लखनऊ, देश की जीडीपी में तेज वृद्धि के कारण सामने आए हैं। इन कारणों में मई में देश में कंपनियों और एलएलपी के रजिस्ट्रेशन में 37 प्रतिशत तक वृद्धि शामिल है। सरकारी आंकड़ों में बताया गया कि मई में सालाना आधार पर कंपनियों के पंजीकरण में 29 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। इसके साथ ही लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप में 37 प्रतिशत बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। एक जानकारी के अनुसार, जीडीपी में तेज वृद्धि के कारण देश में कई नई कंपनियों का रूझान बढ़ा है। देश में विकास के मसले पर कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय का डेटा भी कुछ ऐसा ही बता रहा है।
इसमें ओवरसीज यूनिट्स समेत मई में 20,720 कंपनियों का रजिस्ट्रेशन हुआ था। एक साल पहले समान अवधि में आंकड़ा 16,081 था। जीडीपी ग्रोथ में मई काफी खास था। इसमें कंपनियों के पंजीकरण में ज्यादा वृद्धि हुई है। यह साल का पांचवां महीना था। मई में ही 7,487 एलएलपी का पंजीकरण हुआ है। पिछले साल की संख्या 5,464 थी। देश की जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में बढ़ गई। यह आंकड़ा बदला तो 7.4 प्रतिशत पहुंच गए।
वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में बदलाव रहा, जिसमें 6.2 प्रतिशत की वृद्धि का आंकड़ा दिया गया। जो कंपनियां देश में काम के लिए आकर्षित हुई हैं, यह ज्यादातर निर्यात करने वाली हैं। ऐसा वित्त वर्ष 25 में सर्विसेज निर्यात सालाना आधार पर 13.6 प्रतिशत बढ़कर 387.5 अरब डॉलर तक प्रभावित हुआ है। इसका सीधा असर यह रहा कि निर्यात 437 अरब डॉलर के करीब रहा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष पर एक सर्वे ने माना है कि 2025 में भारत की जीडीपी बढ़कर 4,187.017 अरब डॉलर हो जाएगी। जापान में यह आंकड़ा 4,186.431 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।
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