Israel Iran War: खामेनेई की मौत के बाद देश में हाई अलर्ट, जम्मू-कश्मीर में लगीं कईं पाबंदियां, स्कूल-कॉलेज बंद
खबर सार :-
Israel-Iran War: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की इज़राइली हमले में मौत के बाद, जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गए हैं। कश्मीर में कई पाबंदियां लगाई गई हैं।
खबर विस्तार : -
Israel Iran War: मिडिल ईस्ट (Middle East) के हालात को देखते हुए, भारत में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने सभी राज्यों को संदिग्ध लोगों पर नज़र रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया है। US-इज़रायली हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया के ज़रिए भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
Israel Iran War: पुलिस ने जारी की सख्त चेतावनी
इस बीच, राज्य पुलिस अधिकारियों ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे कोई भी आपत्तिजनक, भड़काऊ या अनचाहा कंटेंट पोस्ट, शेयर या फॉरवर्ड न करें। अफवाहें और गुमराह करने वाले मैसेज माहौल खराब कर सकते हैं और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि शांति और कानूनी तरीके से अपनी बात कहने के अधिकार का सम्मान किया जाता है, लेकिन हिंसा, पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना और सिक्योरिटी फोर्स के साथ टकराव किसी भी हालत में मंज़ूर नहीं है। ऐसी घटनाओं से जान-माल का नुकसान होता है और पूरे समाज को परेशानी होती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी नियम तोड़ने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गैर-कानूनी कामों में शामिल लोगों, भड़काने वालों और एंटी-सोशल एलिमेंट्स की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लोगों से की गई ये अपील
कर्नाटक के बांदीपुरा जिले में मौजूदा हालात को देखते हुए, लोकल पुलिस ने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा है कि इलाके में शांति और सुरक्षा बनाए रखना सबकी मिली-जुली ज़िम्मेदारी है, और इसलिए लोगों को ऐसी किसी भी गतिविधि से बचना चाहिए जिससे पब्लिक शांति भंग हो सकती है।
पुलिस की अपील में लोगों से गुंडागर्दी, दंगा, पत्थरबाजी या किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल न होने की अपील की गई है। ऐसा करना न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे आम जनता, बिजनेसमैन, स्टूडेंट्स और दिहाड़ी मजदूरों को भी काफी परेशानी होती है। हिंसा और अशांति से एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन बंद हो सकते हैं, ट्रांसपोर्टेशन में रुकावट आ सकती है, और इकोनॉमिक एक्टिविटी पर असर पड़ सकता है।
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