Haryana: जहरीली गैस की चपेट में आने से 4 की मौत, बछड़े को बचाने कुएं में उतरे थे चारों
खबर सार :-
हरियाणा के झज्जर जिले में रविवार रात एक बछड़े को बचाने के लिए कुएं में उतरे 4 मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि चारों जहरीली गैस की चपेट में आ गए थे और कुएं में ही बेहोश हो गए। वहीं, ग्रामीणों ने राहत-बचाव कार्य देरी से शुरू करने का आरोप लगाया है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: हरियाणा के झज्जर जिले के मुनिमपुर गांव में एक कुएं में गिरे बछड़े को बचाने की कोशिश में जहरीली गैस की चपेट में आने से चार ग्रामीणों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बचाव कार्य देरी से शुरू करने का आरोप लगाया।
एक चश्मदीद, सुनील ने बताया कि रविवार रात गांव के एक पुराने, बंद पड़े कुएं से बछड़े के रंभाने की आवाज सुनाई दी। उसे बचाने की कोशिश में दलबीर (41), नरेंद्र (37), मोनू और रामे (34) एक-एक करके कुएं में उतरे। कुएं के अंदर जहरीली गैस के कारण चारों बेहोश हो गए और बाहर नहीं निकल पाए। सुनील ने बताया कि मौके पर तुरंत भीड़ जमा हो गई; लोगों ने मदद की कोशिश की लेकिन वे असफल रहे।
3 घंटे बाद निकाले गए चारों
ग्रामीणों ने 'डायल 112' सेवा के जरिए पुलिस को सूचना दी। इसके बाद, झज्जर पुलिस, फायर ब्रिगेड और ज़िला प्रशासन की टीमों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया और लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद पीड़ितों को कुएं से बाहर निकाला। चारों लोगों को बाहर निकालकर पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सब-इंस्पेक्टर हुए बीमार
पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह बचाव अभियान की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचीं। बचाव कार्यों के दौरान कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स भी मौजूद थे। बचाव कार्य में शामिल सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार बीमार पड़ गए और उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया; उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
ग्रामीणों ने लगाया देरी का आरोप
इस दुखद घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की; उनका कहना था कि अगर समय पर मदद मिल जाती तो जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने घटना की जांच और आपातकालीन प्रतिक्रिया में कथित देरी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर पहुंची एम्बुलेंस में ऑक्सीजन की सुविधा नहीं थी। उनका कहना था कि कुएं से निकाले जाते समय चारों लोग जिंदा थे और अगर उन्हें समय पर ऑक्सीजन मिल जाती, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
घटना की विस्तृत जांच कर रही पुलिस
शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि पीड़ितों की मौत कुएं के अंदर जमा जहरीली गैस के कारण हुई हो सकती है। पुलिस और जिला अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि बचाव अभियान के दौरान सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं। इस घटना से मुनीमपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना पर गहरा दुख जताते हुए झज्जर की पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री ने इसे बेहद दुखद हादसा बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें बचाने की हर मुमकिन कोशिश की गई, लेकिन उन चारों लोगों को बचाया नहीं जा सका।
ये भी पढ़ेंः- मुजफ्फरनगर में दर्दनाक हादसाः बारिश में भरभराकर गिरा मकान, पिता समेत 4 बच्चों की मौत
नई दिल्ली: हरियाणा के झज्जर जिले के मुनिमपुर गांव में एक कुएं में गिरे बछड़े को बचाने की कोशिश में जहरीली गैस की चपेट में आने से चार ग्रामीणों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बचाव कार्य देरी से शुरू करने का आरोप लगाया।
एक चश्मदीद, सुनील ने बताया कि रविवार रात गांव के एक पुराने, बंद पड़े कुएं से बछड़े के रंभाने की आवाज सुनाई दी। उसे बचाने की कोशिश में दलबीर (41), नरेंद्र (37), मोनू और रामे (34) एक-एक करके कुएं में उतरे। कुएं के अंदर जहरीली गैस के कारण चारों बेहोश हो गए और बाहर नहीं निकल पाए। सुनील ने बताया कि मौके पर तुरंत भीड़ जमा हो गई; लोगों ने मदद की कोशिश की लेकिन वे असफल रहे।
3 घंटे बाद निकाले गए चारों
ग्रामीणों ने 'डायल 112' सेवा के जरिए पुलिस को सूचना दी। इसके बाद, झज्जर पुलिस, फायर ब्रिगेड और ज़िला प्रशासन की टीमों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया और लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद पीड़ितों को कुएं से बाहर निकाला। चारों लोगों को बाहर निकालकर पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सब-इंस्पेक्टर हुए बीमार
पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह बचाव अभियान की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचीं। बचाव कार्यों के दौरान कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स भी मौजूद थे। बचाव कार्य में शामिल सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार बीमार पड़ गए और उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया; उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
ग्रामीणों ने लगाया देरी का आरोप
इस दुखद घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की; उनका कहना था कि अगर समय पर मदद मिल जाती तो जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने घटना की जांच और आपातकालीन प्रतिक्रिया में कथित देरी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर पहुंची एम्बुलेंस में ऑक्सीजन की सुविधा नहीं थी। उनका कहना था कि कुएं से निकाले जाते समय चारों लोग जिंदा थे और अगर उन्हें समय पर ऑक्सीजन मिल जाती, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
घटना की विस्तृत जांच कर रही पुलिस
शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि पीड़ितों की मौत कुएं के अंदर जमा जहरीली गैस के कारण हुई हो सकती है। पुलिस और जिला अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि बचाव अभियान के दौरान सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं। इस घटना से मुनीमपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना पर गहरा दुख जताते हुए झज्जर की पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री ने इसे बेहद दुखद हादसा बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें बचाने की हर मुमकिन कोशिश की गई, लेकिन उन चारों लोगों को बचाया नहीं जा सका।
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