गयाजी में पितृपक्ष के दौरान आते हैं लाखों लोग, पानी से पंडाल तक व्यवस्थाएं होंगी मजबूत
खबर सार :-
बिहार में गया जी को दुनिया भर के लोग मोक्ष स्थली के रूप में जानते हैं। यहां हर साल पितृ पक्ष के दौरान लाखों श्रद्धालु आते हैं। हर साल यहां पर मेले का आयोजन भी किया जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करके धार्मिक रीति रिवाज में भाग लेते हैं।
खबर विस्तार : -
गया जी : बिहार में गया जी यानी मोक्ष स्थली में पितृ पक्ष को लेकर तैयारियां चल रही है। हर साल यहां लाखों श्रद्धालु आते हैं। गया जी को दुनिया भर के लोग मोक्ष स्थली के रूप में जानते हैं। हर साल यहां पर मेले का आयोजन भी किया जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करके धार्मिक रीति रिवाज में भाग लेते हैं। मान्यताओं के अनुसार विधि विधान से सभी क्रियाएं संपन्न करते हैं। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए तमाम तरह की व्यवस्थाएं की जाती हैं।
मेला 25 दिसंबर से 10 अक्टूबर तक रहेगा
किसी प्रकार से आवागमन में बाधा ना हो इसलिए ट्रैफिक और स्नान में दिक्कत ना हो गंदे पानी साफ सफाई अंधेरे से निपटने के इंतजाम के अलावा तमाम ज़रूरतें पूरी की जाती हैं। इस बार भी यहां पर पितृपक्ष मेला 25 दिसंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। मेले में बड़ी संख्या में हर साल की तरह ही इस बार भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसलिए बेहतरीन तालाब ब्रह्मसत बेदी स्थल और अक्षय वट भी स्थल को सजाया जाना है।
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मेला शुरू होने से कई दिन पहले व्यवस्थाएं चुस्त दुरुस्त कर ली जाएंगी। मेले से संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह श्रद्धालुओं के उपयोग में आने वाली सभी वस्तुओं पर गौर करें और उनके लिए काम शुरू कर दें। यहां पर वैतरिणी तालाब काफी प्रसिद्ध है। लोग हर साल इसमें स्नान कर अपने आप को धन्य समझते हैं। पानी की गहराई को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम की जा रहे हैं।
पानी के चारों ओर बैरीकेडिंग की जाएगी
इस बार भी पानी के चारों ओर गहराई वाले स्थल पर बैरी केडिंग की जाएगी। इसमें लाल झंडा लगाकर खतरे के निशान चिन्ह दर्शाए जाएंगे। जो दूर से ही दिख जाएंगे। पानी में स्नान करने के लिए ज्यादा समय नहीं मिलेगा। भीड़ को देखते हुए एक निश्चित समय में लोगों को निकलना होगा। तालाब की सीढ़ियां इन दिनों बारिश के चलते गंदी हो चुकी हैं। इनमें काई भी लगी हुई है। इसलिए इनको साफ सुथरा करने का सिलसिला शुरू हो गया है। घाटों में टूटे हुए पत्थर टाइल्स आदि को हटाकर नया मटेरियल लगाया जाएगा। यहां के जिलाधिकारी ने यह काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
लोगों के ठहरने के लिए पंडाल लगाए जाएंगे
जिला से पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने भी बेदी स्थल का निरीक्षण किया है। मेले में रात में भी लोग रुकते हैं, इसलिए किसी प्रकार की दिक्कत ना हो, उसके इंतजाम किए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा जरूरत अंधेरा से निपटने की होती है। इसलिए लाइट को दुरुस्त किया जा रहा है। जहां जरूरत होगी, वहां पर नई लाइट लगाई जाएंगी। घाट के स्थान पर लोगों के ठहरने के लिए पंडाल लगाए जाएंगे। इनकी मजबूती और सुरक्षा के लिए प्रैक्टिकल भी किया जाएगा। नगर आयुक्त को घाटों पर साफ सफाई और संबंधित इंतजाम करने के निर्देश मिले हैं। जिला पदाधिकारी ने ब्रह्मसत्ता बेदी स्थल को देखकर यहां पड़े लाइट और साउंड प्रोजेक्ट को चालू करने के लिए कहा है।
बड़ी संख्या में करते हैं लोग पिंडदान
पितृ पक्ष के दौरान गया जी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखते हुए बड़ी संख्या में लोग यहां पिंडदान के लिए आते हैं। इसलिए कहा गया है कि भगवान विष्णु से जुड़ी कथाओं की जानकारी और कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं के बैठने की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। संवाद सदन में भी अंधेरा न रहे, श्रद्धालुओं को पीने का पानी, शौचालय का पानी, स्नान करने की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। बेदी स्थलों के आसपास नालों के टूटे ढक्कन को दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। किसी भी स्थान पर जल भराव नहीं होगा। ऐसी व्यवस्था अभी से की जा रही है।
श्रद्धालुओं के आवागमन से जाम ना लगे या गलत जगह पर वाहन न लगाए जाएं, इसके लिए मंथन चल रहा है। अक्षय वट स्थल के आसपास सजावट की जाएगी, यहां पहुंचने के रास्ते समतल बनाए जाएंगे। पास की नालियों के टूटे ढक्कन हटाकर या तो नए लगाए जाएंगे या फिर इनकी रिपेयरिंग होगी। रुक्मणी तालाब गंदगी हटाकर साफ पानी डाला जाएगा। आसपास क्षेत्र भी साफ सुथरा दिखाई देंगे। अक्षय वट स्थल पर टेंट और पंडाल आदि लगाए जाएंगे। इसके साथ ही संवाद सदन में सफाई, पेयजल, निर्बाध बिजली और पंखों की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
देश-विदेश से यहां आते हैं श्रद्धालु
अधिकारियों को कहा गया है कि पितृपक्ष मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करें। देश-विदेश से यहां पर श्रद्धालु आते हैं, उनको किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्राथमिक सुविधाओं में नहाने का पान,ी पीने के लिए पानी, शौचालय के पानी की समुचित व्यवस्था की जाएगी। सभी संबंधित विभागों को जिलाधिकारी की ओर से भी तैयारी पूरी करने के लिए कह दिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि प्रतिवर्ष की तरह ही बड़ी संख्या श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे।
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