ओडिशाः पत्थर खदान के समय बड़ा हादसा, ब्लास्ट में गिरी चट्टान, कई मजदूरों के मरने की अशंका
खबर सार :-
ओडिशा के ढेंकनाल ज़िले के मोटांगा पुलिस स्टेशन इलाके में शनिवार रात एक अवैध पत्थर की खदान में हुए ज़बरदस्त धमाके में कई लोगों के मारे जाने की आशंका है। इस घटना ने अवैध खनन और बिना इजाज़त ब्लास्टिंग के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खबर विस्तार : -
ढेंकानाल : ओडिशा के ढेंकनाल ज़िले में एक पत्थर की खदान में चट्टान का एक बड़ा टुकड़ा गिरने से दो मज़दूरों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना शनिवार शाम को हुई। यह हादसा ज़िले के मोटांगा पुलिस स्टेशन इलाके के गोपालपुर गांव के पास एक खदान में हुआ, जहां कुछ मज़दूर ड्रिलिंग और पत्थर निकालने का काम कर रहे थे।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
सूचना मिलने पर ढेंकनाल के ज़िलाधिकारी आशीष ईश्वर पाटिल, SP अभिनव सोनकर और मोटांगा पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड और ODRAF (ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल) की टीमें बचाव अभियान चला रही हैं। अब तक दो मज़दूरों के शव बरामद किए गए हैं। रविवार सुबह से पुलिस, फायर ब्रिगेड और ODRAF की टीमें JCB जैसी मशीनों की मदद से बचाव अभियान चला रही हैं।
दोनों मृतकों की हुई पहचान
आरोप है कि खदान में अवैध खनन किया जा रहा था। जब मज़दूर ब्लास्टिंग के लिए एक बड़ी चट्टान में छेद कर रहे थे, तभी ऊपर से चट्टान का एक बड़ा हिस्सा गिर गया। मृतक मज़दूरों की पहचान बालासोर ज़िले के नीलगिरी के रहने वाले अभि सिंह और खोरधा ज़िले के टांगी पुलिस स्टेशन के तहत गोडाधरा गांव के रहने वाले कान्हा चंपिया के रूप में हुई है। दोनों खदान में काम कर रहे थे, तभी ब्लास्ट के कारण चट्टान गिर गई।
ढेंकनाल के ज़िलाधिकारी आशीष ईश्वर पाटिल ने कहा कि इस खदान दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई है। पत्थर की खदान में विस्फोट की जानकारी मिलने के बाद हमने आज सुबह से ही तलाशी और बचाव अभियान शुरू कर दिया था। अब तक दो शव बरामद किए गए हैं। तलाशी अभियान अभी भी जारी है, हालांकि मिली जानकारी के अनुसार केवल दो शव मिलने की उम्मीद थी।
बिना अनुमति के चल रहा था खदान
तहसीलदार, मोटांगा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज (IIC), और दूसरे सीनियर पुलिस अधिकारी पूरी रात मौके पर मौजूद रहे और हालात का जायजा लेते रहे। अधिकारी फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि धमाके के समय खदान में कोई मज़दूर मौजूद था या नहीं और क्या कोई घायल हुआ है, मरा है, या मलबे के नीचे फंसा हुआ है।
शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस पत्थर की खदान में धमाका हुआ, उसके पास ब्लास्टिंग का वैलिड परमिट नहीं था। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ढेंकनाल जिला खनन कार्यालय ने 8 सितंबर, 2025 को संबंधित लीजहोल्डर को एक नोटिस जारी कर ब्लास्टिंग परमिट न होने के कारण खदान बंद करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद, रिपोर्ट्स से पता चलता है कि नियमों की अनदेखी करते हुए खदान में ब्लास्टिंग जारी रही।
अन्य प्रमुख खबरें
-
राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक CEO का रास्ता साफ, 3 नामों का पैनल तैयार
2026-09-01
-
देशभर में बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना, 20 राज्यों में अलर्ट
2026-09-01
-
आज से बढ़े कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर के दाम, रेस्तरां में खाना हो सकता है महंगा
2026-09-01
-
सुप्रीम कोर्ट से 'मोहम्मद' दीपक को राहत, FIR और सोशल मीडिया बैन पर रोक
2026-09-01
-
बिहार-झारखंड के बीच सोन नदी जल बंटवारे पर समझौता, 25 साल पुराना विवाद खत्म
2026-08-31
-
रोहित शर्मा का टीवी डेब्यू: 'फैमिली फुल हाउस' शो 19 सितंबर से
2026-08-31
-
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में हमला, तीन की मौत, जंगल में बीतेगी रात
2026-08-31
-
गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: लूथरा बंधुओं को 2 हफ्ते में सरेंडर का आदेश
2026-08-31
-
राहुल गांधी पर एफआईआर को लेकर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला
2026-08-31
-
भारतीय नौसेना को मिला गहरे समुद्र का संकटमोचक INS निपुण
2026-08-31
-
भारत-उज्बेकिस्तान के बीच हुए कई समझौते, रणनीतिक साझेदारी की घोषणा
2026-08-30
-
NEET-PG 2026: 2.65 लाख अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
2026-08-30
-
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में नक्सलियों का डंप किया विस्फोटक बरामद
2026-08-30
-
NEET PG 2026: बिजली गुल होने से परीक्षा रुकी, 5 सितंबर को दोबारा होगी परीक्षा
2026-08-30
-
लखनऊः राजनाथ सिंह ने किया 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास
2026-08-30