Latehar bus accident: अब तक 10 की मौत, 80 लोगों का इलाज जारी
खबर सार :-
जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र की ओरसा घाटी में रविवार को हुए बस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर दस हो गई है। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) विपिन कुमार दुबे ने इसकी पुष्टि की है।
खबर विस्तार : -
लातेहार: झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र की ओरसा घाटी में रविवार को हुए भीषण बस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। इस दुखद हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल पांच अन्य लोगों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मृतकों की हुई पहचान
मृतकों की पहचान कर ली गई है। मृतकों में सीतापति देवी, प्रेमा देवी, सोनमती देवी, रेशंती चेरवा, सुखना भुइयां, विजय नागेशिया, लीलावती सोनवानी, रमेश मानिका, फगुआ राम और परशुराम सोनवानी शामिल हैं। हादसे में लगभग 80 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) के साथ-साथ लातेहार और आसपास के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। बताया जा रहा है कि सभी मृतक और घायल छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रहने वाले हैं।
घायल यात्रियों का इलाज जारी
रविवार को छत्तीसगढ़ के बलरामपुर से कुछ लोगों ने शादी समारोह के लिए एक बस बुक की थी और वे महुआडांड़ के लोध गांव जा रहे थे। यात्रा के दौरान, ओरसा घाटी के पास, बस अनियंत्रित होकर एक गहरी खाई में पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि बस में सवार लगभग सभी यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही, एसडीएम विपिन कुमार दुबे के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस और स्थानीय लोगों के निजी वाहनों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है।
एसडीएम की त्वरित कार्रवाई से कई लोगों की बची जान
इस बीच, एसडीएम विपिन कुमार दुबे ने तत्परता दिखाते हुए, आसपास के अन्य ब्लॉकों से स्वास्थ्य कर्मियों और एंबुलेंस के साथ-साथ लातेहार जिला मुख्यालय और गुमला जिले से भी एंबुलेंस और चिकित्सा सुविधाओं की तुरंत व्यवस्था की। क्षेत्र में संचालित सभी निजी अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ को भी घायलों के इलाज के लिए अलर्ट पर रखा गया था।
राहत कार्यों में सहायता के लिए छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी एंबुलेंस, डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों को बुलाया गया था। घटना के एक घंटे के अंदर 25 से ज़्यादा एम्बुलेंस बुलाई गईं, और घायलों को आगे के इलाज के लिए रेफर करने से पहले फर्स्ट एड दिया गया। इसके चलते घायलों को समय पर और सही इलाज मिला, जिससे उनकी जान बचाने में मदद मिली।
क्षमता से दोगुने यात्री थे सवार
बताया जा रहा है कि बस में 45 लोगों के बैठने की क्षमता थी, लेकिन उसमें 90 से ज़्यादा लोग सवार थे। हालांकि, स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में शादी समारोहों के दौरान गाड़ियों में क्षमता से ज़्यादा यात्री होना आम बात है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को ओवरलोडिंग रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।
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