ED-I-PAC Controversy : सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, ममता बनर्जी पर जांच में हस्तक्षेप का आरोप, पश्चिम बंगाल सरकार ने भी कैविएट दाखिल की
खबर सार :-
ED-I-PAC Controversy : I-PAC से जुड़े ईडी छापे को लेकर ममता बनर्जी पर जांच में हस्तक्षेप का आरोप, प्रवर्तन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका, जानिए पूरा मामला।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: देश की शीर्ष जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच टकराव (ED-I-PAC Controversy) अब सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) तक पहुंच गया है। राजनीतिक रणनीतिकारों की संस्था आई-पैक (I-PAC) से जुड़े कथित कोयला घोटाले (Coal scam) की जांच के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर ईडी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एजेंसी ने अपनी याचिका में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईडी का दावा है कि कोलकाता में आई-पैक के निदेशक प्रतीक जैन (Prateek Jain) के आवास और कार्यालय पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जांच प्रक्रिया में सीधे हस्तक्षेप किया। एजेंसी के अनुसार, छापे के समय जरूरी दस्तावेज, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन ईडी अधिकारियों से कथित तौर पर छीन लिए गए, जिससे जांच प्रभावित हुई।
ED-I-PAC Controversy : ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से क्या मांगा?
प्रवर्तन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में न सिर्फ जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया है, बल्कि इस पूरे मामले में आपराधिक केस दर्ज करने की अनुमति भी मांगी है। ईडी का कहना है कि जांच को जानबूझकर रोकने की कोशिश की गई, ताकि साक्ष्य सामने न आ सकें। इससे पहले एजेंसी ने 9 जनवरी 2026 को कोलकाता हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी, जिस पर 14 जनवरी को सुनवाई प्रस्तावित है। हाईकोर्ट में ईडी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा था कि राज्य प्रशासन के हस्तक्षेप के कारण निष्पक्ष जांच संभव नहीं हो पा रही है।
ED-I-PAC Controversy : राज्य सरकार की सतर्कता, कैविएट दाखिल
ईडी की याचिका के जवाब में पश्चिम बंगाल सरकार ने भी तेजी दिखाते हुए सुप्रीम कोर्ट में कैविएट एप्लीकेशन (Caveat application) दाखिल कर दी है। राज्य सरकार ने अदालत से अनुरोध किया है कि इस मामले में कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसका पक्ष जरूर सुना जाए। कानूनी भाषा में कैविएट का अर्थ है, एकतरफा आदेश पर रोक। सरकार का यह कदम साफ तौर पर यह संकेत देता है कि वह इस मामले में किसी भी प्रकार के अंतरिम आदेश को लेकर सतर्क है और अपनी बात मजबूती से रखना चाहती है।
ED-I-PAC Controversy : पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ?
विवाद की जड़ 8 जनवरी 2026 की ईडी कार्रवाई है, जब एजेंसी ने कथित कोयला घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में आई-पैक के निदेशक प्रतीक जैन के घर और दफ्तर पर छापेमारी की। इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि वहां से कुछ अहम फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निकालकर उन्हें सरकारी वाहन में रखवाया गया। ईडी इसे जांच में सीधा हस्तक्षेप मान रही है, जबकि राज्य सरकार इस पूरे घटनाक्रम को अलग नजरिये से देख रही है। अब यह मामला न्यायिक समीक्षा के अधीन है और सुप्रीम कोर्ट के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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