Pappu Yadav: जेल से बाहर आएंगे पूर्णिया सांसद, पप्पू यादव को 31 साल पुराने मामले में मिली जमानत
खबर सार :-
Pappu Yadav: पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शुक्रवार रात (8 फरवरी) को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद सांसद की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (PMCH) में भर्ती कराया। पप्पू यादव को शुक्रवार को 31 साल पुराने एक केस में गिरफ्तार किया गया था।
खबर विस्तार : -
Pappu Yadav: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को गर्दनीबाग के एक केस में कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने मंगलवार को उन्हें इस 31 साल पुराने केस में जमानत दे दी है। पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने बताया कि कोर्ट ने गर्दनीबाग केस नंबर 552/95 की सुनवाई करते हुए बेल दी है। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वे जेल से बाहर आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बुद्धा कॉलोनी थाना के एक मामले में 11 फरवरी को सुनवाई होगी।
Pappu Yadav: 31 साल पुराने मामले में हुई थी गिरफ्तारी
बता दें कि पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना में उनके मंदिरी घर से हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस की एक टीम 1995 के एक पुराने केस में जारी कोर्ट वारंट को तामील करने पहुंची थी। यह केस उन आरोपों से जुड़ा है कि यादव ने किराए की एक प्रॉपर्टी पर गैर-कानूनी तरीके से कब्ज़ा किया था। उन्होंने कथित तौर पर लीज़ की शर्तों को तोड़ा और प्रॉपर्टी को पॉलिटिकल ऑफिस में बदल दिया। पुलिस का कहना है कि कोर्ट के समन कई बार जारी किए गए, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया।
इस वजह से पुलिस को सख्त एक्शन लेना पड़ा। गिरफ्तारी का समय और तरीका, जो आधी रात के आसपास हुआ और जिसमें भारी पुलिस बल की मौजूदगी थी, ने तुरंत विवाद खड़ा कर दिया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद सांसद की तबीयत अचानक से बिगड़ गई थी। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करके IGIMS ले जाया, और अगले दिन उन्हें PMCH में शिफ्ट कर दिया गया।
इस मामले में नहीं मिली जमानत
इस दौरान उन्हें उनके घर से ले जाते समय समर्थकों और पुलिस के बीच कहासुनी हो गई। शनिवार को बुद्धा कॉलोनी में सांसद और 20 अनजान लोगों के खिलाफ उनकी गिरफ्तारी में रुकावट डालने और सरकारी काम में रुकावट डालने के आरोप में FIR दर्ज की गई। इस केस की वजह से सांसद को अभी न्यायिक हिरासत से रिहा नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि गिरफ़्तारी से पहले, पप्पू यादव पटना में NEET स्टूडेंट के केस को लेकर सरकार और एडमिनिस्ट्रेशन पर लगातार सवाल उठा रहे थे। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कुछ हॉस्पिटल अधिकारियों के कथित ऑडियो क्लिप भी जारी किए थे। वह इस मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने की भी प्लानिंग कर रहे थे। हालांकि, ऐसा होने से पहले ही उन्हें शुक्रवार देर रात 31 साल पुराने केस में अरेस्ट कर लिया गया।
Pappu Yadav: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को गर्दनीबाग के एक केस में कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने मंगलवार को उन्हें इस 31 साल पुराने केस में जमानत दे दी है। पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने बताया कि कोर्ट ने गर्दनीबाग केस नंबर 552/95 की सुनवाई करते हुए बेल दी है। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वे जेल से बाहर आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बुद्धा कॉलोनी थाना के एक मामले में 11 फरवरी को सुनवाई होगी।
Pappu Yadav: 31 साल पुराने मामले में हुई थी गिरफ्तारी
बता दें कि पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना में उनके मंदिरी घर से हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस की एक टीम 1995 के एक पुराने केस में जारी कोर्ट वारंट को तामील करने पहुंची थी। यह केस उन आरोपों से जुड़ा है कि यादव ने किराए की एक प्रॉपर्टी पर गैर-कानूनी तरीके से कब्ज़ा किया था। उन्होंने कथित तौर पर लीज़ की शर्तों को तोड़ा और प्रॉपर्टी को पॉलिटिकल ऑफिस में बदल दिया। पुलिस का कहना है कि कोर्ट के समन कई बार जारी किए गए, लेकिन उनका पालन नहीं किया गया।
इस वजह से पुलिस को सख्त एक्शन लेना पड़ा। गिरफ्तारी का समय और तरीका, जो आधी रात के आसपास हुआ और जिसमें भारी पुलिस बल की मौजूदगी थी, ने तुरंत विवाद खड़ा कर दिया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद सांसद की तबीयत अचानक से बिगड़ गई थी। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करके IGIMS ले जाया, और अगले दिन उन्हें PMCH में शिफ्ट कर दिया गया।
इस मामले में नहीं मिली जमानत
इस दौरान उन्हें उनके घर से ले जाते समय समर्थकों और पुलिस के बीच कहासुनी हो गई। शनिवार को बुद्धा कॉलोनी में सांसद और 20 अनजान लोगों के खिलाफ उनकी गिरफ्तारी में रुकावट डालने और सरकारी काम में रुकावट डालने के आरोप में FIR दर्ज की गई। इस केस की वजह से सांसद को अभी न्यायिक हिरासत से रिहा नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि गिरफ़्तारी से पहले, पप्पू यादव पटना में NEET स्टूडेंट के केस को लेकर सरकार और एडमिनिस्ट्रेशन पर लगातार सवाल उठा रहे थे। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कुछ हॉस्पिटल अधिकारियों के कथित ऑडियो क्लिप भी जारी किए थे। वह इस मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने की भी प्लानिंग कर रहे थे। हालांकि, ऐसा होने से पहले ही उन्हें शुक्रवार देर रात 31 साल पुराने केस में अरेस्ट कर लिया गया।
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