लखनऊ में मोबाइल के लालच में दोस्त बना कातिल, ऑटो खरीदने निकले युवक की गला घोंटकर हत्या

खबर सार :-

लखनऊ से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक युवक की उसके अपने ही दोस्त ने मोबाइल के लालच में हत्या कर दी। हत्या करने के बाद उसने शव को भलिया अंडरपास आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर फेंक दिया।
लखनऊ में मोबाइल के लालच में दोस्त बना कातिल, ऑटो खरीदने निकले युवक की गला घोंटकर हत्या

खबर विस्तार : -

Lucknow News: लखनऊ के दोना गांव से दोस्ती के रिश्ते को शर्मशार करने वाली घटना सामने आई है। यहां ऑटो खरीदने के लिए घर से निकले मजदूर दिलीप रावत की उसके दोस्त ने हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी मुजीब ने मोबाइल और 50 हजार रुपये के लालच में इस वारदात को अंजाम दिया है। काकोरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। 

फोन और 50 हजार रुपये के लिए दोस्त को उतारा मौत के घाट

लखनऊ के दोना गांव निवासी दिलीप रावत ऑटो खरीदने के लिए 80 हजार रुपये लेकर घर से निकले थे, लेकिन रास्ते में ही उसके दोस्त मुजीब ने दिलीप की हत्या कर दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और आरोपी मुजीब उर्फ मुन्ना से कड़ी पूछताछ की। आरोपी की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल, नगदी, हत्या में शामिल गमछा और घटनास्थल से ऑटो बरामद कर लिया है। पुलिस ने शुरुआती जानकारी में बताया कि दिलीप मंगलवार की शाम करीब 4 बजे के समय ऑटो खरीदने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वह घर नहीं लौटा तो परिजनों को उसकी चिंता होने लगी। परिवारजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए नकटौरा गांव निवासी मुजीब उर्फ मुन्ना के खिलाफ गुमशुदगी और शक के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 

मोबाइल में सिम इंसर्ट करने को लेकर दोनों में हुई बहस

बुधवार की शाम को भलिया अंडरपास के पास आगरा एक्सप्रेसवे के सर्विस लेन के किनारे एक शव मिला। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त दिलीप रावत के रुप में की। इसके बाद फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत इकट्ठा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच के दौरान सर्विलांस और पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए गुरुवार की सुबह आरोपी मुजीब को धर दबोचा। पूछताछ में उसने बताया कि 7 जुलाई को उसकी मुलाकात जीरो प्वाइंट पर हुई थी। दोनों ऑटो एजेंसी गए, जहां दिलीप ने 50 हजार रुपये जमा किए और ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 1 हजार रुपये जमा किए। दिलीप ने 12 हजार का एक नया फोन भी खरीदा इसके बाद दोनों ने शराब पी और खाना खाया। 

सिगरेट पीने के बहाने गला दबाकर की हत्या

नया फोन देखकर आरोपी मुजीब के मन में लालच आ गया और उसने दिलीप के फोन में अपनी सिम डाल ली, इस बात को लेकर दोनों में कहासुनी होने लगी। कुछ समय बाद गांव लौटते समय आरोपी ने नगेश्वर मंदिर के आगे सिगरेट पीने के बहाने टेंपो रुकवाया और पीछे से गमछे से दिलीप का गला घोंट कर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद उसने शव को ऑटो में रखकर भलिया अंडरपास आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर ले जाकर सुनसान जगह पर फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी के पास से मृतक का मोबाइल, 48 हजार रुपये, गमछा और ऑटो बरामद कर उसे जेल भेज दिया। 

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