PM-DAKSH योजना: 1.87 लाख से अधिक लोगों को मिला कौशल प्रशिक्षण, 96 हजार को मिले प्लेसमेंट ऑफर

खबर सार :-

PM-DAKSH योजना के तहत 2020-21 से 2023-24 के दौरान 1.87 लाख से अधिक उम्मीदवारों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया। इनमें 96,162 को प्लेसमेंट ऑफर मिले।
PM-DAKSH योजना से 1.87 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षण, हजारों को नौकरी के ऑफर

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही (PM-DAKSH) योजना के तहत वित्त वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान 1.87 लाख से अधिक उम्मीदवारों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से 96,162 उम्मीदवारों को नौकरियों के लिए प्लेसमेंट ऑफर मिले। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी फैक्टशीट में यह जानकारी दी गई यह योजना अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), विमुक्त जनजातियों और सफाई कर्मचारियों सहित कचरा बीनने वालों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। मंत्रालय की फैक्टशीट के अनुसार, योजना के मूल्यांकन अध्ययन में प्रशिक्षण की प्रासंगिकता और उसके परिणामों को सकारात्मक पाया गया है। इससे लक्षित वर्गों के लोगों को रोजगार के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद मिली है।

लाभार्थियों ने प्रशिक्षण को बताया उपयोगी

PM-DAKSH योजना के मूल्यांकन अध्ययन में सामने आया कि 90 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने प्रशिक्षण को अपने करियर लक्ष्यों, स्थानीय श्रम बाजार की जरूरतों और निर्धारित सीखने के परिणामों के अनुरूप बताया। इससे संकेत मिलता है कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को रोजगार की आवश्यकताओं के साथ जोड़ने पर जोर दिया गया है। योजना का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि लाभार्थियों को रोजगार पाने और अपनी आजीविका बेहतर बनाने के लिए तैयार करना भी है। मूल्यांकन में योजना के गैर-आर्थिक लाभों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें लाभार्थियों के आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और सामाजिक पहचान में सुधार शामिल हैं। ये बदलाव विशेष रूप से महिलाओं और वंचित समुदायों के बीच महत्वपूर्ण पाए गए।

आय बढ़ने की उम्मीद

फैक्टशीट के अनुसार, योजना के दीर्घकालिक परिणाम भी काफी हद तक सकारात्मक रहे हैं। अधिकांश लाभार्थी प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का इस्तेमाल जारी रखे हुए हैं। उन्हें भविष्य में अपनी आय बढ़ने की उम्मीद है और वे अपने विकास में दोबारा निवेश करने के लिए भी प्रेरित हैं। इसके अलावा, लाभार्थियों में यह भरोसा पाया गया कि वे अपनी मेहनत और अर्जित कौशल के आधार पर इन सुधारों को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं। हालांकि, प्लेसमेंट ऑफर और वास्तविक रोजगार के बीच अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है। उपलब्ध आंकड़ा नौकरी के प्रस्तावों की संख्या बताता है, न कि आवश्यक रूप से इतने उम्मीदवारों के रोजगार में बने रहने की पुष्टि करता है।

वित्त वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान PM-DAKSH योजना के लिए कुल 276.47 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। मंत्रालय की फैक्टशीट के मुताबिक, इस अवधि से संबंधित योजना पर अब तक 309.5 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस प्रकार, उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार खर्च की राशि आवंटित बजट से अधिक रही। योजना के वित्तीय प्रावधानों का उद्देश्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों को संचालित करना और लक्षित वर्गों तक कौशल विकास के अवसर पहुंचाना है।

2020-21 में शुरू हुई थी PM-DAKSH योजना

PM-DAKSH योजना की शुरुआत वित्त वर्ष 2020-21 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य वंचित वर्गों के पात्र लोगों को सूचीबद्ध प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण देना और उन्हें वेतन आधारित रोजगार या स्वरोजगार के योग्य बनाना है। इस योजना को सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के अंतर्गत आने वाले तीन निगमों के माध्यम से लागू किया जाता है। इनमें राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (NSFDC), राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (NBCFDC) और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) शामिल हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग इन निगमों को धनराशि जारी करता है। इसके बाद निगम उन प्रशिक्षण संस्थानों को प्रशिक्षण लागत का भुगतान करते हैं, जो कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत सूचीबद्ध हैं।

प्रशिक्षण संस्थानों के लिए रोजगार उपलब्ध कराने की शर्त

योजना के तहत प्रशिक्षण संस्थानों की जवाबदेही तय करने के लिए रोजगार से जुड़ी शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद संस्थानों के लिए कम से कम 70 प्रतिशत प्रशिक्षित उम्मीदवारों को रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य है। यदि संस्थान इस शर्त को पूरा नहीं करते हैं, तो प्रशिक्षण लागत की 30 प्रतिशत राशि के बराबर तीसरी किस्त जब्त की जा सकती है। इसके अलावा, संस्थानों को संबंधित उद्योगों के साथ सहयोग बनाए रखना होता है, ताकि प्रशिक्षित उम्मीदवारों के लिए रोजगार के अवसर विकसित किए जा सकें। तीनों निगम पात्र लाभार्थियों को परियोजनाएं स्थापित करने के लिए ऋण सुविधाएं, मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराते हैं।

FAQ

1. PM-DAKSH योजना क्या है?

PM-DAKSH यानी प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही योजना केंद्र सरकार की एक पहल है। इसका उद्देश्य वंचित वर्गों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

2. PM-DAKSH योजना कब शुरू की गई थी?

इस योजना की शुरुआत वित्त वर्ष 2020-21 में की गई थी।

3. PM-DAKSH योजना के तहत किन वर्गों को लाभ मिलता है?

इस योजना के तहत अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), विमुक्त जनजातियों और सफाई कर्मचारियों, जिनमें कचरा बीनने वाले भी शामिल हैं, को लाभ दिया जाता है।

4. PM-DAKSH योजना के तहत कितने लोगों को प्रशिक्षण दिया गया?

वित्त वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान 1.87 लाख से अधिक उम्मीदवारों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया।

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