Action on Terrorism : केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन, यूएपीए के तहत 23 और अपराधी आतंकी घोषित, पाकिस्तान से चला रहे थे भारत विरोधी नेटवर्क
खबर सार :-
Action on Terrorism :केंद्र सरकार ने आतंकवाद पर कड़ा प्रहार करते हुए यूएपीए कानून के तहत 23 लोगों को आतंकवादी घोषित किया है। इसमें पाकिस्तान में छिपे बैठे जैश और लश्कर के कई बड़े नाम शामिल हैं।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: देश की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने एक बार फिर बहुत बड़ा कदम उठाया है। आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की अपनी नीति पर आगे बढ़ते हुए सरकार ने 23 लोगों को अधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित कर दिया है। यह कड़ा फैसला गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (Unlawful Activities Prevention Act) यानी यूएपीए के तहत लिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से जारी सरकारी आदेश (गजट) के मुताबिक, इस लिस्ट में पाकिस्तान में छिपे बैठे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे खतरनाक संगठनों के गुर्गों के नाम शामिल हैं। इन सभी लोगों पर भारत के खिलाफ साजिश रचने, नए लड़कों को बरगलाकर आतंकी बनाने, उन्हें ट्रेनिंग देने, हथियार सप्लाई करने और देश में घुसपैठ कराने के बेहद गंभीर आरोप हैं।
Action on Terrorism : गृह मंत्रालय ने दी जानकारी
इस फैसले की जानकारी देते हुए गृह मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आतंकवाद के खिलाफ zero tolerance (जीरो टॉलरेंस) की नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है। सरकार का साफ कहना है कि भारत की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि जिन 23 लोगों को आतंकी घोषित किया गया है, उनमें से 17 पाकिस्तान के रहने वाले हैं और 6 भारत के नागरिक हैं। हालांकि, ये सभी 6 भारतीय भी इस समय देश छोड़कर भाग चुके हैं और पाकिस्तान या पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में बैठकर भारत के खिलाफ जहर उगल रहे हैं और वहीं से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं।
Action on Terrorism : सेना के कैंपों पर हमले की रची थी साजिश
इस लिस्ट में कई ऐसे नाम हैं जिन्होंने भारतीय सेना पर हुए बड़े हमलों की साजिश रची थी। उदाहरण के लिए, मसूद इलियास कश्मीरी और मोहम्मद मुसद्दिक नाम के आतंकियों पर साल 2022 में जम्मू के सुनजवां आर्मी कैंप पर हुए हमले की प्लानिंग करने और आतंकियों को सीमा पार कराने का आरोप है। इसी तरह, साल 2016 में नगरोटा आर्मी कैंप पर हुए हमले के पीछे मुफ्ती मोहम्मद असगर खान और हाफिज अब्दुल शकूर का हाथ था, जिन्होंने घुसपैठ का पूरा नेटवर्क तैयार किया था। एक और आरोपी अब्दुल्ला जेहादी पर जैश के ट्रेनिंग कैंप चलाने का आरोप है। लश्कर से जुड़े फिरदौस अहमद भट और बिलाल अहमद मीर उर्फ अहमद भाई जैसे लोग भी इस सूची में हैं, जो सीमा पर आतंकियों को भारतीय इलाके में भेजने (लॉन्चिंग कमांडर) और उन्हें हथियार पहुंचाने का काम करते रहे हैं। सरकार के इस कदम के बाद अब इन अपराधियों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शिकंजा कसना आसान हो जाएगा।
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