रेलवे का बड़ा फैसला: झांसी मंडल के 500 टीटीई को मिलेंगे बॉडी कैमरे, टिकट जांच होगी पूरी तरह रिकॉर्ड

खबर सार :-

भारतीय रेलवे ने टिकट जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए झांसी मंडल के करीब 500 टीटीई को बॉडी-वॉर्न कैमरे देने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे टिकट जांच की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड होगी और विवादों के निष्पक्ष समाधान में मदद मिलेगी।
रेलवे का बड़ा फैसला: झांसी मंडल के 500 टीटीई को मिलेंगे बॉडी कैमरे, टिकट जांच होगी पूरी तरह रिकॉर्ड

खबर विस्तार : -

झांसीः भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में टिकट जांच के दौरान होने वाले विवादों को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अहम कदम उठाया है। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में करीब 500 टिकट जांच कर्मचारियों (टीटीई) को जल्द ही बॉडी-वॉर्न कैमरे (Body Worn Cameras) उपलब्ध कराए जाएंगे। रेलवे ने इन कैमरों की खरीद और तकनीकी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि अक्सर टिकट जांच के दौरान यात्रियों और टीटीई के बीच विवाद, अभद्रता और फर्जी शिकायतों की घटनाएं सामने आती हैं। बॉडी कैमरों के इस्तेमाल से पूरी टिकट जांच प्रक्रिया का वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे ऐसे मामलों का निष्पक्ष सत्यापन किया जा सकेगा।

टिकट जांच की पूरी प्रक्रिया होगी रिकॉर्ड

बॉडी-वॉर्न कैमरा एक छोटा और हल्का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है, जिसे टीटीई अपनी वर्दी पर पहनेंगे। कैमरे के सामने होने वाली हर गतिविधि का वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड होगा। रिकॉर्डिंग सुरक्षित डिजिटल मेमोरी में संग्रहित रहेगी और ड्यूटी समाप्त होने के बाद इसे रेलवे के सुरक्षित सर्वर पर अपलोड किया जाएगा। रेलवे का कहना है कि रिकॉर्डिंग के जरिए टिकट जांच के दौरान हुई पूरी कार्रवाई का डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध रहेगा। इससे किसी भी शिकायत या विवाद की स्थिति में तथ्यों की निष्पक्ष जांच करना आसान होगा।

फर्जी शिकायतों और विवादों पर लगेगी रोक

रेलवे के अनुसार, इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य टिकट जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और कर्मचारियों व यात्रियों दोनों के हितों की रक्षा करना है। यदि किसी यात्री द्वारा टीटीई पर गलत आरोप लगाया जाता है या किसी कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार होता है, तो कैमरे में रिकॉर्ड फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य का काम करेगी। इसी तरह यदि किसी यात्री के साथ अनुचित व्यवहार की शिकायत आती है, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच रिकॉर्डिंग के आधार पर की जा सकेगी। इससे शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी और दोनों पक्षों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

संगठन ने किया रेलवे के फैसले का स्वागत

इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ ऑर्गेनाइजेशन ने रेलवे के इस फैसले का स्वागत किया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि टिकट चेकिंग स्टाफ को बॉडी कैमरे उपलब्ध कराने की मांग लंबे समय से रेलवे बोर्ड, विभिन्न जोन और मंडलों के समक्ष उठाई जा रही थी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से टिकट जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और कर्मचारियों पर लगने वाले फर्जी आरोपों में भी कमी आएगी। साथ ही कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक सुरक्षित वातावरण में अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक ने बताया उद्देश्य

झांसी के वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक अमन वर्मा ने बताया कि यात्रियों और टिकट जांच कर्मचारियों के बीच पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से मंडल के लगभग 500 टीटीई को बॉडी कैमरे उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कैमरे चालू रहने के दौरान टिकट जांच और उससे जुड़ी पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड होगी। इससे किसी भी विवाद या शिकायत की स्थिति में तथ्यों का निष्पक्ष सत्यापन संभव होगा। यह व्यवस्था यात्रियों और रेल कर्मचारियों दोनों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

रेलवे को मिलेगी शिकायतों के समाधान में मदद

रेलवे का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद टिकट जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। रिकॉर्डेड फुटेज के आधार पर शिकायतों का निस्तारण तेजी से किया जा सकेगा और विवादों में अनावश्यक भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी। रेलवे की यह पहल न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि यात्रियों का भरोसा भी बढ़ाएगी। आने वाले समय में इस व्यवस्था के सफल होने पर इसे अन्य रेल मंडलों और जोनों में भी लागू किए जाने की संभावना है।

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