Asian Games 2026: शूटिंग में भारत के लिए एक और मेडल हुआ पक्का, ईशा सिंह ने 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में जीता सिल्वर मेडल

खबर सार :-

एशियन गेम्स 2026 के 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में भारत के लिए ईशा सिंह ने सिल्वर मेडल जीता। एशियन गेम्स में ईशा सिंह का यह तीसरा सिल्वर मेडल है।
एशियन गेम्स 2026: शूटिंग में भारत के लिए ईशा सिंह ने जीता सिल्वर मेडल

खबर विस्तार : -

Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग में ईशा सिंह ने भारत के लिए एक और मेडल पक्का किया। भारत की निशानेबाज ईशा सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। अधिक दबाव के बीच ईशा ने गजब के मानसिक संतुलन का परिचय देते हुए सिल्वर मेडल जीता। प्रतियोगिता के दौरान उन्हें कई बार कठिन शूट-ऑफ का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने अपनी एकाग्रता नहीं खोई और दृढ़ संकल्प के साथ दूसरा स्थान हासिल कर देश को गौरवान्वित किया। 

एशियन गेम्स में ईशा ने जीता तीसरा सिल्वर मेडल

एशियन गेम्स में ईशा का यह तीसरा सिल्वर मेडल है। इससे पहले उन्होंने हांग्जो 2023 में 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में सिल्वर मेडल जीता था। ईशा ने 580-22x के स्कोर के साथ आठवें स्थान पर रहते हुए मुश्किल से फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। हालांकि, मेडल राउंड शुरू होते ही भारतीय खिलाड़ी ने उस शुरुआती संघर्ष को पीछे छोड़ दिया और फाइनल की शुरुआत अपने पांच शॉट्स में पांच परफेक्ट हिट्स के साथ की। शुरुआती दौर में वह लीडर्स में बनी रहीं, लेकिन टॉप पर मुकाबला बार-बार कड़ा होता रहा। चीन की जिओ जियारुइक्सुआन लगातार परफेक्ट सीरीज के साथ आगे बढ़ गईं, जबकि उत्तर कोरिया की किम ह्योन सुक भी मेडल की दौड़ में मजबूती से बनी रहीं। एलिमिनेशन राउंड में और भी उतार-चढ़ाव आए। तीन हिट्स के बाद ईशा स्टैंडिंग में नीचे खिसक गईं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 5/5 का स्कोर किया और खुद को मुकाबले में बनाए रखा। जब वियतनाम की ट्रिन्ह थू विन्ह बाहर हुईं, तो भारतीय खिलाड़ी का मेडल पक्का हो गया।

भारतीय खिलाड़ी को सिल्वर मेडल से करना पड़ा संतोष 

इसके बाद ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला ईशा और किम के बीच शूट-ऑफ के एक असाधारण क्रम में बदल गया, क्योंकि दोनों 34 हिट्स पर बराबरी पर थीं। दोनों शूटर्स ने शुरुआत में तीन-तीन हिट्स किए, जिससे एक और शूट-ऑफ की स्थिति बन गई। एक तकनीकी रुकावट ने तनाव और बढ़ा दिया, जिसके बाद सिंगल-शॉट की स्थिति के साथ मुकाबला फिर से शुरू हुआ। आखिरकार ईशा ने बाजी मारी और ब्रॉन्ज मेडल की स्थिति पक्की की और गोल्ड के लिए जिओ से मुकाबला करने का हक हासिल किया। फाइनल मुकाबला भी उतना ही रोमांचक रहा। जिओ और ईशा के बीच सिर्फ एक हिट का अंतर था, तभी भारतीय खिलाड़ी ने चार हिट्स लगाकर एक और शूट-ऑफ की स्थिति बना दी। इसके बाद दोनों शूटर्स ने चार-चार हिट्स किए, जिससे मुकाबला एक और शूट-ऑफ में चला गया। गोल्ड मेडल बस मिलने ही वाला था कि ईशा ने दो हिट किए, जबकि शियाओ ने तीन हिट किए, जिससे भारतीय खिलाड़ी को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। उनके कुल स्कोर 38 तक पहुंचे, जो 2023 में हांग्जो एशियन गेम्स में चीन की लियू रुई द्वारा बनाए गए 38 हिट के गेम्स रिकॉर्ड के बराबर था।

