Suzlon Energy Q2 Results : विंड टर्बाइन निर्माता कंपनी सुजलॉन एनर्जी ने चालू वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के परिणामों से बाजार को चौंका दिया। इस तिमाही में कंपनी का मुनाफा 6 गुना बढ़कर 1,279 करोड़ रूपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल के 200.60 करोड रूपये़ से कहीं ज्यादा है। इसके अलावा, कंपनी के रेवेन्यू में भी 84 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी देखी जा रही है। ये शानदार नतीजे सुजलॉन के शेयरों के लिए गेम चेंजर साबित हुए, और जैसे ही ये नतीजे आए, कंपनी के शेयर रॉकेट की तरह उड़ने लगे।
सितंबर 2025 तिमाही में सुजलॉन एनर्जी का कंसालिडेटेड शुद्ध मुनाफा 1,279.44 करोड़ रूपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल से 537.81 फीसदी अधिक है। हालांकि, इस वृद्धि को 718.18 करोड़ रूपये के टैक्स राइट बैक से सपोर्ट मिला, लेकिन यहां तक कि इस राशि को अलग करने पर भी कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 100 फीसदी से अधिक बढ़ा। इस दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 2,103.38 करोड़ रूपये से बढ़कर 3,870.78 करोड़ रूपये तक पहुंच गया, जो 84 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है।
ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी शानदार उछाल आया और 293.4 करोड रूपये़ से यह 720 करोड़ रूपये तक पहुंच गया। इसके साथ ही ऑपरेटिंग मार्जिन 18.6 फीसदी तक बढ़ा, जो कि 460 बेसिस प्वाइंट्स का इज़ाफा है। सुजलॉन के कोर विंड टर्बाइन जेनेरेटर सेगमेंट का रेवेन्यू 1,507 करोड़ रूपये से बढ़कर 3,241 करोड़ रूपये हो गया। इसके अलावा, फाउंड्री और फॉर्जिंग्स बिजनेस का रेवेन्यू 83 करोड़ रूपये से बढ़कर 121 करोड़ रूपये तक पहुंच गया। सुजलॉन की ’ऑर्डर बुक’ भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जो अब 6.2 गीगावाट तक पहुंच गई है। सितंबर तिमाही में कंपनी ने 565 मेगावाट की डिलीवरी की, जो कि एक रिकॉर्ड है। इसके साथ ही कंपनी का नेट कैश पोजिशन 1,480 करोड रूपये ़ तक पहुंच गया, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
सुजलॉन ग्रुप के वाइस चेयरमैन गिरीश तांती ने कहा कि कंपनी के प्रोजेक्ट डेवलपमेंट और एग्जीक्यूशन को अलग-अलग करने की रणनीति से भविष्य में एग्जीक्यूशन वॉल्यूम में और तेजी आएगी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि 2047 तक कंपनी को 400 गीगावाट की लॉन्ग टर्म विजिबिलिटी दिख रही है। सुजलॉन के सीईओ जेपी चलसानी ने बताया कि भारतीय विंड मार्केट काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस वित्त वर्ष में 6 गीगावाट तक इंस्टॉलेशन पहुंच सकता है, जबकि अगले वित्त वर्ष में यह 8 गीगावाट तक पहुंच सकता है। उनका मानना है कि कंपनी अपनी ग्रोथ को टिकाऊ रखेगी।
सुजलॉन के शेयरों की कीमत पिछले एक साल में काफी उतार-चढ़ाव से गुजरी है। 7 अप्रैल 2025 को कंपनी के शेयर 46.00 रूपये के स्तर पर थे, जो इसके लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर था। लेकिन इसके बाद, मात्र दो महीने में, 30 मई 2025 को कंपनी के शेयर 74.30 रूपये तक पहुंच गए, जो कि इसके एक साल का रिकॉर्ड हाई था। आज, बीएसई पर सुजलॉन के शेयर 60.00 रूपये पर बंद हुए, जो 1.28 फीसदी की बढ़त दर्शाता है। इंट्रा डे में यह 61.39 रूपये के स्तर तक भी पहुंचे, जो एक सकारात्मक संकेत है कि कंपनी के शेयरों में आने वाले दिनों में और मजबूती आ सकती है।
अन्य प्रमुख खबरें
SBI कर्मचारियों द्वारा हड़ताल, 5 दिन प्रभावित रहेंगे बैंक के काम
वैश्विक तनाव के बीच सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव, सीमित दायरे में हो रहा कारोबार
सिद्धार्थनगर में डीजल के लिए हाहाकार भीषण गर्मी में डेढ़ किलोमीटर लंबी कतार
डीआरआई का तस्करों पर डिजिटल स्ट्राइक: 120 करोड़ की 3 लाख ई-सिगरेट जब्त, कई राज्यों में छापेमारी
विदेशी मुद्रा भंडार से बढ़ी RBI की ताकत, सरकार को मिल सकते हैं रिकॉर्ड 3.5 लाख करोड़ रुपए
भारत की चाय ने दुनिया में बजाया डंका, 12 वर्षों में निर्यात 93% बढ़ा, महिलाएं बन रहीं सशक्त
वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में शानदार शुरुआत, सेंसेक्स 75,500 के पार, निवेशकों का बढ़ा भरोसा
वड़ा पाव लवर्स को महंगाई का बड़ा झटका, 20 से 25 रुपये हुआ दाम
यूएन की नई रिपोर्ट से बढ़ी चिंता: 2026 में भारत की जीडीपी ग्रोथ घटकर 6.4% रहने का अनुमान