छह महीने में मिलेेंगी एक लाख नौकरियां : योगी सीएम

खबर सार :-

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी ने नियुक्ति पत्र पाने वाले से पैसे मांगे तो वह जेल भेज दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस सम्बंध में पूरी जिम्मेदारी से काम करने के लिए कहा है।
नियुक्ति पत्र पाए अभ्यर्थी से मांगे पैसे तो जाएंगे जेलः सीएम योगी

खबर विस्तार : -

लखनऊ  : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने पूर्व की सरकारों पर जमकर निशाना साधा। कहा कि अब कोई सैफई सिंडिकेट प्रतिभावान छात्रों के हितों पर डकैती डालने का दुस्साहस नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश सेवा शिक्षा चयन बोर्ड से चयनित 3567 प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। समारोह में उन्होंने इन चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी। 

इस कार्यक्रम में मंगलवार को जब नियुक्त पत्र दिए गए तो अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। एक सप्ताह में 5297 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। इसी तरह आंकड़े कहते हैं कि 9 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में करीब नौ लाख 30 हजार युवाओं को नौकरी दी गई। अभी और भी नियुक्ति पत्र दिए जाने हैं। मुख्यमंत्री की ओर से इसका अनुमान भी दे दिया गया है।

बताया गया है कि 6 महीने में एक लाख और युवाओं को नौकरी दी जाएगी। इस समारोह में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों का बिना नाम लिए हुए कई बार सैफई सिंडिकेट शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पैसे लेकर नौकरियां दी जाती थी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सैफई सिंडिकेट के वक्तव्य के बाद यह तीसरी नियुक्ति पत्र वितरित कार्यक्रम है। 

नियुक्ति पत्र के बाद अभ्यर्थी से मांगे गए पैसे

इस दौरान उन्होंने पैसे लेने वालों पर शिकंजा कसने की बात कही है। नियुक्ति पत्र के बाद पैसे मांगने की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंची है। सीएम ने कहा कि शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। यह इसलिए कि वह नकल माफिया पर अंकुश लगाएंेगे। उत्तर प्रदेश में नकल कराने वालों पर पहले भी मुख्यमंत्री की ओर से कार्रवाई की जा चुकी है। पिछली बार के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पारदर्शी परीक्षाओं का जिक्र किया था। 

हौसले पर ब्रेक लगाने वाली व्यवस्था बदली जाएगी

इस दौरान अभ्यर्थियों ने भय मुक्त और पारदर्शी परीक्षाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी थी। कार्यक्रम में प्रयागराज में बैठे हुए धरने के युवाओं का भी जिक्र किया गया। माध्यमिक शिक्षा मंत्री से एनसीटीई को पत्र लिखकर युवाओं की समस्याओं का हल निकालने के लिए कहा गया है। सीएम ने कहा है कि नौजवानों के हौसले पर ब्रेकर लगाने वाली व्यवस्था को बदलना होगा। उन्होंने कहा जिज्ञासा इनोवेशन और रिसर्च का अधिकार बनेगी। उन्होंने कहा की जिज्ञासा शिक्षक ही पैदा कर सकते हैं। बेसिक शिक्षा में सुधार का भी उन्होंने जिक्र किया। 

उत्तर प्रदेश की अब है अलग पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमने जब सत्ता संभाली, यहां नौकरियां चुनौती बनी थी। बेरोजगारी हावी थी। युपी के लोगों को सम्मान से नहीं देखा जाता था। यूपी वाला कहकर अपमानित किया जाता था। गुंडागर्दी हावी थी। पैसों के बिना किसी का काम नहीं होता था। ऐसे भी लोग थे, जिनसे पैसे मांगे गए, जब वह पैसे लेकर आये तो बताया गया उनकी जगह किसी और को रख लिया गया। उसने ज्यादा पैसे दे दिए। मुख्यमंत्री ने समारोह में कई संतों और गुरूओं का भी नाम लिया। उनके रास्तों पर चलने की सीख दी। 

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