महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य, नियम नहीं मानने पर लाइसेंस रद्द होगा

खबर सार :-

महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी का कामचलाऊ ज्ञान अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर पहले लाइसेंस सस्पेंड और बाद में रद्द किया जा सकेगा।
महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी जरूरी, वरना रद्द होगा लाइसेंस

खबर विस्तार : -

मुंबईः महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चलाने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का कामचलाऊ ज्ञान अनिवार्य किया जा रहा है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को घोषणा की कि मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में अगर ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवर मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान नहीं रखते हैं और निर्धारित नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके लाइसेंस ऑथराइजेशन को निलंबित या रद्द किया जा सकता है। सरकार इस संबंध में महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026 लागू करने की तैयारी में है।

बताया जा रहा है कि राज्य सरकार बुधवार को इस संबंध में आधिकारिक सरकारी आदेश जारी कर सकती है। प्रस्तावित संशोधन मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 में बदलाव करेगा। सरकार का कहना है कि इन संशोधनों का उद्देश्य पहले से मौजूद प्रावधानों को स्पष्ट करना और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करना है।

पहले नोटिस, फिर तीन महीने का निलंबन

संशोधित नियमों के तहत जिन ड्राइवरों में मराठी बोलने का व्यावहारिक या कामचलाऊ ज्ञान नहीं होगा, उन्हें तत्काल लाइसेंस रद्द करने के बजाय पहले सुधार का अवसर दिया जाएगा। ऐसे ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए एक महीने का नोटिस दिया जाएगा। अगर संबंधित ड्राइवर निर्धारित अवधि में भाषा सीखने या नियमों का पालन करने में विफल रहता है, तो उसके ड्राइविंग लाइसेंस ऑथराइजेशन को अधिकतम तीन महीने तक निलंबित किया जा सकेगा। इसके बाद भी अगर ड्राइवर नियमों का पालन नहीं करता है या दोबारा उल्लंघन करता है, तो उसका लाइसेंस ऑथराइजेशन स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है। सरकार की ओर से इस व्यवस्था को चरणबद्ध कार्रवाई के रूप में पेश किया जा रहा है। यानी ड्राइवरों को पहले भाषा सीखने और नियमों का पालन करने का मौका मिलेगा और लगातार उल्लंघन की स्थिति में ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

1989 के नियम में किया गया बदलाव

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा है कि मराठी भाषा से संबंधित प्रावधान पूरी तरह नया नहीं है। उनके मुताबिक, यह व्यवस्था 1989 से मौजूद नियमों पर आधारित है, लेकिन पहले इसे सख्ती से लागू नहीं किया गया था। सरनाईक ने कहा कि महाराष्ट्र में काम करने के लिए मराठी भाषा का ज्ञान आवश्यक होने का प्रावधान पहले से था। सरकार ने कुछ महीने पहले इसे सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया था। हालांकि, ड्राइवरों के साथ अन्याय न हो, इसलिए उन्हें मराठी सीखने के लिए 15 अगस्त तक का समय दिया गया था। मंत्री के अनुसार, कई ड्राइवरों ने इस प्रक्रिया में हिस्सा लेकर मराठी सीखी, लेकिन कुछ लोग अभी भी भाषा सीखने से इनकार कर रहे हैं। सरकार ने ऐसे मामलों से निपटने के लिए नियमों में आवश्यक कानूनी संशोधन किए हैं।

ड्राइवर ऑथराइजेशन के लिए मराठी जरूरी

संशोधित नियमों में महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 4 के उप-नियम (4) में बदलाव किया गया है। इसमें मराठी भाषा के कामचलाऊ ज्ञान को पात्रता शर्तों में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि ड्राइवर ऑथराइजेशन हासिल करने वाले नए आवेदकों को अन्य निर्धारित योग्यताओं के अलावा मराठी में व्यावहारिक दक्षता भी प्रदर्शित करनी होगी। सरकार का तर्क है कि सार्वजनिक परिवहन सेवा देने वाले ड्राइवरों के लिए यात्रियों के साथ बुनियादी संवाद करने की क्षमता जरूरी है। यह प्रावधान केवल पारंपरिक ऑटो-रिक्शा या टैक्सी तक सीमित नहीं रहेगा। इलेक्ट्रॉनिक मीटर से चलने वाली ऐप-आधारित मोटर कैब के ड्राइवरों पर भी इसका असर पड़ेगा।

