वंदे मातरम को समर्पित होगा 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला, बलरामपुर गार्डन में एक अक्टूबर को होगा उद्घाटन

खबर सार :-

बलरामपुर गार्डन, अशोक मार्ग में 11 दिवसीय 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला एक अक्टूबर से प्रारम्भ किया जाएगा। हमेशा की तरह ही यहां इस बार भी साहित्यिक सांस्कृतिक आयोजनों और प्रतियोगिताओं का दौर चलेगा। मंच पर कलाकारों की प्रस्तुतियां भी होंगी।
11 दिवसीय 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला एक अक्टूबर से प्रारम्भ, कलाकारों की होंगी प्रस्तुतियां

खबर विस्तार : -

लखनऊ, इस बार पुस्तक मेला वंदे मातरम् के डेढ़ सौ वर्षों की थीम को समर्पित इस पुस्तक मेले के पहली अक्टूबर को शाम पांच बजे उद्घाटन के लिये उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सहमति जताई है। आज मेला स्थल पर पत्रकार वार्ता में मेला संयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि करीब ढाई दशक पहले शुरू किये हमारे समवेत प्रयासों से शहर में पुस्तक मेलों की संस्कृति अब नियमित आयोजन बन गयी है। यह केवल पुस्तक मेला नहीं, यह ज्ञान और संस्कृति का उत्सव है। इस बार जो कला का प्रदर्शन करना चाहते हैं, उनको मंच पर मौका दिया जाएगा। ऐसा बार किया जाता रहा है। हमेशा की तरह ही यहां इस बार भी साहित्यिक सांस्कृतिक आयोजनों और प्रतियोगिताओं का दौर चलेगा। मंच पर कलाकारों की प्रस्तुतियां भी होंगी।   

50 से अधिक प्रतिष्ठित प्रकाशकों की होगी मौजूदगी

मेला निदेशक आकर्ष चंदेल ने कहा-लगभग 75 हजार वर्ग फीट में यह मेला फैला है। इसमें भव्य आयोजन भी होते हैं। इस मेले की खासियत है कि यहां किसी प्रकार का प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता है। जबकि खरीददारी का उत्साह चरम पर देखा जाता है। यहां पठन पाठन वालों के लिए भरपूर सामग्री रहती है। यह पुस्तक मेला सभी आयु वर्ग के लिए साहित्यिक और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र होगा। इस पुस्तक मेला में विष्व विख्यात पुस्तकें मिल जाती हैं। साथ ही यहां पर भरपूर स्टॉल रहते हैं। पांच दर्जन करीब प्रकाषक होते हैं। दस दर्जन के करीब स्टॅाल लगाए जाते हैं। मेला में जमकर खरीददारी की जाती है। यहां पर देष विदेष के लोग आते हैैं। कई भाषाओं में यहां पुस्तकें मिलती हैं। बाल साहित्य और दुर्लभ पुस्तकों का संग्रह भी यहां उपलब्ध रहता है।

पुस्तक मेला में देश विदेश की पुस्तकें मिलेंगी

उद्घाटन दिवस रतन सिस्टर्स के दल का नृत्य कार्यक्रम होगा। पुस्तक मेला में देश विदेश की पुस्तकें देखने और पढ़ने को मिल जाएंगी। भारतीय ज्ञानपीठ, राजपाल एंड संस, सम्यक प्रकाशन, सामयिक प्रकाशन, वेलायत पब्लिकेशन्स, ग्रीन पाम, फ्लाईड्रीम्स, ईएचएफ लर्निंग, ऋषभ बुक्स, नय्यर बुक, भारतीय कला प्रकाशन, स्टूडेंट बुक सेंटर, यशिका एंटरप्राइजेज, आर्यन बुक, रितेश बुक, पदम बुक, ज्योति बुक्स व शिवांगी बुक इंटरनेशनल, त्रिदेव बुक्स, परिमल पब्लिकेशन, वर्धमान बुक्स, ऋषि पब्लिकेशन के साथ नोएडा से मंजुल पब्लिशिंग, सेतु प्रकाशन, रेख्ता पब्लिकेशन्स और गाजियाबाद से न्यू बुक और वर्मा बुक के स्टाल होंगे।

अन्य शहरों के प्रकाशनों में लोकभारती प्रकाशन प्रयागराज; उपकार,प्रतियोगिता दर्पण, साहित्य सरोवर व निखिल पब्लिशर्स आगरा; दिनकर पुस्तकालय भागलपुर; ऑथर्स अड्डा; गिडियंस इंटरनेशनल; लिंक लिमिटेड और पैराडाइज बुक कंपनी रायपुर के स्टाल होंगे। साहित्यिक मंच पर साहित्यकारों से संवाद, परिचर्चाओं और काव्य गोष्ठियों के संग रहीस सिंह, डा.रश्मि श्रीवास्तव, करुणा पाण्डेय, संतोष वाल्मीकि, ब्रजेश कुमार मिश्र, विवेक शुक्ला, नीलम राकेश और मनीष शुक्ला आदि की किताबों के विमोचन होंगे।

स्थानीय प्रकाशकों में उ.प्र.हिन्दी संस्थान, उ.प्र.उर्दू अकादमी, ज्ञानार्ची बुक्स, नवपल्लव बुक्स,  बोधरस प्रकाशन, आर्य प्रतिनिधि सभा, द इंटेलेक्चुअल्स, उ.प्र.साहित्य सभा, हिन्दी वांग्मय निधि, सत्य मार्ग प्रकाशन, गायत्री ज्ञान मंदिर, हेल्थ केयर सिस्टम्स  व देवेंद्र बुक के स्टाल होंगे। 

पुस्तक पर कम से कम 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी

बच्चों के लिये कहानी सत्र बनाए गए हैं। इनमें कई तरह की प्रतियोगिताएँ कराई जाएंगी। स्थानीय लेखकों की पुस्तकों का एक अलग स्टाल बनाया जा रहा है। इनमें उनकी पुस्तकें दिखेंगी। मेलाा का समय सुबह 11 बजे रखा गया है। यह रात नौ बजे तक खुला रहेगा। इस मेले में खरीदी गई हर पुस्तक पर छूट की व्यवस्था है। आयोजक अभी 10 प्रतिशत की छूट की बात कह रहे हैैं।

पिछले मेलों की उपलब्धियां गिनाते हुए संयोजक चंदेल ने बताया कि वर्षों से  उत्तर भारत के सबसे प्रतीक्षित साहित्यिक आयोजनों में से एक इस वार्षिक पुस्तक मेला आयोजन का उद्देश्य पठन संस्कृति को बढ़ावा देना और प्रकाशकों व लेखकों को अपने कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करना है। पुस्तक मेले के सहयोगी संस्थान यूपी मेट्रो, रेडियोसिटी, ओरिजिंस, किरण फाउंडेशन, ज्वाइन हैंड्स फाउंडेशन, लोकआंगन, विश्वम् फाउंडेशन्स, विजय स्टूडियो, गोल्डेन ग्रास और कविता किस्से कहानियां हैं।  हम हर प्रकार के पाठकों की रुचियों को ध्यान में रखते हुए देश भर से प्रकाशनों को एकत्र कर रहे हैं।

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