बोले महंत राजू दास: कालनेमियों के मुंह पर करारा तमाचा है चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट

खबर सार :-

अयोध्या की हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट मिलने पर सवाल उठाने वालों को कालनेमि बताया है।
जनता से मिल रही हर चुनाव में हार, इसलिए सड़क से संसद तक कर रहे नाटक: महंत राजू दास

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली : अयोध्या की हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने सोमवार को नागपंचमी के अवसर पर ज्ञानवापी परिसर में जलाभिषेक की अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की पूजा का अधिकार हमें मिलना चाहिए। महंत राजू दास ने तर्क रखते हुए पूछा कि बीफ खाने वाला वहां 5 वक्त नमाज पढ़ सकता है तो हम जैसे साधुओं को भी एक दिन पूजा का अधिकार क्यों नहीं मिलना चाहिए? पिछले दिनों राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय और अनिल मिश्रा को लेकर हुए हंगामे पर उन्होंने कहा कि सनातन का अपमान करने वाले साजिश कर रहे हैं। महन्त ने कहा कि जनता बार-बार हरा रही है, इसलिए सनातन को बदनाम कर समर्थक जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। 

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राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों में चंपत राय और अनिल मिश्रा को वित्तीय अनियमितता मामले में क्लीन चिट मिलने के बाद से महन्त काफी उत्साहित हैं। उन्होंने क्लीन चिट का स्वागत करते हुए इसे कालनेमियों के मुंह पर तमाचा बताया है। हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने ज्ञानवापी में सोमवार को जलाभिषेक करने की अनुमति मांगी है। कहा है कि महादेव के जलाभिषेक का अधिकार हमें मिलना चाहिए। 

हमारी आस्था के साथ हो रहा था खेल

नागपंचमी के अवसर पर वह ज्ञानवापी भगवान भोले का दर्शन करने गए थे, कुछ अपने सैधांतिक कारणों से वह लौट आए। सवाल उठाते हुए कहा कि ज्ञानवापी में एक तरफ भगवान की पूजा हो रही हो और बीफ खाने वाला ऊपर नमाज पढ़ रहा हो। ऐसा केवल भारत में ही हो सकता है। उन्होंने केद्र और प्रदेश की सरकार से ज्ञानवापी में साधु संतों के लिए कम एक दिन पूजा करने की अनुमति मांगी है। सोमवार को भोले बाबा का जलाभिषेक हमारे लिए महत्व रखता है। हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है। ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने के बाद से यहां मंदिर बनाने की मांग चल रही है। संत ने कहा कि वजूखाना बनाकर रखा था। मुर्तियों को खंडित कर दिया गया था। अब तो यह जाहिर है कि वहां वजूखाना नहीं मंदिर था, फिर जलाभिषेक और नमाज दोनों एक साथ क्यों। चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट मिलने पर महंत राजूदास ने कहा कि अब सनातन का अपमान करने वालों के पास बोलने के लिए बचा कुछ नहीं है। क्लीनचिट कालनेमियों के मुंह पर करारा तमाचा है। वह लोग राम मंदिर के नाम पर आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे थे।

चुनाव जीतने का मुद्दा चाहिए था

 चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम लेकर चढावा मसले पर खूब हंगामा मचा था। यह मामला पूरे देश में कुछ लोगों के लिए अहम बना हुआ है। संत ने कहा कि जिन्होंने आस्था को झुकाने में कोई कसर नहीं छोड़ा है, उन लोगों ने मंदिर बनने के बाद भी सनातन भावना को आहत करने की पूरी कोशिश की है। मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभी तक इनकी समझ में नहीं आया है कि मंदिर बनने का विरोध करने वालों की पराजय ही होती है। यह मामला संसद भवन में खूब उछाला गया। ऐसा लगा कि पूरे देश में चुनाव केवल चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम लेकर लड़ा जाएगा। उनको विश्वास हो रहा है कि वह चुनाव भी जीत जाएंगे और सरकार भी बना लेंगे। संत ने संसद भवन परिसर में हुए नाट्य प्रदर्शन को कालनेमी का प्रदर्शन बताया और कहा कि साधु के वेष में 41 मुकदमों के पैरोल वाला भगवान की बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब दो-दो पप्पू हो जाने से देश को बर्बाद कर रहे हैं।

कांग्रेस क्लीन चिट पर कर रही सवाल

हनुमानगढ़ी महंत राजू दास ने आगे कहा कि सनातन को बदनाम करने की साजिश चली जा रही है। अनिल मिश्रा और चंपत राय को क्लीन चिट मिलाना भी चाहिए, क्योंकि इन्होंने निरंतर राम मंदिर निर्माण के लिए बहुत मेहनत किया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि सिर्फ अनिल मिश्रा और चंपत राय को ही क्लीन चिट दी गई है। जिन छह लोगों के नाम थे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। वह लोग जेल में हैं। उन लोगों ने पूछताछ में अपनी गलती मान भी ली है। क्लीन चिट पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा का नाम लेकर कहा है कि सरकार ने पूरी तरह से उन्हें बचाया है। यह सभी लोग उस पूरे चढ़ावे की चोरी में शामिल हैं।

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