झांसी में बिना पंजीकरण चल रहे कोचिंग सेंटरों पर होगी कार्रवाई, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

खबर सार :-

झांसी में बिना पंजीकरण और फायर NOC के संचालित कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन सख्त हो गया है। डीएम गौरांग राठी ने एक माह के भीतर पंजीकरण और सुरक्षा संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
झांसी में बिना पंजीकरण चल रहे कोचिंग सेंटरों पर होगी कार्रवाई, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

खबर विस्तार : -

झांसी: जिले में बिना पंजीकरण और आवश्यक सुरक्षा मानकों के बिना संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन कोचिंग संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग और झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें। ऐसा नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ सीलिंग सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश

कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 50 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हैं, लेकिन इनमें से केवल नौ संस्थान ही विधिवत पंजीकृत हैं। इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पंजीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले के सभी कोचिंग सेंटरों, कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक पुस्तकालयों में विशेष अग्नि सुरक्षा जांच अभियान चलाया जाए। इस अभियान के दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, उनकी कार्यशील स्थिति, आपातकालीन निकास व्यवस्था, विद्युत वायरिंग की सुरक्षा तथा फायर एनओसी की वैधता की गहन जांच की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों की फायर एनओसी की अवधि समाप्त हो चुकी है या जिनके पास आवश्यक अनुमति नहीं है, उनके विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अनुपस्थित रहे कोचिंग संचालकों के खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में दी सख्त चेतावनी

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन कोचिंग संस्थानों के पास फायर विभाग और जेडीए की एनओसी उपलब्ध है, उन्हें उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन नियमावली-2002 के तहत तत्काल पंजीकरण कराना होगा। वहीं जिन संस्थानों के पास अभी तक एनओसी नहीं है, उन्हें 10 दिनों के भीतर संबंधित विभागों में आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि यदि कोई कोचिंग संस्थान किराये के भवन में संचालित हो रहा है, तो भवन स्वामी की भी जिम्मेदारी होगी कि वह फायर विभाग और जेडीए से आवश्यक एनओसी प्राप्त करे। बिना सुरक्षा मानकों के किसी भी शैक्षणिक संस्थान का संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सभी शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करना है। विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

फायर एनओसी प्राप्त करने के इच्छुक संचालक निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी के लिए प्रभारी फायर स्टेशन अनिल कुमार के मोबाइल नंबर 9454418431 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

बैठक में क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी प्रो. सुशील बाबू ने उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन नियमावली-2002 की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक कोचिंग संस्थान का पंजीकरण अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि नई शाखा खोलने, संस्थान का पता बदलने या पंजीकरण प्रमाणपत्र खो जाने की स्थिति में भी नियमानुसार संबंधित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

बैठक के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी आर.के. राय ने फायर सेफ्टी उपकरणों के सही उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। बैठक में झांसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हिमांशु गौतम, एडीएम वित्त एवं राजस्व पल्लवी मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद झा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में कोचिंग संचालक उपस्थित रहे।

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