हिमाचल में मॉनसून से पहले आंधी-बारिश का अलर्ट, शिमला में भारी भूस्खलन, ढली-संजौली बाईपास बंद
खबर सार :-
हिमाचल प्रदेश में मानसून से पहले मौसम के तेवर बदल गए हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही शिमला के ढली-संजौली बाईपास पर भारी भूस्खलन हुआ है।
खबर विस्तार : -
शिमला: हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आने से पहले ही मौसम खराब हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले चार दिनों तक आंधी-तूफान, बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
राजधानी शिमला में मॉनसून-पूर्व भूस्खलन (लैंडस्लाइड) ने संकेत दिया है कि बारिश का मौसम तेज होने पर पहाड़ी इलाकों में खतरा बढ़ सकता है। आज शाम शिमला में ढली-संजौली बाईपास पर पहाड़ी का एक हिस्सा ढहने से अफरातफरी मच गई। हालांकि, भूस्खलन से कोई हताहत नहीं हुआ। एहतियात के तौर पर पुलिस ने बाईपास को बंद कर दिया है।
22 जून तक मौसम खराब रहने की आशंका
विभाग के अनुसार, एक सक्रिय 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से 22 जून तक मौसम खराब रहने की आशंका है। शिमला, मंडी और कुल्लू जिलों में 19 जून के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जिसमें तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा), बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है, जबकि चंबा और कांगड़ा के लिए 'येलो अलर्ट' जारी है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर दस जिलों के लिए 20 और 21 जून को 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।
राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सिरमौर के राजगढ़ में सबसे अधिक 45 मिमी बारिश हुई, जबकि शिमला जिले के जुब्बरहट्टी और सराहन में 25-25 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि हिमाचल में मॉनसून 25 जून के आसपास आ सकता है।
ढली-संजौली बाईपास पर भारी भूस्खलन
गुरुवार को राजधानी शिमला के ढली-संजौली बाईपास पर भारी भूस्खलन के कारण ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही रुक गई। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें रास्ता साफ करने का काम कर रही हैं, जबकि पुलिस ने लोगों से फिलहाल इस सड़क का इस्तेमाल न करने और वैकल्पिक रास्तों का चयन करने की अपील की है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राज्य में मॉनसून ने अभी औपचारिक रूप से दस्तक नहीं दी है। आने वाले दिनों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफ़ान के बारे में मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कों के बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
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