Jhansi: मृत समझे गए युवक की पहचान निकली गलत, दिल्ली से लौटे बेटे ने खोली सच्चाई

खबर सार :-

झांसी के मऊरानीपुर में रेलवे ओवरब्रिज से मिले शव की पहचान गलत साबित हुई। परिवार ने बेटे को मृत समझ लिया था, लेकिन वह दिल्ली से सकुशल लौट आया। अब जीआरपी अज्ञात मृतक की पहचान में जुटी है।
Jhansi: मृत समझे गए युवक की पहचान निकली गलत, दिल्ली से लौटे बेटे ने खोली सच्चाई

खबर विस्तार : -

झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस की पहचान प्रक्रिया और शव की शिनाख्त को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे ओवरब्रिज से कूदकर जान गंवाने वाले एक अज्ञात युवक के शव को परिजनों ने अपने लापता बेटे का शव समझकर पहचान लिया। चेहरे की समानता के कारण परिवार को पूरा विश्वास था कि मृतक उनका बेटा है। पुलिस ने भी परिजनों की पहचान के आधार पर पंचनामा सहित अन्य कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद कथित मृत युवक के जीवित घर लौट आने से पूरे मामले ने अप्रत्याशित मोड़ ले लिया।

युवक को जिंदा देखे चौंके परिजन

घटना मऊरानीपुर रेलवे ओवरब्रिज की है, जहां एक युवक के ओवरब्रिज से छलांग लगाकर जान देने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान बड़े हनुमान क्षेत्र निवासी भजन लाल ने शव को अपने बेटे अशोक का बताते हुए उसकी पहचान कर ली। चेहरे की काफी समानता होने के कारण परिवार के अन्य सदस्यों ने भी शव को अशोक का ही मान लिया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई आगे बढ़ा दी और क्षेत्र में युवक की मौत की खबर फैल गई।

घर में कुछ समय के लिए मातम का माहौल छा गया। परिजन अंतिम संस्कार की तैयारियों और अन्य औपचारिकताओं को लेकर चिंतित थे। इसी बीच देर रात ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसने सभी को हैरान कर दिया। अशोक स्वयं दिल्ली से अपने घर लौट आया। उसे सकुशल सामने देखकर परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। कुछ ही देर पहले तक जिस घर में शोक का माहौल था, वहां बेटे के जीवित लौटने से खुशी की लहर दौड़ गई।

परिजनों ने तुरंत जीआरपी को सूचना देकर बताया कि उनका बेटा जीवित है और जिस शव की पहचान उन्होंने की थी, वह किसी अन्य युवक का है। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी हैरान रह गई और पूरे मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी गई।

जीआरपी थाने पहुंचकर अशोक ने पुलिस को बताया कि वह मजदूरी करने के लिए दिल्ली गया था। वहां उसे अपेक्षित काम नहीं मिला, इसलिए वह वापस अपने घर लौट आया। घर पहुंचने पर उसे जानकारी मिली कि परिवार ने किसी अज्ञात युवक के शव को उसका शव समझ लिया था और उसकी मौत की खबर पूरे इलाके में फैल चुकी थी। यह सुनकर वह भी आश्चर्यचकित रह गया।

अज्ञात युवक की पहचान जारी

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब उस अज्ञात युवक की पहचान करना है, जिसकी रेलवे ओवरब्रिज से गिरकर या कूदकर मौत हुई थी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मृतक कौन था और उसके परिजन कहां रहते हैं। इसके लिए आसपास के जिलों और थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। साथ ही अन्य माध्यमों से भी शव की पहचान कराने की कोशिश की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक और अशोक के चेहरे में काफी समानता थी। इसी वजह से पहचान में भ्रम की स्थिति पैदा हुई। पुलिस का कहना है कि कई बार शव की स्थिति और चेहरे की समानता के कारण ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं, इसलिए अब मामले की हर पहलू से दोबारा जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह की गलती न रहे।

फिलहाल जीआरपी ने अज्ञात मृतक की पहचान और उसकी मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक मृतक की सही पहचान नहीं हो जाती, तब तक उसकी मौत के कारणों और पूरे घटनाक्रम पर अंतिम निष्कर्ष निकालना संभव नहीं होगा। वहीं, यह मामला शव की पहचान के दौरान सावधानी और वैज्ञानिक तरीकों के उपयोग की आवश्यकता को भी एक बार फिर उजागर करता है।

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