लखनऊ में बड़ा खुलासा दरोगा ने आरोपी को बताया मृत, हाईकोर्ट में शपथपत्र में निकला जिंदा
खबर सार :-
उत्तर प्रदेश के लखनऊ से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल राजधानी में एक दरोगा ने जालसाजी के एक आरोपी को मृत घोषित कर उसका मृत्यु प्रमाणपत्र दाखिल कर दिया, लेकिन बाद में पता चला कि वह जिंदा है।
खबर विस्तार : -
Lucknow News: राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल एक दरोगा ने जालसाजी के एक आरोपी मृत घोषित कर दिया और साथ ही उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी दाखिल कर दिया, लेकिन एसीपी ज्ञानेंद्र सिंह ने शपथपत्र दाखिल कर बताया की जालसाज मरा नहीं है बल्कि जिंदा है।
जालसाजी के आरोपी को दरोगा ने बताया मृत
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीकेटी थाना के दरोगा अशोक कुमार यादव ने जालसाजी के एक आरोपी को मृत बताकर उसका मृत्यु प्रमाणपत्र दाखिल कर दिया, लेकिन एसपी ज्ञानेंद्र सिंह ने इस मामले की तहकीकात की तो पता चला कि जालसाज ने ठगी ने अपना नाम बदल कर रखा था। एसीपी ने हाईकोर्ट में काउंटर शपथपत्र दाखिल करते हुए जानकारी दी कि आरोपी मरा नहीं है, बल्कि जिंदा है। ठगी के लिए उसने अपना नाम बदल लिया था। काउंटर शपथपत्र की जांच करते हुए एसीजेएम बलवंत कुमार भारती ने दरोगा अशोक कुमार यादव को 13 जुलाई को कोर्ट में पेश किए जाने का आदेश दिया है। बीकेटी थाना में जालसाज अभियुक्त रवि प्रकाश सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था।
फर्जीवाड़े का वास्तविक नाम राम लखन मिश्र
अदालत द्वारा दरोगा को भेजी गई नोटिस में कहा गया कि आरोपी रवि प्रकाश सिंह के खिलाफ धारा 82 का आदेश 30 अगस्त 2025 तो एवं धारा 83द0प्र0स0 के आदेश 6 जनवरी 2026 को जारी किया गया था। उनके द्वारा मिली रिपोर्ट के अनुसार रवि प्रकाश सिंह पुत्र रामपाल सिंह की मृत्यु 17 अप्रैल 2026 को हो चुकी थी। इसका मृत्यु प्रमाण दस्तावेज भी न्यायालय में दाखिल किया जा चुका था। इसके उलट सहायक पुलिस आयुक्त बीकेटी ज्ञानेंद्र सिंह ने 23 मार्च 2026 को हाई कोर्ट में एसएलपी में काउंटर शपथ दाखिल किया था। दाखिल किए शपथ के पेज 7 प्रस्तर 6.3 में साफ लिखा गया था कि फर्जी रवि प्रकाश सिंह पुत्र रामपाल सिंह का वास्तविक नाम राम लखन मिश्र है।
अदालत ने जताई नाराजगी
इस दस्तावेज के माध्यम से सिद्ध हो गया कि रवि प्रकाश सिंह पुत्र रामपाल सिंह बनकर अदालत को गुमराह कर रहा था। इसी तरह एसटीएफ द्वारा रिपोर्ट की गई, जिसमें लिखा गया था कि सेक्टर 6 595 जानकीपुरम के रहने वाले राम लखन मिश्र पुत्र गया प्रसाद मिश्रा ने धोखाधड़ी करने के उद्देश्य से फर्जी नाम रवि प्रकाश सिंह पुत्र रामपाल सिंह का नाम इस्तेमाल किया था। दरोगा द्वारा पेश किये गए जालसाज के फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने न्यायालय में ऐसी विरोधाभास रिपोर्ट दर्ज करने के बारे में नोटिस जारी कर स्पष्टता की मांग की है।
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