राजगढ़ः नारी आजीविका महोत्सव में महिलाओं ने दिखाया हुनर, खेलों में भी लिया हिस्सा

खबर सार :-

महिलाओं ने समूह से कुछ देर बाहर रहकर आज कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इस दौरान उनका संदेश था कि वह आत्मनिर्भर बन रही हैं। खेलों में भी पीछे नहीं हैं।
खेलों में महिलाओं ने दिखाई हुनर, आत्मनिभर बनने का संकल्प लिया

खबर विस्तार : -

राजगढ़, मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ किया गया। गुरुवार को नमो युवा शक्ति कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण केंद्र, पीटी कंपनी में नारी आजीविका महोत्सव कार्यक्रम क्षेत्र के लिए यादगार बन गया। महोत्सव में स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने बढ़ चढकर भाग लिया। उनके उत्साह और सहभागिता ने अमिट छाप छोड़ी। कार्यक्रम के उद्देश्य पर वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को प्रोत्साहित कर उनको आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। 

इस दौरान कार्यक्रम में विधायक अमरसिंह यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा संकल्प के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान को शुरू किया गया है। पीएम के प्रयासों से ही कई योजनाएं महिलाओं से संबंधित चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की मेहनत और आत्मविश्वास से परिवार, समाज और देश मजबूत हो रहा है। उन्होने कहा कि नारी आजीविका महोत्सव के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की दीदियां आगे बढ़ रही हैं। यह योजना महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह गुर्जर, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ डॉ. इच्छित गढ़पाले की मौजूदगी रही है। 

महिलाओं को भी आगे किया जा रहा

पूर्व की महिलाओं की दशा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेटियों को बोझ समझने की सोच बदली है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने वर्तमान में सरकारी और सामाजिक व्यवस्था में बदलाव की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की स्थिति में बदलाव आया है। यह आयोजन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्ररित करता है। इसीलिए मेहनत के लिए मंच देने के साथ आजीविका के अवसरों को तलाशना भी उनका कर्तव्य है। सरकार की योजनाओं में खेलों को भी आगे करना है। यही कारण है कि ऐसे आयोजन में समूह की महिलाओं को भी आगे किया जा रहा है।

समूह की दीदियों को आयोजन में महत्व दिया गया। दरअसल समूह की महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ रही हैं। वह समाज के लिए एक अच्छा उदाहरण बनकर उभर रही हैं। सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर लगातार प्रयास सफल हुए हैं। सरकारी योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं को कई तरह के लाभ दिए जा रहे हैं। इनमें जन्म, पोषण, टीकाकरण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में काफी बदलाव किया गया है। उन्होंने सरकारी योजनाएं और उनसे लाभ बताए। कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना, साइकिल और लैपटॉप वितरण बेटियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। इनसे उनको आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। 

लोगों में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा

सामाजिक बदलाव का भी यहां जिक्र किया गया। इसमें करीब दो दशक पहले का उल्लेख किया गया। जब बेटियों को बोझ समझा जाता था। वह मानसिकता अब नहीं है। लोगों में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। कार्यक्रम में खेलों को भी प्रमुखता दी गई। खेल प्रयोगिताओं में महिलाओं ने गुब्बारा भरने, दौड़, चेयर रेस, नींबू दौड़ और क्रिकेट में जमकर उत्साह दिखाया। खेल गतिविधियों के दौरान इनमें सहभागिता और टीम भावना भी देखी गई। महोत्सव के माध्यम से महिलाओं को उनकी क्षमता में निखार लाने के लिए कहा गया। 

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