ईशा के नाम है महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल का वर्ल्ड रिकॉर्ड 

इस मेडल के साथ ईशा की तेजी से बढ़ती उपलब्धियों की सूची में एक और कामयाबी जुड़ गई है। भारतीय खिलाड़ी के नाम अभी महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। उन्होंने मई में म्यूनिख वर्ल्ड कप में 43 हिट किए थे और वह अभी वर्ल्ड नंबर एक भी हैं। ईशा का सिल्वर मेडल भारत के लिए शूटिंग रेंज में एक रोमांचक सुबह का समापन था, जो टीम फाइनल में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आया। टीम फाइनल में एक जरूरी टारगेट चूकने के कारण भारतीय महिलाएं पांचवें स्थान पर रहीं। भारतीय टीम में दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर, एशियन गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट ईशा सिंह और कई बार की एशियन गेम्स की मेडलिस्ट राही सरनोबत शामिल थीं। प्रिसिजन और रैपिड इवेंट्स में उनका कुल स्कोर 1727-56x रहा और एक और मेडल हाथ से निकल गया।

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क्वार्टर फाइनल में सियोंग को हरा लवलीना ने बॉक्सिंग में पक्का किया एक और मेडल 

भारत की स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने सोमवार को निशियो जिम्नेजियम में कोरिया की सियोंग सुयोन के खिलाफ महिलाओं के 75 किग्रा क्वार्टर फाइनल मुकाबले में 5-0 से शानदार जीत हासिल कर एशियन गेम्स 2026 में अपना मेडल पक्का कर लिया है। लवलीना ने इस जीत के साथ ही सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है। पिछले एशियन गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट बोरगोहेन ने इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपना दूसरा एशियन गेम्स मेडल पक्का कर लिया है। दोनों ही खिलाड़ियों ने मुकाबले की शुरुआत डिफेंसिव अंदाज में की, लेकिन भारतीय बॉक्सर ने कुछ सटीक पंच लगाकर पहला राउंड 5-0 से अपने नाम किया। बोरगोहेन ने अपनी लंबे कद का फायदा उठाया और कुछ काउंटर पंच व जैब लगाकर दूसरा राउंड भी जीत लिया। भारतीय बॉक्सर ने आखिरी राउंड में भी अपनी लय बनाए रखी और एशियन गेम्स 2010 की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट पर जबरदस्त प्रहार किए। इसके बाद तीसरा राउंड भी 5-0 से जीतकर उन्होंने मुकाबला अपने नाम किया। सभी जजों ने उनके पक्ष में 30-27 का स्कोर दिया। 

मौजूदा एशियन गेम्स में  मुक्केबाजी में है चौथा मेडल 

मौजूदा एशियन गेम्स में यह ऐसा चौथा मेडल है, जो भारत को मुक्केबाजी में मिलना पक्का हो गया है। नरेंद्र बेरवाल ने पुरुषों के +90 किग्रा कैटेगरी के क्वार्टर फाइनल में अथापोंग सेंगटेप को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाते हुए देश के लिए तीसरा मेडल पक्का किया था। इससे पहले, अंकुश पांघल और परवीन हुड्डा भी अपनी-अपनी कैटेगरी में मेडल पक्का कर चुके हैं। मौजूदा कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन अंकुश ने पुरुषों के 80 किग्रा क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के नेक्रुज सलिमोव को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया था। वहीं, परवीन ने महिलाओं के 65 किग्रा कैटेगरी के क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की नवबखोर खमिदोवा को 5-0 से हराकर मेडल पक्का किया है। भारतीय खिलाड़ी ने सोच-समझकर खेलते हुए मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी। उन्होंने अपनी पहुंच और स्पीड का इस्तेमाल करके खमिदोवा को दूर रखा और सही मौके पर पंच मारे। वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 की सिल्वर मेडलिस्ट उज्बेकिस्तान की खिलाड़ी को अपनी छाप छोड़ने में संघर्ष करना पड़ा, जबकि परवीन ने तेज कॉम्बिनेशन और काउंटर-अटैक के दम पर सभी पांच जजों के स्कोरकार्ड पर मुकाबला अपने नाम किया था।

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