उज्जैन में 25 मंदिर हटे, किसी ने विरोध नहीं किया, मस्जिद पर हंगामा क्यों?: संतोष शर्मा

खबर सार :-

उज्जैन में प्रशासन पर पथराव की विश्व हिंदू परिषद ने निंदा की है। परिषद की ओर से मांग की जा रही है कि मस्जिद के बचाव में आने वालों से दस्तावेज की जानकारी की जानी चाहिए। वीएचपी नेता ने कहा कि मस्जिद का रिकॉर्ड दिखाया जाए। कई मंदिर विस्थापित हो सकते हैं तो एक मस्जिद का कुछ हिस्सा क्योें नहीं हटाया जा सकता है?
VHP की मांग :मस्जिद की उम्र और दस्तावेज की जानकारी दी जाए, उज्जैन में प्रदर्शन के दौरान पथराव

खबर विस्तार : -

उज्जैन: मुस्लिम समाज के लोग प्रशासन से टकराने आए हैं। इसलिए मस्जिद की उम्र और उससे जुड़े दस्तावेजों का आंकलन करके यह पता लगाया जाना चाहिए की मस्जिद कब बनाई गई है। वह कितनी भूमि पर बनी है। यह मांग विश्व हिंदू परिषद की ओर से उज्जैन में की गई है। विश्व हिंदू परिषद की ओर से कहा गया है कि सड़क चौड़ी करण में कई मंदिर हटाए गए हैं। हमने कभी विरोध नहीं किया। विकास कार्याें में कभी हिंदू बाधक नहीं बना। एक मस्जिद का कुछ भाग कार्रवाई की जद में आ रहा है। उस पर इतना हंगामा। 

मस्जिद को लेकर हुए हंगामा और पथराव की निंदा की गई है। विश्व हिंदू परिषद ने मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन के कार्यों की सराहना की है। वीएचपी नेता संतोष कुमार ने पथराव करने वालों और विकास कार्यों में बाधा बनने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जिस मस्जिद का समर्थन किया जा रहा है, वह वास्तव में किसकी जमीन पर बनी है? इसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो हंगामा किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। जब मंदिर हटाए गए, हिंदुओं ने कभी इस तरह से हंगामा नहीं किया है। उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण में धार्मिक स्थल बाधक बने हुए हैं।

एक महिला पुलिस कर्मी को चोट लगी

कोयला फाटक से छतरीपुर चौक तक करीब 25 मंदिरों को विस्थापित या पुनर्स्थापित किया गया है। संतोष शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि सनातन समाज ने विकास कार्यों में कभी रुकावट नहीं किया है। प्रशासन का हमेशा साथ दिया। 200 से 300 साल पुराने मंदिरों को हटाया गया है, लेकिन हम लोगों ने कभी इस तरह से सरकारी कामों में रुकावट नहीं पैदा किया है। सड़क चौड़ी करने के दौरान एक मस्जिद का करीब 9 फीट हिस्सा हटाने की बात की जा रही है। प्रशासन के लोग जब उपकरणों के साथ वहां पहुंचे तो उन पर पत्थर बाजी शुरू कर दी गई।

उन्होंने कहा कि इस दौरान एक महिला पुलिस कर्मी को चोट भी लगी है। प्रशासन से शाही मस्जिद की उम्र और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग की गई।  यह पता करना चाहिए कि इसके मूल दस्तावेज क्या हैं, मस्जिद कितने साल पुरानी है? इसका क्षेत्रफल क्या है? यह मांग की जा रही है की मस्जिद से जुड़े भूमि और अतिक्रमण के आरोप की जांच की जानी चाहिए। कुछ लोग उज्जैन का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इसीलिए तनाव बन रहा है। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों के लिए पुराने मंदिरों को विस्थापित किया जा सकता है तो सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का कुछ हिस्सा क्यों नहीं हटाया जा सकता है। 

विकास कार्यों के दौरान सहयोग किया

कुछ मुस्लिम लोग हनुमान मंदिर का जिक्र करते हैं। इस पर विश्व हिंदू परिषद के नेता ने कहा कि प्रशासन द्वारा उसे हटाकर विस्थापित करने की बात सनातन समाज से की थी। उस पर सभी लोग राजी थे। एक मत से कहा गया था कि पुनर्स्थापित करने के दौरान किसी प्रकार का नुकसान ना हो, बाकी हमें कोई आपत्ति नहीं। संतोष शर्मा ने बताया कि विकास कार्यों के दौरान प्रशासन के साथ हम लोगों ने सहयोग किया है। पथराव और हिंसा को रास्ता नहीं बनाया है। विकास में रुकावट पैदा करना सबके लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले में हस्तक्षेप करें और प्रशासन को सख्त कदम उठाने के लिए कहें। 

यह भी पढ़ेंः यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में स्टार्टअप्स का नवाचार बना आकर्षण, 5 हजार से ज्यादा विजिटर्स ने देखा पवेलियन

 

अन्य प्रमुख खबरें