भारी बारिश और वज्रपात के खतरे के बीच डीएम की अपील, मोबाइल में डाउनलोड करें 'सचेत ऐप'
खबर सार :-
ज़िला मजिस्ट्रेट ने ज़िले के निवासियों से अपील की कि वे बारिश के दौरान नदियों, बांधों, कॉज़वे या पानी से भरे इलाकों में बेवजह न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करके अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
खबर विस्तार : -
झांसीः जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश, बढ़ते जलस्तर और आकाशीय बिजली की घटनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने लोगों से सतर्क रहने और अपने मोबाइल फोन में 'सचेत ऐप' डाउनलोड करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन समय पर मिलने वाली चेतावनी से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए मौसम संबंधी अलर्ट पर ध्यान देना चाहिए।
ग्रामीणों को जानकारी देने के निर्देश
कलक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे गांवों में आयोजित खुली बैठकों, चौपालों और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों और ग्रामीणों को सचेत ऐप की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम संबंधी जानकारी समय पर पहुंचाना बेहद जरूरी है, ताकि लोग आकाशीय बिजली, तेज बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से पहले ही सतर्क होकर आवश्यक सुरक्षा उपाय अपना सकें।
जिलाधिकारी ने बताया कि सचेत ऐप भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन भारतीय ऊष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे द्वारा विकसित किया गया है। यह ऐप आकाशीय बिजली गिरने की संभावित घटनाओं की पूर्व चेतावनी जारी करता है। इसके साथ ही इसमें वज्रपात से बचाव के उपाय, आपदा के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियां और प्राथमिक उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध रहती है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस ऐप का उपयोग करने की अपील की।
डीएम ने नदी, नाले, डैम और अन्य जल स्रोतों के किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्राम प्रधानों, लेखपालों, ग्राम पंचायत सचिवों तथा ग्राम निगरानी समितियों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए और ग्रामीणों को नदी किनारे जाने से रोका जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने और बारिश के कारण जिन गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से बाधित हो जाए, उसकी सूचना तत्काल जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को पूरी तैयारी बनाए रखने को कहा गया है।
महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाने की सलाह
जिलाधिकारी ने नदी किनारे बसे गांवों में संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए गोताखोरों और नावों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण करें और जहां भी कोई समस्या या खतरे की स्थिति दिखाई दे, वहां तत्काल राहत एवं बचाव संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
आकाशीय बिजली से बचाव के लिए जिलाधिकारी ने नागरिकों को कई महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बिजली चमकने या गर्जना होने की स्थिति में खुले मैदान, खेत, पेड़ों के नीचे, पहाड़ी क्षेत्रों और चट्टानों के आसपास खड़े न हों। पानी भरे स्थानों से दूरी बनाए रखें तथा धातु की वस्तुओं का उपयोग करने से बचें। खुले स्थानों पर छाता लेकर खड़े रहने से भी परहेज करें।
उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षित भवन तक पहुंचना संभव न हो तो खुली जगह में घुटनों के बल बैठकर सिर नीचे रखें और हाईटेंशन बिजली के तारों, बिजली के टावरों तथा ऊंचे धातु के ढांचों से दूर रहें। गर्जना सुनाई देने पर घर के भीतर रहें और टेलीफोन, हेयर ड्रायर, इलेक्ट्रिक रेजर सहित अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग न करें।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने जनपदवासियों से अपील की कि बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से नदी, डैम, रपटों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान दें और स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
यह भी पढ़ेंः-‘बॉस स्कैम’ का खुलासा: डायरेक्टर बनकर WhatsApp पर भेजा मैसेज, कंपनी से ठगे 10 करोड़ रुपये, तीन राज्यों में छापेमारी
झांसीः जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश, बढ़ते जलस्तर और आकाशीय बिजली की घटनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने लोगों से सतर्क रहने और अपने मोबाइल फोन में 'सचेत ऐप' डाउनलोड करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन समय पर मिलने वाली चेतावनी से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए मौसम संबंधी अलर्ट पर ध्यान देना चाहिए।
ग्रामीणों को जानकारी देने के निर्देश
कलक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे गांवों में आयोजित खुली बैठकों, चौपालों और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों और ग्रामीणों को सचेत ऐप की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम संबंधी जानकारी समय पर पहुंचाना बेहद जरूरी है, ताकि लोग आकाशीय बिजली, तेज बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से पहले ही सतर्क होकर आवश्यक सुरक्षा उपाय अपना सकें।
जिलाधिकारी ने बताया कि सचेत ऐप भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन भारतीय ऊष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे द्वारा विकसित किया गया है। यह ऐप आकाशीय बिजली गिरने की संभावित घटनाओं की पूर्व चेतावनी जारी करता है। इसके साथ ही इसमें वज्रपात से बचाव के उपाय, आपदा के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियां और प्राथमिक उपचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध रहती है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस ऐप का उपयोग करने की अपील की।
डीएम ने नदी, नाले, डैम और अन्य जल स्रोतों के किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्राम प्रधानों, लेखपालों, ग्राम पंचायत सचिवों तथा ग्राम निगरानी समितियों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए और ग्रामीणों को नदी किनारे जाने से रोका जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने और बारिश के कारण जिन गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से बाधित हो जाए, उसकी सूचना तत्काल जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को पूरी तैयारी बनाए रखने को कहा गया है।
महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाने की सलाह
जिलाधिकारी ने नदी किनारे बसे गांवों में संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए गोताखोरों और नावों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण करें और जहां भी कोई समस्या या खतरे की स्थिति दिखाई दे, वहां तत्काल राहत एवं बचाव संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
आकाशीय बिजली से बचाव के लिए जिलाधिकारी ने नागरिकों को कई महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बिजली चमकने या गर्जना होने की स्थिति में खुले मैदान, खेत, पेड़ों के नीचे, पहाड़ी क्षेत्रों और चट्टानों के आसपास खड़े न हों। पानी भरे स्थानों से दूरी बनाए रखें तथा धातु की वस्तुओं का उपयोग करने से बचें। खुले स्थानों पर छाता लेकर खड़े रहने से भी परहेज करें।
उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षित भवन तक पहुंचना संभव न हो तो खुली जगह में घुटनों के बल बैठकर सिर नीचे रखें और हाईटेंशन बिजली के तारों, बिजली के टावरों तथा ऊंचे धातु के ढांचों से दूर रहें। गर्जना सुनाई देने पर घर के भीतर रहें और टेलीफोन, हेयर ड्रायर, इलेक्ट्रिक रेजर सहित अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग न करें।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने जनपदवासियों से अपील की कि बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से नदी, डैम, रपटों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान दें और स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
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