डॉक्टरों की टीम हर संभव मदद दे रही है। शुरू में हम अपने जानवरों के भविष्य को लेकर बहुत चिंतित थे, लेकिन डॉक्टरों के आने से हमें राहत मिली है। हमें उम्मीद है कि समय पर टीकाकरण से बीमारी को दोबारा फैलने से रोका जा सकेगा।"

पूरे उत्तर भारत में बीमारी का प्रकोप

डोडा के मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. इरफान अली वानी ने पूरे मामले के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लम्पी स्किन डिजीज का प्रकोप न केवल जम्मू-कश्मीर में बल्कि पूरे उत्तर भारत में देखा जा रहा है; हमारे जिले में भी कुछ मामले सामने आए हैं। पिछले महीने कुछ मामले देखे गए थे और इस महीने भी नए मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि, हम शुरू से ही लोगों से कह रहे हैं कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यह कोई बड़ा संकट नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। यह बीमारी संक्रमित जानवर और स्वस्थ जानवर के संपर्क में आने से, या मच्छर और मक्खी के काटने से फैलती है; वायरस तब फैलता है जब कोई मच्छर संक्रमित जानवर को काटता है और फिर किसी दूसरे जानवर को काटता है।

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समय पर दवा देने से ठीक हो जाती है बीमारी

डॉ. वानी ने बताया कि विभाग ने बड़ी संख्या में टीमें फील्ड में तैनात की हैं। ये टीमें दो तरह से काम कर रही हैं: लोगों में जागरूकता बढ़ाना और जहां भी मामले सामने आएं, वहां तुरंत इलाज मुहैया कराना। जानवर आमतौर पर चार से पांच दिन के इलाज में ठीक हो जाते हैं। सबसे जरूरी बात यह पक्का करना है कि जानवर खाना-पीना जारी रखे। हम शुरू से ही दवा देते हैं। हमारे पास ज्यादातर दवाएं उपलब्ध हैं; कुछ बाहर से मंगवानी पड़ती हैं, लेकिन वे सस्ती हैं, इसलिए हम लोगों को उन्हें खरीदने की सलाह देते हैं। समय पर दवा देने से जानवर पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।

तीन महीनों में 300 मामले सामने आए

उन्होंने आगे बताया कि इस बीमारी से मरने वालों की दर सिर्फ 1 से 2 प्रतिशत है, और स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि जानवरों की मौत के बारे में अफ़वाहें फैलती रहती हैं, लेकिन पूछे जाने पर लोग कोई फोटो या सबूत नहीं दे पाते। डोडा एक ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाका है जहां गांवों के बीच आने-जाने में समय लगता है, और स्टाफ की कमी एक और चुनौती है। इसके बावजूद, हमारा फील्ड स्टाफ हर जगह पहुंचने के लिए पूरी लगन से काम कर रहा है। पिछले तीन महीनों में हमारे पास लगभग 300 मामले सामने आए हैं। वायरस के संक्रमित जानवर के आस-पास के जानवरों में भी फैलने की संभावना होती है, लेकिन जिनकी इम्यूनिटी मजबूत होती है, उन्हें यह बीमारी नहीं होती। कमजोर इम्यूनिटी वाले जानवरों को कुछ दिक्कतें हो सकती हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने से वे ठीक हो जाते हैं।

FAQ

1- लम्पी वायरस क्या है?

लम्पी वायरस एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो गाय और भैंस जैसे मवेशियों को प्रभावित करती है।

2- लम्पी बीमारी कैसे फैलती है?

मच्छर, मक्खियां और टिक्स इस वायरस को एक जानवर से दूसरे जानवर में फैलाते हैं। जब कोई कीड़ा किसी संक्रमित जानवर का खून चूसता है और फिर किसी स्वस्थ जानवर को काटता है, तो वह स्वस्थ जानवर भी संक्रमित हो जाता है।

3- इस बीमारी से रोकथाम कैसे संभव है?

लम्पी बीमारी से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण सबसे प्रभावी और प्राथमिक उपाय है।

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