हैदराबाद मैराथन में जुटे 3,000 प्रतिभागी, संख्याबल ने बनाया रिकॉर्ड

खबर सार :-

हैदराबाद में आज मैराथन का आयोजन हुआ। इसमें 3,000 से ज्यादा धावकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी सड़कों पर तैनात रहे।
हैदराबाद हुआ मैराथनमय, 3,000 से ज्यादा धावकों की रही भागीदारी

खबर विस्तार : -

हैदराबाद :शहर के सबसे बड़े इवेंट, हैदराबाद मैराथन का आयोजन रविवार को हुआ। इसमें 3,000 से ज्यादा धावकों ने हिस्सा लिया। इस बार की यह फुल मैराथन रही। धावकों के हिस्सा लेने के दौरान सुरक्षा के लिहाज से करीब 2,000 पुलिसकर्मियों को पूरे रूट पर तैनात किया गया था। 

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद मैराथन का 15वां एडिशन था। एनएमडीसी (राष्ट्रीय खनिज विकास निगम) के डायरेक्टर कृष्ण कुमार ठाकुर ने “फुल मैराथन की सफलता पर कहा कि यह आयोजन हमारी क्षमताओं का प्रदर्शन है। इस आयोजन पर उन्होंने कहा कि फुल मैराथन में लोगों की भागीदारी ने हैदराबाद का नाम ऊंचा कर दिया है। 

धावकों का रखा गया पूरा ध्यान

बता दें कि 3,000 से ज्यादा लोगों ने इस मैराथन में हिस्सा लिया है। लोगों की भागीदारी ज्यादा होने में मौसम ने भी खूब साथ दिया है। आयोजकों का कहना था कि ऐसा आयोजन फिर होगा, और उसमें मुझे लगता है कि यह संख्या और बढ़ेगी और लोगों को प्रेरित भी करेगी।

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बारिश का मौसम होने के बाद भी लोगों ने बढ़कर हिस्सा लिया और पूरी जिज्ञासा प्रदर्शित की। इस कार्यक्रम को एनएमडीसी की पहल से जोड़ा गया है। इसके बारे में कहा गया कि हम पहले ही साल में 184 लोगों को प्रेरित और मोटिवेट करने में सफल रहे हैं। इसमें धावकों को एनएमडीसी ने सुविधाजनक बनाने की पूरी भूमिका निभाई। ट्रेनिंग, किट और रहने की व्यवस्था देने में पीछे नहीं रहे।

हैदराबाद मैराथन का 15वां एडिशन संपन्न

साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर एम. रमेश की भी यहां मौजूदगी रही। उनका कहना था कि वह इस मैराथन के सभी 15 एडिशन से किसी न किसी रूप में जुड़े रहे हैं। इस बार यह हैदराबाद मैराथन का 15वां एडिशन है। सभी 15 एडिशन में वह कभी धावक बनकर आए और कभी आयोजक के तौर पर दिखे। हैदराबाद में इस तरह के बढ़िया आयोजन किए जाते हैं। इनमें बहुत दूर से या कह सकते हैं कि प्रदेशों से धावक आते हैं। इस मौसम को भी लोग पसंद करते हैं। 

साड़ी पहनकर दौड़ती रही महिला

इस मैराथन में एक महिला धावक साड़ी पर दिख रही थी। उसने दूर से ही लोगों का ध्यान खींचा। उसने बताया कि रनिंग की शुरूआत ही साड़ी से की थी। वह हमेशा साड़ी में ही दौड़ती है। महिला ने बहुत सारे हाफ मैराथन किए हैं। हैदराबाद में उसका पहला मैराथन है। साड़ी मसले पर कहती है कि इसमें कोई खास मुश्किल नहीं है। यह महाराष्ट्र की संस्कृति को दर्शाती है जो अच्छा लगता है। एक अन्य प्रतिभागी तेलंगाना रनर्स में हिस्सा लिया था। उसके बाद यहां मौका मिला है। 

मौसम ने बढ़ा दी मैराथन की शोभा

शहर में अक्सर कोई खेल होता रहता है। इससे हैदराबाद भारत की इवेंट कैपिटल कहा जाने लगा है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि हमने बहुत प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजन किए हैं। इसमें उन्होंने तेलंगाना पुलिस का नाम लिया और कहा कि कई चीजों के आयोजन के लिए तेलंगाना की पुलिस जानी जाती है।

यह पुलिस सरकार की बहुत सहयोग करती है। मैराथन में भाग लेने वाले धावकों में भी काफी उत्साह देखा गया। इसको लेकर प्रतिभागियों की अलग-अलग राय रही। किसी ने कहा कि मैं आगे और ज्यादा हाफ मैराथन और फुल मैराथन करना चाहती हूं, तो किसी ने फुल मैराथन की ही इच्छा जाहिर की। हैदराबाद में मैराथन की शुरुआत साल 2011 में हुई थी। यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी मैराथन प्रतियोगिता है। इस मैराथन में फुल मैराथन, हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ शामिल होती हैं। 

2011 में हैदराबाद का पहला मैराथन

हैदराबाद में मैराथन की शुरुआत साल 2011 में हुई थी। यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी मैराथन प्रतियोगिता है। इस मैराथन में फुल मैराथन, हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ शामिल होती हैं। हैदराबाद में खेलों को काफी महत्व दिया जाता है इसीलिए मैराथन से भी लोग जुड़ने लगे हैं। मैराथन और एथलीट का काफी घनिष्ठ संबंध रहता है, इसमें ज्यादातर उम्र की सीमा नहीं रहती है। इसीलिए आम आदमी भी हिस्सा लेनेे पहुंच जाते हैं। मैराथन किसी उद्देश्य को लेकर भी किया जाता है, जैसे सफाई के प्रति ध्यान आकर्षित करने के लिए, कभी.कभी पर्यावरण संरक्षण के लिए कभी पौधारोपण के लिए मैराथन का आयोजन देश में होते रहते हैं।

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