रक्षाबंधन पर सीएम योगी ने लिखी चिट्ठी, प्रदेशवासियों को बार-बार बधाई

खबर सार :-

प्रदेशवासियों को लिखी एक चिट्ठी में मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन पर बधाई दी है। उन्होंने लिखा कि रक्षाबंधन केवल रक्षा-सूत्र नहीं, बहन-बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वाभिमान के संकल्प का पर्व है।
यूपी वालों को सीएम योगी की चिट्ठी, रक्षाबंधन पर दीं सबको शुभकामनाएं

खबर विस्तार : -

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दी हैं। इस पत्र में सीएम ने कहा कि रक्षाबंधन भाई की कलाई पर बंधने वाला रक्षा-सूत्र मात्र नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास और संकल्प का पावन पर्व है। 

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रक्षाबंधन है परिवार को जोड़ने वाला पर्व

सीएम योगी ने पत्र में रक्षाबंधन को परिवार जोड़ने वाला पर्व बताया है। उन्होंने रक्षाबंधन पर बांधी जाने वाली राखी की महानता पर भी अपने विचार लिखे। समाज में आत्मीयता लाने वाला, तथा बहन-बेटियों के सम्मान, सुरक्षा एवं स्वाभिमान के प्रति अपने दायित्व का स्मरण कराने के लिए रक्षाबंधन को मुख्यमंत्री ने श्रेष्ठ पर्व कहा है। मुख्यमंत्री वैसे तो सभी धर्माें के त्योहारों और पर्वां पर शुभकामनाएं देते हैं, पर रक्षा बंधन पर बहनों और बेटियों को दो दिन बस यात्रा की छूट देकर उनका उत्साह बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर पड़ने वाले इस माह की 28 अगस्त को बहुत अच्छा दिन बताया है। उन्होंने लिखा है कि यह पर्व हमारे सनातन संस्कारों की सुदृढ़ परंपरा का प्रतीक है। इस पर्व से जुड़ी कथाएं भी स्नेह और संरक्षण के इसी भाव को साकार करती हैं। 

लोक परंपराओं को भी याद दिलाया

कुछ लोक परंपराओं को भी याद दिलाया। पुराणों और इतिहास पर आधारित घटनाओं का भी जिक्र किया। बताया कि कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण की उंगली से रक्त बहता देख द्रौपदी ने अपनी साड़ी का किनारा फाड़कर बांध दिया था। द्रौपदी के इस स्नेह का प्रत्युत्तर श्रीकृष्ण ने संकट के समय उनकी रक्षा करके दिया। राजा बलि का भी उन्होंने उल्लेख किया। उनको रक्षा-सूत्र बांधकर माता लक्ष्मी ने उन्हें अपना भाई बनाया और भगवान विष्णु को अपने साथ ले आईं। इन प्रसंगों के जरिये सीएम ने बताया कि स्नेह केवल संबंध नहीं बनाता, वह दायित्व और संरक्षण का भाव भी जगाता है। 

रक्षाबंधन में हैं संविधान की भावनाएं 

मुख्यमंत्री योगी ने पत्र में लिखा कि आज जब नई पीढ़ी तकनीकी उन्नयन के साथ आगे बढ़ रही है, तब इन संस्कारों को अपने आचरण का अंग बनाना और विवेक, सद्भाव एवं सामाजिक एकता को महत्व देना पहले से अधिक आवश्यक है। एक जुट होने के लिए इन संस्कारों को मजबूती से मनाने के लिए कहा है। कहा कि हमारे परिवारों को सुदृढ़ करने में इनका महत्व है। उन्होंने एक-एक बिंदु का उल्लेख किया और कहा कि यह पर्व समाज को एकजुट रखते हैं। वर्तमान व्यवस्था से भी इनको जोड़ा। सीएम ने लिखा कि संविधान की प्रस्तावना में निहित समानता, बंधुता और सामाजिक समरसता के भाव को सशक्त करते हुए राष्ट्र को शक्ति प्रदान करते हैं। 

अपनों में बनी राखियां लेने की सलाह

मुख्यमंत्री ने कहा है कि बहन-बेटियां सुरक्षाबल, पुलिसकर्मियों और आपदा राहत कर्मियों को रक्षा-सूत्र बांधकर उनके प्रति अपनत्व और कृतज्ञता प्रकट करें। विदेशी वस्तुओं से बचने की सलाह दी और कहा कि स्थानीय स्तर पर निर्मित राखियों एवं उपहारों को प्राथमिकता दें। इसका तर्क भी उन्होंने रखा और बताया कि ऐसा करने से स्थानीय श्रम, कौशल और उद्यम को प्रोत्साहन देगा तथा आत्मनिर्भर एवं विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को और सुदृढ़ करेगा। 

महिलाओं की सभी योजनाएं गिनाईं

मुख्यमंत्री के अनुसार, रक्षा का यही भाव एक संवेदनशील सरकार के संकल्प में भी दिखाई देता है। सरकार के दायित्व बताए। बहनों और बेटियों की योजनाएं गिनाईं। इनमें सरकार विगत साढ़े नौ वर्षों में बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता, मिशन शक्ति तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ने बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और प्रगति को गति, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह और निराश्रित महिला पेंशन योजना और महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

27 से 29 अगस्त तक मिलेगी बस

रक्षाबंधन पर वर्ष 2017 से प्रारंभ की गई माताओं-बहनों के लिए निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा पर भी कहा कि इस वर्ष भी 27 से 29 अगस्त तक मिलेगी। यात्रा के संबंध में कहा कि सुगम एवं सुरक्षित यात्रा के लिए यह बस दो दिन निःशुल्क उपलब्ध रहेगी। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी और उम्मीद की कि रक्षा-सूत्र के संकल्प को अपने आचरण का हिस्सा बनाएंगे। प्रेरणा देते हुए प्रदेश के लोगों को लिखा कि प्रत्येक बहन-बेटी के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लेना चाहिए। 

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