वित्तीय वर्ष 2026-27 के आम बजट से व्यापारिक समुदाय को ‘सम्मान, सरलता और सुरक्षा’ की उम्मीद
खबर सार :-
कैट का मानना है कि व्यापारिक समुदाय देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि केंद्रीय बजट 2026-27 में व्यापारियों को सम्मान, सुरक्षा, सरलता और समान अवसर प्रदान किए जाते हैं, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और विकसित भारत @2047 बनने से कोई नहीं रोक सकता।
खबर विस्तार : -
Union Budget 2026-27: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करने जा रही है। केंद्र सरकार के आगामी बजट से आम जनता से लेकर व्यापारी समुदाय तक को काफी उम्मीदें है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आगामी केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार से व्यापारिक समुदाय के हित में व्यापक, व्यावहारिक और दूरदर्शी प्रावधान करने की मांग की है। कैट का कहना है कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त, पारदर्शी और आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप होना चाहिए, जिससे देश के करोड़ों छोटे-बड़े व्यापारियों को मजबूती मिल सके।
कैट ने मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को देशभर के व्यापारिक समुदाय की ओर से सुझावों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इन सुझावों का उद्देश्य व्यापार को सम्मान, सरलता, सुरक्षा और समान अवसर प्रदान करना है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की जरूरत
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, वोकल फॉर लोकल, लोकल फॉर ग्लोबल, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश के व्यापारिक माहौल को नई दिशा दी है। अब समय आ गया है कि इन पहलों को बजट 2026-27 में और अधिक सशक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों के लिए ट्रस्ट आधारित व्यापार प्रणाली विकसित की जानी चाहिए, जिसमें सिंगल विंडो कंप्लायंस सिस्टम, अनावश्यक नोटिस और निरीक्षण पर रोक तथा व्यापारिक कानूनों के डिक्रिमिनलाइजेशन को तेजी से लागू किया जाए।
जिला स्तर पर समाधान के लिए पार्टिसिपेटरी गवर्नेंस
कैट ने पार्टिसिपेटरी गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जिले में व्यापारियों और सरकारी अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित करने का सुझाव दिया है। इससे व्यापार से जुड़ी समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर ही संभव हो सकेगा और व्यापारियों को बार-बार उच्च कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
वन नेशन–वन लाइसेंस की मांग
प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि कैट ने ‘वन नेशन–वन लाइसेंस–वन रजिस्ट्रेशन’ की अवधारणा को लागू करने की सिफारिश की है। सभी व्यापारिक लाइसेंसों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जारी करने, ऑटो-रिन्यूअल की सुविधा देने और अनावश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया समाप्त करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।
डिजिटल इंडिया के तहत पारंपरिक व्यापार का आधुनिकीकरण
प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को आगे बढ़ाते हुए कैट ने पारंपरिक व्यापार को आधुनिक बनाने के लिए टेक्नोलॉजी एडॉप्शन इंसेंटिव स्कीम शुरू करने का सुझाव दिया है। इसके तहत डिजिटल उपकरणों पर सब्सिडी, टैक्स छूट और ‘डिजिटल दुकान मिशन’ लागू करने की मांग की गई है, ताकि छोटे दुकानदार भी डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़ सकें।
ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स पर नियंत्रण की मांग
कैट ने ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स द्वारा की जा रही भारी डिस्काउंटिंग, प्रीडेटरी प्राइसिंग और विदेशी फंडिंग से उत्पन्न अनुचित प्रतिस्पर्धा पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने वाणिज्य मंत्रालय से मांग की है कि सभी ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियों का अनिवार्य पंजीकरण हो, समान नियम लागू किए जाएं और फेयर ट्रेड कोड को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि छोटे रिटेल व्यापारियों के हित सुरक्षित रह सकें।
ईमानदार टैक्सपेयर्स को मिले प्रोत्साहन
कैट ने ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए टैक्सपेयर रेटिंग सिस्टम, कम स्क्रूटनी, फास्ट-ट्रैक रिफंड और सस्ती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की भी मांग की है। इससे निश्चित तौर पर व्यापारियों के मन में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ेगा और वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में बिना किसी दबाव के ईमानदारी से काम करेंगे।
स्किल डेवलपमेंट पर जोर
कैट ने “व्यापार भी एक कौशल है” की अवधारणा को अपनाने का आग्रह करते हुए नेशनल ट्रेडर्स स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू करने का सुझाव दिया है। इसमें डिजिटल स्किल्स, अकाउंटिंग, साइबर सिक्योरिटी और कस्टमर मैनेजमेंट जैसे विषय शामिल किए जाने चाहिए।
पेंशन, बीमा और साइबर सुरक्षा जरूरी
छोटे व्यापारियों के लिए पेंशन और बीमा सुरक्षा को मजबूत करने, व्यापारी पेंशन योजना को व्यावहारिक बनाने और पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई व पीएम-एसवाईएम जैसी योजनाओं को और प्रभावी करने की भी मांग की गई है। साथ ही, बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए साइबर फ्रॉड प्रोटेक्शन फंड, त्वरित मुआवजा प्रणाली और सख्त डेटा प्रोटेक्शन कानून लागू करने पर जोर दिया गया है।
एमएसएमई और बाजारों के आधुनिकीकरण पर फोकस
कैट ने एमएसएमई और छोटे व्यापारियों के लिए डेडिकेटेड ट्रेड फाइनेंस पॉलिसी, समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून तथा बाजारों के आधुनिकीकरण, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स पार्क और स्मार्ट मार्केट्स विकसित करने की सिफारिश की है।
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