नई दिल्लीः मुद्रा बाजार में डॉलर की मांग बढ़ने और जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले को लेकर बने निगेटिव सेंटिमेंट्स के कारण बुधवार को रुपया डॉलर की तुलना में 21 पैसे कमजोर हो गया। एक डॉलर के मुकाबले रुपया 85.42 के स्तर पर बंद हुआ। मुद्रा बाजार में भारतीय मुद्रा यानी रुपया करोबार के दौरान 32 पैसे तक कमजोर हो गया था, लेकिन विदेशी निवेशकों की तरफ से की गई खरीदारी के कारण डॉलर की आवक बढ़ी और रुपया 11 पैसे की रिकवरी करने में सफल रहा। कारोबारी सत्र समाप्ति तक भारतीय मुद्रा 85.21 रुपये प्रति डॉलर थी।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से 11 पैसे की हुई रिकवरी
भारतीय मुद्रा ने बुधवार 23 अप्रैल को मार्केट खुलने के साथ ही डॉलर के मुकाबले 5 पैसे की कमजोरी के साथ 85.26 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की। डॉलर की मांग बढ़ने पर रुपया 32 पैसे की गिरावट के साथ 85.53 के स्तर तक आ गया, लेकिन इसके बाद शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने जमकर खरीदारी की तो डॉलर की आवक बढ़ गई। तब भारतीय रुपया कारोबारी दिन में अपने निचले स्तर से 11 पैसे की रिकवरी करने में सफल हो गया।
गौरतलब है कि भारतीय मुद्रा रुपये ने डॉलर के साथ ही दूसरी प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय मुद्राओं के मुकाबले भी मजबूती हासिल की है। इसमें ब्रिटिश पौंड की तुलना में रुपया 10 पैसे की मजबूती के साथ 113.80 पर और यूरो की तुलना में 35 पैसे की मजबूती के साथ 97.53 के स्तर पर पहुंच गया।
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