MS Dhoni Birthday: 45 साल के हुए पूर्व कप्तान एमएस धोनी, टिकट कलेक्टर से 'कैप्टन कूल' बनने तक ऐसा रहा सफर

खबर सार :-

MS Dhoni Birthday: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मंगलवार, 7 जुलाई को 45 साल के हो गए। रांची के एक साधारण लड़के से भारत के सबसे सफल कप्तान बनने तक का MS धोनी का सफ़र कड़ी मेहनत, संघर्ष और ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरी एक प्रेरणादायक कहानी है।
MS Dhoni Birthday: 45 साल के हुए पूर्व कप्तान एमएस धोनी, टिकट कलेक्टर से 'कैप्टन कूल' बनने तक ऐसा रहा सफर

खबर विस्तार : -

MS Dhoni Birthday: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज, 7 जुलाई को अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं। 'कैप्टन कूल' के नाम से मशहूर धोनी को देश भर से जन्मदिन की बधाईयां मिल रही हैं। बीसीसीआई ने धोनी को जन्मदिन की बधाई दी है।  BCCI ने लिखा: "538 इंटरनेशनल मैच, 17,266 इंटरनेशनल रन और 829 विकेट के पीछे से स्टंप। आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2007, आईसीसी मेंस ODI वर्ल्ड कप 2011 और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2013 जीतने वाले टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी को जन्मदिन की बधाई।

टिकट कलेक्टर से 'कैप्टन कूल' बनने तक का सफर

7 जुलाई 1981 को झारखंड के रांची में जन्मे महेंद्र सिंह धोनी आज 45 साल के हो गए हैं। जब भी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में महान कप्तानों की बात होती है, तो सबसे पहले उनका नाम लिया जाता है। उन्होंने न केवल अपनी बैटिंग या विकेटकीपिंग से, बल्कि अपनी लीडरशिप स्किल्स से भी लाखों लोगों का दिल जीता। टीम इंडिया की सफलता में उन्होंने अहम भूमिका निभाई।

एक साधारण परिवार से निकलकर दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में से एक बनने तक का उनका सफ़र लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है। धोनी स्कूल के दिनों में वे फ़ुटबॉल टीम के गोलकीपर थे, लेकिन उनके कोच ने उन्हें क्रिकेट में विकेटकीपिंग करने की सलाह दी। उस फ़ैसले ने उनकी ज़िंदगी बदल दी। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने के बाद, उन्होंने इंडियन रेलवे में ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) के तौर पर भी काम किया और अपनी नौकरी और क्रिकेट दोनों को एक साथ संभाला।

 चुनौतियों भरा रहा धोनी का क्रिकेट करियर

MS Dhoni ने  2004 में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ भारत के लिए अपना ODI डेब्यू किया। हालांकि उनकी शुरुआत बहुत ज्यादा यादगार नहीं रही, लेकिन 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ 148 और उसी साल श्रीलंका के खिलाफ खेली गई 183 रनों की नाबाद पारी उन्हें क्रिकेट का स्टार बना दिया। धोनी की आक्रामक बैटिंग और लंबे छक्कों ने उन्हें फ़ैन्स का चहेता बना दिया। उसके बाद, उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 

साल 2007 भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ जब सीनियर खिलाड़ियों की गैर-मौजूदगी में, युवा धोनी को T20 वर्ल्ड कप के लिए कप्तानी सौंपी गई। किसी को उम्मीद नहीं थी कि अनुभवहीन टीम इतिहास रचेगी, लेकिन धोनी ने अपने शांत स्वभाव और शानदार रणनीति से भारत को पहले ICC T20 वर्ल्ड कप में जीत दिलाकर दुनिया को हैरान कर दिया। धोनी का क्रिकेट करियर चुनौतियों से भरा रहा शुरुआती संघर्षों और आलोचनाओं से लेकर हार और अहम मैचों के दबाव तक फिर भी उन्होंने हर स्थिति में अपना संयम बनाए रखा। यही वजह है कि उन्हें 'कैप्टन कूल' का उपनाम मिला। 

MS Dhoni की उपलब्धियां

धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 T20 वर्ल्ड कप, 2011 ODI वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीती। धोनी दुनिया के एकमात्र ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने ICC के तीनों बड़े खिताब जीते हैं। इसके अलावा, 2009 में भारतीय टीम ने पहली बार ICC टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक स्थान हासिल किया। इतना नहीं आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी करते हुए धोनी टीम को 5 बार आईपीएल चैंपियन बनाया। ये उपलब्धियां केवल रणनीति का नतीजा नहीं थीं, बल्कि दबाव में शांत रहकर सही फैसले लेने की उनकी क्षमता का प्रमाण थीं। 

538 इंटरनेशनल मैच और 17000 से ज्यादा रन

इंटरनेशनल क्रिकेट में, उन्होंने 90 टेस्ट, 350 ODI और 98 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 17,000 से ज़्यादा रन बनाए और विकेटकीपर के तौर पर 800 से ज़्यादा खिलाड़ियों को आउट किया।  2011 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 91 रन की कप्तानी पारी और विजयी छक्का आज भी हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी की यादों में ताजा है। 

MS Dhoni ने भले ही उन्होंने 15 अगस्त 2020 को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया हो, लेकिन उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। हो सकता है कि क्रिकेट की दुनिया में उनके रिकॉर्ड कभी टूट जाएं, लेकिन करोड़ों भारतीयों के दिलों में उनकी जगह हमेशा बनी रहेगी। 'थाला' के नाम से महूश धोनी को आज भी मैदान पर देखने के लिए फैंस घंटों इंतजार करते हैं। 

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