Sabarimala Gold Scam: केपी शंकरदास को मिली जमानत, सभी आरोपी आए बाहर
खबर सार :-
सबरीमाला मंदिर स्वर्ण घोटाले से जुड़े एक अहम घटनाक्रम में, केरल के कोल्लम स्थित एक अदालत ने सोमवार को के.पी. शंकरदास को ज़मानत दे दी। शंकरदास उन 13 आरोपियों में से अंतिम व्यक्ति थे।
खबर विस्तार : -
नई दिल्लीः केरल के बहुचर्चित सबरीमाला मंदिर गोल्ड स्कैम मामले में सोमवार को एक अहम कानूनी घटनाक्रम सामने आया। कोल्लम की एक अदालत ने मामले के आरोपी केपी शंकरदास को जमानत दे दी। शंकरदास इस मामले में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में अंतिम व्यक्ति थे, जो अब तक न्यायिक हिरासत में थे। उनकी जमानत के साथ ही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) द्वारा दर्ज दोनों मामलों में शामिल सभी आरोपी अब जमानत पर रिहा हो चुके हैं।
दान के रख-रखाव में भारी गड़बड़ियां
यह मामला सबरीमाला मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और हेराफेरी के आरोपों से संबंधित है। केरल हाई कोर्ट के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। जांच शुरू होने के बाद से ही यह मामला राज्यभर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और राजनीतिक व प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, मंदिर में चढ़ाए गए कीमती सोने के आभूषणों और अन्य वस्तुओं के रखरखाव और रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ियां सामने आई हैं। आरोप है कि एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से इन चढ़ावों के प्रबंधन में अनियमितताएं की गईं, जिसमें बिचौलियों और अंदरूनी लोगों की भूमिका रही। इससे मंदिर की संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
इस मामले में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया था, उनमें त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के एक सेवारत अधिकारी, कुछ पूर्व कर्मचारी, सोने के व्यापारी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) से जुड़े वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं। इससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है, क्योंकि इसमें प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर जुड़े लोगों की कथित संलिप्तता सामने आई है।
कई कीमती वस्तुएं चढ़ाते हैं श्रद्धालु
आरोपियों की सूची में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है, जिसे इस कथित नेटवर्क का केंद्र माना जा रहा है। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस नेटवर्क ने मंदिर की मूल्यवान संपत्तियों के प्रबंधन में मौजूद कमियों का फायदा उठाकर अनियमित लेन-देन को अंजाम दिया।
सबरीमाला मंदिर देश के सबसे प्रमुख और समृद्ध तीर्थस्थलों में से एक है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और भारी मात्रा में सोना-चांदी व अन्य कीमती वस्तुएं चढ़ाते हैं। ऐसे में इन चढ़ावों के प्रबंधन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का मामला न केवल आर्थिक दृष्टि से, बल्कि आस्था और विश्वास के स्तर पर भी अत्यंत गंभीर माना जा रहा है।
अभी चलेगा केस
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब मंदिर की संपत्तियों से जुड़ी अनियमितताओं और कथित हेराफेरी को लेकर शिकायतें सामने आईं। इसके बाद जनता और विभिन्न संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की, जिसके चलते हाई कोर्ट के हस्तक्षेप से एसआईटी का गठन किया गया।
हालांकि सभी आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, लेकिन जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है। इस मामले ने मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर निगरानी तंत्र की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है। राज्य में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है और भविष्य में इस पर और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक CEO का रास्ता साफ, 3 नामों का पैनल तैयार
2026-09-01
-
देशभर में बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना, 20 राज्यों में अलर्ट
2026-09-01
-
आज से बढ़े कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर के दाम, रेस्तरां में खाना हो सकता है महंगा
2026-09-01
-
सुप्रीम कोर्ट से 'मोहम्मद' दीपक को राहत, FIR और सोशल मीडिया बैन पर रोक
2026-09-01
-
बिहार-झारखंड के बीच सोन नदी जल बंटवारे पर समझौता, 25 साल पुराना विवाद खत्म
2026-08-31
-
रोहित शर्मा का टीवी डेब्यू: 'फैमिली फुल हाउस' शो 19 सितंबर से
2026-08-31
-
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में हमला, तीन की मौत, जंगल में बीतेगी रात
2026-08-31
-
गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: लूथरा बंधुओं को 2 हफ्ते में सरेंडर का आदेश
2026-08-31
-
राहुल गांधी पर एफआईआर को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला
2026-08-31
-
भारतीय नौसेना को मिला गहरे समुद्र का संकटमोचक INS निपुण
2026-08-31
-
भारत-उज्बेकिस्तान के बीच हुए कई समझौते, रणनीतिक साझेदारी की घोषणा
2026-08-30
-
NEET-PG 2026: 2.65 लाख अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
2026-08-30
-
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में नक्सलियों का डंप किया विस्फोटक बरामद
2026-08-30
-
NEET PG 2026: बिजली गुल होने से परीक्षा रुकी, 5 सितंबर को दोबारा होगी परीक्षा
2026-08-30
-
लखनऊः राजनाथ सिंह ने किया 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास
2026-08-30