बिहारः गयाजी में पितृपक्ष मेला के पहले दिन देवघाट पर उमड़े श्रद्धालु, बारिश के बीच प्रशासन ने संभाली व्यवस्था
खबर सार :-
गया जी में पूरी दुनिया के श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रशासन यहां की व्यवस्थाएं चाक चौबंद बना रहा है। खुद जिलाधिकारी यहां का कई बार निरीक्षण कर चुके हैं।
खबर विस्तार : -
गयाजी, बिहार के गयाजी में पितृपक्ष मेला 2026 के पहले दिन शनिवार को बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचे हैं। पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने धार्मिक रीति रिवाज से सारे कार्य पूरे किए। यहां सुबह से ही लोग पहुंचने लगे थे। देवघाट समेत फल्गु नदी के विभिन्न घाटों पर भी भीड़ देखी गई। यहां एक महीना पहले से ही तैयारियां चल रही थी। बता दें कि यहां पूरी दुनिया से श्रद्धालु पहुंचते हैं। अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ पिंडदान एवं तर्पण के लिए लोग कल भी पहुंचे हुए थे।
पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए सभी उपाय किए
आज सुबह से ही विष्णुपद मंदिर क्षेत्र और फल्गु नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं ने अपनी इच्छाएं पूरी की। उन्होंने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए सभी उपाय किए। यह परिस्थिति उस समय भी बनी रही, जबकि लगातार बारिश हो रही थी। इसके बाद भी पूजा अर्चना चलती रही। जिला प्रशासन और गया नगर निगम की ओर से भी श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम आवागमन को लेकर व्यवस्थाओं की निगरानी चलती रही। इससे लोगों को परेशान नहीं होना पड़ा।
इस दौरान जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार और गया नगर निगम के नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार ने संयुक्त रूप से मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। करीब एक माह से चल रही यहां की तैयारियों में अधिकारियों ने विष्णुपद मंदिर, सोलह वेदी, देवघाट, गजाधर घाट, गायत्री घाट और गया जी डैम की व्यवस्था भी बनाए रखने में पूरी ताकत झोंक दी। वह पिछले कई दिनों से स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। इनके कार्याें में सभी की अपनी जिम्मेदारियां दे दी गई थी।
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श्रद्धालुओं की सुविधा और जाम से बचाव के लिए विष्णुपद मंदिर के परिधि क्षेत्र को नो हॉर्न, नो व्हीकल और नो पॉल्यूशन जोन बनाया गया है। चांद चौरा मोड़ और बंगाली आश्रम के पास वाहनों को रोककर श्रद्धालुओं को पैदल अथवा निशुल्क ई-रिक्शा से विष्णुपद क्षेत्र तक पहुंचने की व्यवस्था की गई है।जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने स्वयं चांद चौरा से विष्णुपद मेला क्षेत्र तक ई-रिक्शा से व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने कहा कि आदेशों का पालन करना सबका दायित्व है।
बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए ई-रिक्शा उपलब्ध
विशिष्ट व्यक्तियों, वरिष्ठ पदाधिकारियों और अन्य लोगों से भी अपील की कि तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए विष्णुपद क्षेत्र में पैदल या ई-रिक्शा से ही आवागमन करें। इन वाहनों का कुछ शुल्क निर्धारित है। जिला परिवहन पदाधिकारी के अनुसार चांद चौरा से विष्णुपद और विष्णुपद से बंगाली आश्रम के बीच तीन शिफ्ट में 150 निशुल्क ई-रिक्शा लगाए गए हैं। प्रेतशिला पार्किंग से प्रेतशिला मंदिर तक बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए भी ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं।
जिला पदाधिकारी ने घाटों पर चेंजिंग रूम, टॉयलेट और शौचालयों की नियमित सफाई के भी निर्देश दिए थे। यद्यपि यह काम पहले ही कर लिए गए थे। जहां कहीं कमियां मिलीं, उनको सुधारा जा रहा है। इसके साथ ही नदी में प्रवाहित पूजन सामग्री को जाल के माध्यम से लगातार निकालने का सिलसिला शुरू कर दिया गया। विष्णुपद मंदिर में श्रद्धालुओं को जिग-जैग कतार व्यवस्था के माध्यम से दर्शन कराने के उपाय हुए। भीड़ प्रबंधन को प्रभावी रखने की कसरत भी होती रही। बारिश के कारण कुछ दिक्कतें आई हैं। इनको कल दूर कर लेने के निर्दश दिए गए हैं।
पहचान पत्र तत्काल निरस्त कर दिया गया
कई स्थानों पर बारिश के कारण फिसलन की आशंका बन गई है। इसको देखते हुए मंदिर परिसर में लगातार पानी हटाने और वाइपर से फर्श की सफाई कराई जा रही है। गर्भगृह में प्रवेश और निकास के दौरान श्रद्धालुओं की सहायता के लिए भी स्वयं सेवक लगाए गए हैं। जिला प्रशासन और निगम के कर्मचारी भी यहां बराबर सहायोग कर रहे हैं। प्रशासन के निर्देशों की अनदेखी करने पर कार्रवाई का भी एक मामला आज सामने आया।
इसमें निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेने वाले एक फोटोग्राफर के खिलाफ कार्रवाई की गई। उसका पहचान पत्र तत्काल निरस्त कर दिया गया। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अधिकृत फोटोग्राफरों द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेने की शिकायत सही पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा शहर में सफाई, जलनिकासी, रेल और बस स्टेशन आदि पर भी प्रशासन काम कर रहा है।
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