बरगी डैम में भीषण नाव हादसा: तूफान के बीच पलटी पर्यटक नाव, 4 की मौत, 18 लापता
खबर सार :-
जबलपुर के बरगी बांध पर एक भीषण हादसा हो गया, जिसमें अचानक आए तेज़ तूफ़ान के कारण एक पर्यटक नाव पलट गई और चार लोगों की जान चली गई। अठारह यात्री अभी भी लापता हैं, और उन्हें खोजने के लिए तलाशी अभियान जारी है।
खबर विस्तार : -
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब अचानक आए भीषण तूफान के कारण एक पर्यटक नाव पलट गई। इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 18 यात्री अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बचाव दल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है।
तूफान की वजह से हुआ हादसा
यह हादसा नर्मदा नदी के बैकवाटर क्षेत्र में स्थित खमरिया द्वीप के पास हुआ, जो जल पर्यटन के लिए काफी लोकप्रिय स्थल माना जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ तूफानी हालात बन गए। देखते ही देखते लहरें उफान पर आ गईं और नाव का संतुलन बिगड़ गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, नाव में 30 से अधिक पर्यटक सवार थे। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच नाव बुरी तरह डगमगाने लगी और कुछ ही पलों में पलट गई। हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और कई लोग डैम के गहरे पानी में डूब गए।
रेस्क्यू में जुटी SDRF
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव एजेंसियां सक्रिय हो गईं। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम के साथ बरगी पुलिस मौके पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। कठिन मौसम और कम रोशनी के बावजूद गोताखोरों और रेस्क्यू टीमों ने अभियान जारी रखा।
बरगी जोन के नगर पुलिस अधीक्षक अंजुल अयांक मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं, त्वरित कार्रवाई के चलते 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि अभी भी लगभग 18 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। प्रशासन द्वारा यात्रियों की सूची और जीवित बचे लोगों के बयानों के आधार पर आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है।
पर्यटन का प्रमुख केंद्र
बरगी डैम क्षेत्र मध्य प्रदेश में जल पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक नौका विहार का आनंद लेने पहुंचते हैं। खासकर शाम के समय बोटिंग यहां का प्रमुख आकर्षण माना जाता है। लेकिन अचानक मौसम के बिगड़ने से यह आनंददायक सफर कुछ ही मिनटों में भयावह हादसे में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे से पहले आसमान में अचानक अंधेरा छा गया और तेज हवाओं ने पानी में उथल-पुथल मचा दी। नाव चालक के पास सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का पर्याप्त समय नहीं था। प्रशासनिक अधिकारियों का भी मानना है कि इस दुर्घटना का मुख्य कारण अचानक आया भीषण तूफान और खराब मौसम रहा, जिसके कारण नाव संतुलन खो बैठी।
फिलहाल बचाव अभियान लगातार जारी है। गोताखोर खमरिया द्वीप के आसपास और संभावित धाराओं में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और पर्यटकों से खराब मौसम में जलाशयों के पास न जाने की अपील की है।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या जल पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा और मौसम पूर्व चेतावनी की व्यवस्था है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लापता लोगों के परिजन चिंतित होकर अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
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