आधार कार्ड के डिजाइन में होगा बदलाव? केंद्र सरकार ने बताई वायरल पोस्ट की पूरी सच्चाई
खबर सार :-
केंद्र सरकार ने रविवार को उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि आधार कार्ड का एक सरल प्रारूप निकाला जाएगा जिसमें केवल एक तस्वीर और एक QR कोड होगा। साथ ही कहा कि इस तरह से अफवाहों से लोगों को बचना चाहिए।
खबर विस्तार : -
नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने रविवार को उन रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि आधार कार्ड का एक नया और सरल फॉर्मेट जल्द ही लागू किया जाएगा, जिसमें केवल फोटो और क्यूआर कोड शामिल होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई भी प्रस्ताव न तो विचाराधीन है और न ही इसे लेकर किसी प्रकार की योजना बनाई गई है।
खबरों को बताया पूरी तरह से गलत
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि आधार कार्ड के स्वरूप में बदलाव को लेकर प्रसारित हो रही खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की अफवाहें जनता के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा कर रही हैं और इन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।
बयान में कहा गया, “समय-समय पर सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया जाता है कि आधार कार्ड का स्वरूप बदलकर केवल एक फोटो और क्यूआर कोड तक सीमित कर दिया जाएगा। यह दावा पूरी तरह असत्य है। सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।”
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
मंत्रालय ने आगे कहा कि नागरिकों को केवल भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) और प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) जैसे आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। साथ ही मीडिया संस्थानों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी अपुष्ट या असत्यापित जानकारी को प्रकाशित या प्रसारित करने से बचें।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि आधार प्रणाली में किसी प्रकार के बड़े बदलाव का कोई निर्णय नहीं लिया गया है और मौजूदा व्यवस्था पहले की तरह ही जारी रहेगी। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक घोषणाओं को ही सत्य मानें।
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा तेजी से फैल रहा था कि आधार कार्ड के डिज़ाइन में जल्द बड़ा बदलाव किया जाएगा। सरकार ने इन दावों को सख्ती से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार बताया है।
देशभर में मान्य
आधार, जो कि दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली मानी जाती है, देशभर में पहचान सत्यापन के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। वर्तमान में इसके लगभग 134 करोड़ उपयोगकर्ता हैं और इसके माध्यम से अब तक 17,000 करोड़ से अधिक प्रमाणीकरण लेनदेन पूरे किए जा चुके हैं।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा संचालित यह प्रणाली विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी सेवाओं में पहचान सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सरकार ने दोहराया है कि आधार से संबंधित किसी भी बदलाव की आधिकारिक जानकारी केवल निर्धारित चैनलों के माध्यम से ही साझा की जाएगी।
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