ऐप आधारित कैब ड्राइवरों पर भी लागू होगा नियम

नए जोड़े गए नियम 22(3ए) के तहत इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली ऐप-आधारित मोटर कैब चलाने वाले ड्राइवरों के पास भी मराठी का कामचलाऊ ज्ञान होना जरूरी होगा। लाइसेंसिंग अधिकारियों को नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार दिया गया है। पहली बार नियमों का पालन नहीं करने पर ड्राइवर के लाइसेंस ऑथराइजेशन को अधिकतम तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। बार-बार नियमों का उल्लंघन होने पर ऑथराइजेशन स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है। इस प्रावधान के जरिए सरकार ऐप-आधारित कैब सेवाओं को भी पारंपरिक टैक्सी और ऑटो सेवाओं के समान नियामकीय दायरे में लाने की कोशिश कर रही है।

परमिट धारकों के लिए भी भाषा की शर्त

संशोधित नियमों में केवल ड्राइवरों पर ही नहीं, बल्कि परमिट धारकों पर भी मराठी भाषा के ज्ञान से जुड़ी शर्त लागू की गई है। महाराष्ट्र मोटर वाहन नियमों के नियम 78 के उप-नियम (2) में क्लॉज (सी) के बाद नया क्लॉज (डी) जोड़ा गया है। इसके तहत परमिट धारकों के लिए मराठी भाषा का कामचलाऊ ज्ञान आवश्यक किया गया है। वहीं, संशोधित नियम 85(1) के तहत कैब और टैक्सी परमिट के नवीनीकरण के लिए भी मराठी में व्यावहारिक दक्षता का प्रमाण देना जरूरी होगा। यह प्रमाण स्थानीय परिवहन प्राधिकरण की संतुष्टि के अनुसार होना चाहिए।

सरकार ने बताया सुरक्षा और संवाद का मुद्दा

परिवहन विभाग का कहना है कि नियमों में किए गए बदलावों का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में संवाद और सुरक्षा को बेहतर बनाना है। मंत्री सरनाईक के मुताबिक, 1989 के मौजूदा नियमों में कुछ ऐसी कमियां थीं जिनका फायदा गैरमराठी ड्राइवर कानूनी विवादों के दौरान उठाते थे। संशोधनों के जरिए इन कमियों को दूर करने का प्रयास किया गया है।

सरकार का तर्क है कि ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों का यात्रियों से सीधा संपर्क होता है। ऐसे में यात्री और ड्राइवर के बीच बुनियादी संवाद स्पष्ट होना जरूरी है। भाषा की जानकारी से यात्रा से संबंधित निर्देश, गंतव्य, किराया, सुरक्षा और आपात स्थिति जैसी चीजों को समझने में आसानी हो सकती है। हालांकि, इन नियमों के लागू होने के बाद इनके व्यावहारिक और कानूनी प्रभाव पर भी नजर रहेगी। खासकर दूसरे राज्यों से महाराष्ट्र में काम करने आए ड्राइवरों के लिए भाषा सीखने की प्रक्रिया और दक्षता साबित करने की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल सरकार ने नियमों को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि मराठी भाषा की दक्षता जांचने की प्रक्रिया किस तरह होगी और नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन या रद्द करने की कार्रवाई किस स्तर पर की जाएगी। महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि संशोधित नियमों का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में बेहतर संवाद, प्रशासनिक स्पष्टता और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है।

FAQ: 

1. महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी क्यों जरूरी की गई है?

सरकार का कहना है कि ड्राइवर और यात्रियों के बीच बेहतर संवाद, स्पष्ट समझ और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मराठी का कामचलाऊ ज्ञान जरूरी है।

2. क्या मराठी नहीं जानने पर तुरंत लाइसेंस रद्द होगा?

नहीं। प्रस्तावित व्यवस्था में पहले ड्राइवर को मराठी सीखने के लिए एक महीने का नोटिस दिया जाएगा। नियम का पालन नहीं करने पर लाइसेंस ऑथराइजेशन को अधिकतम तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।

3. क्या बार-बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द हो सकता है?

हां। बार-बार नियमों का पालन नहीं करने की स्थिति में ड्राइवर का लाइसेंस ऑथराइजेशन स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है।

4. क्या यह नियम केवल मुंबई के ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों पर लागू होगा?

नहीं। प्रस्तावित महाराष्ट्र मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2026 का दायरा मुंबई के साथ पूरे महाराष्ट्र में लागू होने वाली परिवहन सेवाओं तक है।

5. क्या ऐप आधारित कैब ड्राइवरों को भी मराठी सीखनी होगी?

हां। नए प्रावधान के तहत इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली ऐप-आधारित मोटर कैब के ड्राइवरों के लिए भी मराठी का कामचलाऊ ज्ञान जरूरी होगा।
 

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