लखनऊ: सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं का प्रदर्शन, डीएम के न पहुंचने पर भड़का गुस्सा

खबर सार :-

लखनऊ के पारा स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं ने शिक्षकों की कमी, खराब भोजन और इलाज की उचित व्यवस्था न होने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। डीएम के न पहुंचने पर छात्राएं मुख्यमंत्री आवास की ओर पैदल निकल पड़ीं।
लखनऊः शिक्षकों की कमी से नाराज हुईं छात्राएं, डीएम से मिलने की मांग

खबर विस्तार : -

लखनऊः राजधानी लखनऊ के पारा स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं ने सोमवार को विद्यालय की व्यवस्थाओं के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। तेज बारिश के बीच कक्षा छह से 12वीं तक की छात्राएं विद्यालय से निकलकर करीब ढाई किलोमीटर दूर दुबग्गा-कानपुर बाईपास चौराहे पर पहुंचीं और सड़क पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया। छात्राओं के अचानक सड़क पर उतरने से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से विद्यालय में शिक्षकों की कमी सहित कई अन्य समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं किया गया।

भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी नाराजगी

छात्राओं ने विद्यालय में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि भोजन कई बार मानकों के अनुरूप नहीं होता। इसके अलावा किसी छात्रा के बीमार पड़ने पर समय पर समुचित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती। छात्राओं का कहना है कि बीमारी की स्थिति में उचित उपचार के लिए उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने आरोप लगाया कि कुछ शिक्षक उनके साथ कथित तौर पर गंदी भाषा का इस्तेमाल करते हैं। छात्रा ने कहा कि वह इस व्यवहार से काफी परेशान है और उनकी शिकायत सुनने के लिए कोई तैयार नहीं है। छात्राओं ने विद्यालय में पढ़ाई, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवहार से जुड़ी समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की।

डीएम को मौके पर बुलाने की मांग

प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उन्हें समझाने और स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। हालांकि छात्राएं अपनी मांगों पर अड़ी रहीं। उन्होंने जिलाधिकारी को मौके पर बुलाकर अपनी शिकायतें सीधे उनके सामने रखने की मांग की। छात्राओं का कहना था कि विद्यालय की समस्याओं की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से वे सड़क पर उतरने को मजबूर हुई हैं। छात्राओं ने अधिकारियों से तत्काल समाधान और जिम्मेदार अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का अवसर देने की मांग की।

ढाई घंटे इंतजार के बाद मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ीं

छात्राओं के मुताबिक, जिलाधिकारी के मौके पर पहुंचने की मांग के बावजूद करीब ढाई घंटे तक उनके वहां न पहुंचने से वे नाराज हो गईं। इसके बाद छात्राएं मुख्यमंत्री आवास की ओर पैदल ही निकल पड़ीं। बारिश के बीच छात्राओं के आगे बढ़ने की सूचना पर ठाकुरगंज, काकोरी, दुबग्गा और पारा थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस बल के साथ विद्यालय के शिक्षक भी छात्राओं को रोकने और समझाने का प्रयास करते रहे। छात्राओं के पीछे पुलिस और शिक्षक चलते रहे, जबकि मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन की ओर से छात्राओं को समझाकर शांत कराने और उन्हें वापस विद्यालय ले जाने का प्रयास जारी रहा।

बारिश के बावजूद जारी रहा प्रदर्शन

तेज बारिश के बावजूद छात्राओं का प्रदर्शन जारी रहा। छात्राओं का कहना था कि वे लंबे समय से विद्यालय की समस्याओं का सामना कर रही हैं और शिकायतों के बावजूद स्थिति में पर्याप्त सुधार नहीं हुआ। उनका कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जाता और समाधान का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाती रहेंगी।

प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। छात्राओं की प्रमुख मांग विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता में सुधार, बीमार होने पर समय पर उपचार और उनकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई से जुड़ी रही। मामले में प्रशासन की ओर से छात्राओं की शिकायतों पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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