QR Code से कसी लगाम: रेलवे का अनधिकृत Vending पर बड़ा प्रहार, यात्रियों को मिलेगा सुरक्षित, वेरिफाइड और ट्रैक योग्य खानपान
खबर सार :-
रेलवे द्वारा क्यूआर कोड, डिजिटल ट्रैकिंग और सख्त निगरानी जैसे उपायों ने खानपान सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता को नया स्तर दिया है। इससे अनधिकृत वेंडिंग पर प्रभावी रोक लगी है और यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और विश्वसनीय भोजन मिल रहा है। आने वाले समय में ये कदम रेलवे सेवाओं को और अधिक भरोसेमंद बनाएंगे।
खबर विस्तार : -
Railway QR code vending control: भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में अनधिकृत वेंडिंग सेवाओं पर रोक लगाने और यात्रियों को सुरक्षित एवं प्रमाणित खानपान उपलब्ध कराने के लिए तकनीक का सहारा लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली और डिजिटल ट्रैकिंग जैसे उपाय इस दिशा में प्रभावी साबित हो रहे हैं।
रेलवे ने अब सभी अधिकृत विक्रेताओं, सहायकों और खानपान कर्मचारियों के लिए क्यूआर कोड युक्त आईडी कार्ड अनिवार्य कर दिया है। इससे यात्रियों को यह सुनिश्चित करने में आसानी होती है कि उन्हें सेवा देने वाला व्यक्ति रेलवे द्वारा अधिकृत है या नहीं। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और धोखाधड़ी रोकने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
गुणवत्ता सुधारने के लिए “बेस किचन” मॉडल
खानपान सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए रेलवे ने “बेस किचन” मॉडल को भी मजबूत किया है। इन रसोईघरों से ही ट्रेनों में भोजन की आपूर्ति की जा रही है, जिससे खाना बनाने और वितरण की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से मॉनिटर किया जा सके। इन बेस किचनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके और स्वच्छता के मानकों का पालन सुनिश्चित हो। रेल मंत्री ने बताया कि भोजन तैयार करने में केवल चयनित और ब्रांडेड कच्चे माल का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें तेल, आटा, चावल, दाल, मसाले और डेयरी उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा, हर बेस किचन में खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जो गुणवत्ता और स्वच्छता पर नजर रखते हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण का प्रमाणन अनिवार्य
खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को सख्ती से लागू करने के लिए प्रत्येक खानपान इकाई के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण का प्रमाणन अनिवार्य किया गया है। नियमित निरीक्षण, खाद्य नमूनों की जांच और थर्ड-पार्टी ऑडिट के जरिए भी गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही, रेलवे और आईआरसीटीसी द्वारा ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण कराए जा रहे हैं, ताकि यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर सेवाओं में सुधार किया जा सके। खानपान कर्मचारियों को बेहतर सेवा देने के लिए नियमित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। रेलवे का यह तकनीकी और प्रबंधन आधारित दृष्टिकोण न केवल अनधिकृत वेंडिंग को रोकने में मदद कर रहा है, बल्कि यात्रियों के भरोसे को भी मजबूत कर रहा है।
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